इजरायल और यूएई के बीच ऐतिहासिक शांति समझौता, खुद ट्रंप ने किया ऐलान

फाइल फोटो.

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इजरायल और यूएई (Israel And UAE) ने सालों से चली आ रही दुश्मनी को भुलाकर ऐतिहासिक शांति समझौते पर दस्तखत किया है. इस डील को मुकाम तक पहुंचाने में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.

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  • Last Updated: August 13, 2020, 10:48 PM IST
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दुबई. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने गुरुवार को इजरायल और यूएई (Israel And UAE) के बीच ऐतिहासिक शांति समझौते का ऐलान किया. उन्होंने कहा, दोनों देश पूर्ण राजनयिक संबंध बनाने के लिए सहमत हुए हैं. इस समझौते के बाद यूएई अरब देशों में पहला मुल्क बन गया है, जिसने इजरायल के साथ राजनयिक संबंध स्थापित किए हैं. वाइट हाउस ने जानकारी दी है कि इस समझौते के कारण इजरायल ने वेस्ट बैंक इलाके में कब्जा करने की योजना को टाल दिया है. बताया गया कि इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, अबुधाबी के क्राउन प्रिंस शेख मोहम्मद बिन जायद और डोनाल्ड ट्रंप के बीच गुरुवार को फोन पर हुई चर्चा के बाद इस समझौते की मंजूरी दी गई है.

बयान में कहा गया है कि इजरायल और संयुक्त अरब अमीरात के प्रतिनिधिमंडल आने वाले हफ्तों में निवेश, पर्यटन, सीधी उड़ान, सुरक्षा, दूरसंचार और अन्य मुद्दों पर द्विपक्षीय समझौतों पर हस्ताक्षर करेंगे. दोनों देशों से जल्द ही राजदूतों और दूतावासों के आदान-प्रदान की उम्मीद की जा रही है. इसके अलावा दोनों देश अबुधाबी से तेल अवीव तक फ्लाइट की शुरुआत भी करेंगे. जिससे यूएई के मुसलमान यरुशलम के ओल्ड सिटी में अल-अक्सा मस्जिद जा सकेंगे. इजरायल और यूएई कोरोना वायरस की वैक्सीन के क्षेत्र में भी मिलकर काम करेंगे. वहीं इजरायल वेस्ट बैंक इलाके में कब्जे की कार्रवाई पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाएगा.





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इजरायल-यूएई डील का असर
इजरायल और यूएई के बीच हुए ऐतिहासिक शांति समझौते से दुनियाभर के मुस्लिम देशों में न केवल इजरायल की स्वीकार्यता बढ़ेगी. बल्कि, इजरायल की सुरक्षा और स्थिरता को भी इससे लाभ पहुंचेगा. मध्य-पूर्व के देशों के साथ इजरायल बहुत पहले से संबंधों को सुधारने के लिए काम कर रहा था. इस समझौते से ईरान, चीन और पाकिस्तान को तगड़ा झटका लगा है क्योंकि ईरान और पाकिस्तान ने सीधे तौर पर ईजरायल को न तो मान्यता दी है और न ही कोई राजनयिक संबंध रखे हैं. वहीं, चीन को झटका इसलिए है क्योंकि मध्यपूर्व के देशों में उसकी मजबूत होती पकड़ को तगड़ा झटका लगा है.
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