इजरायल-फिलिस्तीन जंग: ग़ज़ा पर हमले को लेकर फिर अमेरिका पर बरसा चीन

ग़ज़ा पर इजरायल का हवाई हमला. (एएफपी फाइल फोटो)

ग़ज़ा पर इजरायल का हवाई हमला. (एएफपी फाइल फोटो)

Israel Attack Gaza: चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियन ने कहा कि इजरायल को संयम से काम लेते हुए संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों का प्रभावी तरीक़े से पालन करना चाहिए.

  • ए पी
  • Last Updated: May 17, 2021, 6:20 PM IST
  • Share this:

बीजिंग. चीन ने सोमवार को अमेरिका के सामने फिर से यह मांग रखी है कि वह ग़ज़ा में संघर्ष समाप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करे और यहां रक्तपात को समाप्त करने संबंधी प्रयासों को संयुक्त राष्ट्र में अवरुद्ध करना बंद करे.


विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियन ने सुरक्षा परिषद के बारी-बारी से बनने वाले प्रमुख (रोटेटिंग हेड) के तौर पर संघर्ष विराम की अपील की तथा मानवीय सहायता समेत अन्य प्रस्ताव रखे. उन्होंने कहा कि ‘एक देश के’ बाधा डालने की वजह से परिषद एक आवाज में अपनी बात नहीं रख पा रहा है.


Israel-Palestine Clash: संयुक्त राष्ट्र में भारत ने कहा, इजरायल-फिलिस्तीन तत्‍काल कम करें तनाव


झाओ ने दैनिक सम्मेलन के दौरान कहा कि वह अमेरिका से उचित जिम्मेदारी उठाने और इस मुद्दे पर निष्पक्ष रुख रखने, स्थिति को शांत कराने तथा राजनीतिक समाधान हासिल होने की विश्वास बहाली में परिषद का समर्थन करे और निष्पक्ष रुख रखे. झाओ ने कहा कि चीन नागरिकों के खिलाफ ‘हिंसा’ की कड़ी निंदा करता है और हवाई हमले, जमीनी हमले, रॉकेट दागने या स्थिति को और भी बुरे हालात में पहुंचाने जैसे कदमों को रोकने की माँग करता है.


फिलिस्तीन के विदेश मंत्री ने इजरायल पर लगाया ‘युद्ध अपराध’ का आरोप, UNSC से की ये अपील


झाओ ने कहा कि इजरायल को संयम से काम लेते हुए संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों का प्रभावी तरीक़े से पालन करना चाहिए और फिलिस्तीन के लोगों के घरों को ध्वस्त करना और उन्हें उनके घर से निकालना तथा अपनी बस्तियों के विस्तार देने के कार्यक्रमों को रोकना चाहिए तथा मुसलमानों के खिलाफ हिंसा और उकसावे को रोककर वह यरुशलम के एक धार्मिक स्थल के ऐतिहासिक महत्व का सम्मान करे.





इजरायल और फिलिस्तीन के मुद्दे पर अमेरिका द्वारा प्रभावी कदम उठाने के लिए राष्ट्रपति जो बाइडन नीत अमेरिकी प्रशासन से कई तरह की माँगे उठी हैं. अब तक इजरायल के करीबी सहयोगी अमेरिका दरअसल चीन, नॉर्वे और ट्यूनिशिया द्वारा इस मुद्दे पर सुरक्षा परिषद द्वारा बयान जारी करवाने की कोशिश की राह में बाधा डाले हुए है. इस माँग में संघर्ष की समाप्ति की भी माँग शामिल है.

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज