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तालिबान के हाथ से छूट रहा अफगानिस्तान का कंट्रोल, इस्लामिक स्टेट ने हर प्रांत में जमाए पैर

तालिबान के हाथ से छूट रहा अफगानिस्तान का कंट्रोल, इस्लामिक स्टेट ने हर प्रांत में जमाए पैर

इस्लामिक स्टेट खोरासान ने अफगानिस्तान के हर कोने में अपना नेटवर्क फैला लिया है.  (फाइल फोटो)

इस्लामिक स्टेट खोरासान ने अफगानिस्तान के हर कोने में अपना नेटवर्क फैला लिया है. (फाइल फोटो)

IS vs Taliban in Afghanistan: अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र के दूत डेबोराह लियोन्स ने कहा है कि अफगानिस्तान में इस्लामिक स्टेट का प्रभाव बढ़ता जा रहा है और आतंकी संगठन की पैठ हर प्रांत में हो चुकी है. लियोन्स ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से कहा है कि इस्लामिक स्टेट को दबाने के लिए तालिबान इस वक्त हत्याओं और अवैध गिरफ्तारियों का सहारा ले रहा है. पूरे घटनाक्रम में नकारात्मक बात ये है कि तालिबान किसी भी रूप में इस्लामिक स्टेट के प्रसार को रोक नहीं पा रहा है.

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    काबुल. अफगानिस्तान (Afghanistan) की सत्ता पर काबिज हुए अभी तालिबान (Taliban) को कुछ ही महीने हुए हैं लेकिन उसकी मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं. एक तरफ वैश्विक देश उसे मान्यता देने को तैयार नहीं है तो दूसरी इस्लामिक स्टेट खोरासान देश में अपना प्रभाव बढ़ाता जा रहा है. अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र के दूत डेबोराह लियोन्स ने कहा है कि देश में इस्लामिक स्टेट का प्रभाव बढ़ता जा रहा है और आतंकी संगठन की पैठ हर प्रांत में हो चुकी है.

    लियोन्स ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) से कहा है कि इस्लामिक स्टेट को दबाने के लिए तालिबान इस वक्त हत्याओं और अवैध गिरफ्तारियों का सहारा ले रहा है. लियोन्स ने कहा-पूरे घटनाक्रम में नकारात्मक बात ये है कि तालिबान किसी भी रूप में इस्लामिक स्टेट के प्रसार को रोक नहीं पा रहा है. हाल के समय तक इस्लामिक स्टेट अफगानिस्तान के केवल कुछ प्रांतों तक ही सीमित था लेकिन अब हर प्रांत में उसकी पहुंच बन चुकी है. इतना ही नहीं इस्लामिक स्टेट लगातार अपना प्रभाव बढ़ा रहा है.

    पाकिस्तान को बड़ा खतरा, ‘टारगेट नंबर 1’ बता चुका है इस्लामिक स्टेट
    IS के अफगानिस्तान में बढ़ते प्रभाव को पाकिस्तान के लिए भी खतरा माना जा रहा है. दरअसल पाकिस्तान द्वारा तालिबान को दी गई मदद की वजह से इस्लामिक स्टेट बुरी तरह नाराज है और पाकिस्तान को मुख्य निशाना मानता है. ऐसे में अगर IS का प्रभाव अफगानिस्तान में बढ़ा तो सीधा प्रभाव पड़ोसी पाकिस्तान पर पड़ सकता है. रिपोर्ट्स के अनुसार, ISIS-K के सदस्य नजीफुल्लाह ने अफगानिस्तान में जो कुछ भी हो रहा है, उसके लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया था. वो पाकिस्तान को अपना पहला टारगेट मानता है.

    ये भी पढ़ें: Exclusive: पाकिस्तान में सरकार और सेना के बीच तकरार तेज, इमरान खान की PM पद से छुट्टी तय

    वायुसेना बनाने की तैयारी में तालिबान
    कुछ दिनों पहले खबर आई थी कि आईएसआईएस का सामना करने के लिए तालिबान ने अपनी वायुसेना बनाने का फैसला लिया है. काबुल के मुख्य सैन्य अस्पताल सरदार दाऊद खान पर संदिग्ध आईएसआईएस-के ने हमला किया था. हमले के बाद तालिबान ने अस्पताल की छत पर अमेरिका ब्लैक हॉक सहित तालिबान के तीन हेलीकॉप्टरों तैनात किया था.

    तालिबान के डर से IS ज्वाइन कर रहे हैं पूर्ववर्ती सरकार के जासूस
    अफगानिस्तान की पूर्ववर्ती सरकार के खुफिया सदस्य तालिबान से लड़ने के लिए इस्लामिक स्टेट का हिस्सा बन रहे हैं. वॉल स्ट्रीट जनरल की रिपोर्ट में इसकी जानकारी दी गई थी. रिपोर्ट में कहा गया था कि अफगानिस्तान में पिछली सरकार के खुफिया निकाय के सदस्य अब तालिबान से बचने और उसका विरोध करने के लिए ISIS-K से जुड़ रहे हैं.

    Tags: Afghanistan, Afghanistan vs Pakistan, Islamic state, Taliban

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