इजराइल-हमास संघर्षः नेतन्याहू ने कही भारी कीमत वसूलने की बात, सऊदी अरब ने 57 मुस्लिम देशों की बुलाई बैठक

इजरायली हमले में हमास और इस्लामिक जिहाद उग्रवादी समूह ने 20 लोगों के मारे जाने की पुष्टि की है. फोटो सौ. (AFP)

इजरायली हमले में हमास और इस्लामिक जिहाद उग्रवादी समूह ने 20 लोगों के मारे जाने की पुष्टि की है. फोटो सौ. (AFP)

Israel-Palestine conflict: इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने लड़ाई जारी रखने का आह्वान करते हुए एक बयान में कहा, 'मैंने कहा था कि हमास से बहुत भारी कीमत वसूल करेंगे.'

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गाजा सिटी. इजराइल और हमास के बीच युद्ध की आशंका बढ़ती जा रही है. इस्लामिक उग्रवादी संगठन हमास से लड़ने के लिए इजराइल ने गाजा सीमा पर बड़ी संख्या में सैनिकों को भेजा है और 9,000 सैनिकों को तैयार रहने को कहा है. गाजा पर हमास का कब्जा है. इस बीच मुस्लिम देशों के संगठन "ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक को-ऑपरेशन" ने 16 मई को 57 सदस्यों देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक बुलाई है. ओआईसी ने ट्वीट कर कहा कि ये बैठक सऊदी अरब के अनुरोध पर बुलाई गई है.

इससे पहले इजराइल ने उत्तरी गाजा में उग्रवादी सुरंगों के व्यापक जाल को नष्ट करने की कवायद में शुक्रवार तड़के अपने तोपखाने से भारी गोलाबारी की, जिसके बाद कई फलस्तीनियों ने अपने बच्चों और सामान के साथ यह इलाका छोड़ दिया. हमले में एक ही परिवार के छह सदस्य अपने घर में मारे गए. फलस्तीनी उग्रवादियों ने करीब 1,800 रॉकेट दागे और सेना ने 600 से अधिक हवाई हमले किए जिसमें कम से कम तीन इमारतें ध्वस्त हो गईं.

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संघर्ष विराम के प्रयासों के बावजूद इजराइल और हमास के बीच युद्ध की आशंका बढ़ती जा रही है. इजराइल में चौथी रात भी साम्प्रदायिक हिंसा होने के बाद लड़ाई और तेज हो गई. यहूदी और अरब समूहों में लॉड शहर में झड़पें हुई. पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने के आदेश देने के बावजूद झड़पें हुईं. गाजा शहर के बाहरी इलाकों में विस्फोटों के कारण आसमान में धुएं का गुबार देखा गया.

"यरुशलम को बचाने का दावा"
उत्तरी गाजा पट्टी में रफात तनानी, उनकी गर्भवती पत्नी और चार बच्चे इजराइल के हमले में मारे गए. रफात के भाई फादी ने बताया कि जब हमला हुआ तब रफात और उनका परिवार सोने जा रहा था. हमले में इमारत के मालिक और उनकी पत्नी की भी जान चली गई. यह लड़ाई सोमवार को शुरू हुई जब यरुशलम को बचाने का दावा करने वाले हमास ने लंबी दूरी के रॉकेट दागने शुरू किए. इजराइल ने जवाबी कार्रवाई करते हुए कई हवाई हमले किए.

तब से इजराइल ने गाजा में सैकड़ों ठिकानों को निशाना बनाया है. गाजा उग्रवादियों ने इजराइल में करीब 2,000 रॉकेट दागे, जिससे देश के दक्षिण क्षेत्र में जनजीवन ठप हो गया. तेल अवीव शहर को निशाना बनाते हुए भी कई रॉकेट दागे गए. गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि हमलों में 119 लोग मारे गए जिनमें 31 बच्चे और 19 महिलाएं शामिल हैं जबकि 830 लोग घायल हो गए.

20 मरे, हमास ने माना



हमास और इस्लामिक जिहाद उग्रवादी समूह ने 20 लोगों के मारे जाने की पुष्टि की है. हालांकि इजराइल ने कहा कि संख्या इससे कहीं अधिक है. इजराइल में सात लोगों की मौत हो गई जिनमें छह साल का लड़का और एक सैनिक शामिल हैं. गाजा सिटी के बाहरी हिस्से में, इजराइल के साथ लगने वाली उत्तरी और पूर्वी सीमा के करीब रह रहे कई फलस्तीनी शुक्रवार को गोलाबारी और बम हमलों के कारण अपने बच्चों और सामान को लेकर वहां से चले गए. शहर में ये लोग ट्रकों में बैठ कर, पैदल या अन्य पशुओं पर बैठ कर, संयुक्त राष्ट्र द्वारा संचालित स्कूलों में पहुंचे.

नेतन्याहू ने दी चेतावनी

कुल 13 बच्चों सहित अपने परिवार के 19 सदस्यों के साथ यहां पहुंची हेदैया मारूफ ने कहा ‘‘हम तो रात को निकलने वाले थे, लेकिन इजराइली विमानों की बमबारी की वजह से हमें सुबह का इंतजार करना पड़ा. बच्चे बहुत घबरा गए और चीख रहे थे. हमें उनके लिए डर लग रहा था.’’ इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने लड़ाई जारी रखने का आह्वान करते हुए एक बयान में कहा, ‘‘मैंने कहा था कि हमास से बहुत भारी कीमत वसूल करेंगे. हम यही कर रहे हैं और भारी बल के साथ यही करते रहेंगे.’’

हमास भी पीछे हटने को तैयार नहीं

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा कि उन्होंने लड़ाई खत्म करने को लेकर नेतन्याहू से बात की है, लेकिन साथ ही इजराइली नेता का समर्थन भी किया. हमास ने भी पीछे हटने का कोई संकेत नहीं दिया है. उसने दिन भर कई रॉकेट दागे. हमास ने कहा कि उसने गाजा से सबसे शक्तिशाली रॉकेट अयाश दागे. उसने दो ड्रोन भी छोड़े जिसे इजराइल ने फौरन मार गिराया.

हमास के सैन्य प्रवक्ता अबू उबेदा ने कहा कि उनका समूह जमीनी आक्रमण से डरा नहीं है. उन्होंने कहा कि किसी भी आक्रमण से सैनिकों को मारने या बंधक बनाने की आशंका बढ़ेगी. यह संघर्ष ऐसे वक्त चल रहा है जब मुस्लिमों के लिए रमजान का पवित्र महीना खत्म होने के बाद ईद मनायी जा रही है.

एक महीने पहले शुरू हुआ हिंसा का दौर

हिंसा का यह दौर एक महीने पहले यरुशलम में शुरू हुआ जहां रमजान के पवित्र महीने के दौरान हथियारों से लैस इजराइली पुलिस तैनात रही, यहूदी शरणार्थियों द्वारा दर्जनों फलस्तीनी परिवारों को निर्वासित करने के खतरे ने प्रदर्शनों को हवा दी और पुलिस के साथ झड़पें हुई. अल अक्सा मस्जिद में पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और प्रदर्शनकारियों पर ग्रेनेड फेंके.

यहूदी-अरब हिंसा को जन्म

इस लड़ाई ने इजराइल में दशकों बाद भयावह यहूदी-अरब हिंसा को जन्म दिया है. इजराइली मीडिया ने बताया कि दूसरे यहूदी व्यक्ति को गोली मार दी गई. तेल अवीव के पास जाफा में अरब लोगों के समूह ने एक इजराइली सैनिक पर हमला कर दिया और उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया.


पुलिस प्रवक्ता मिक्की रोसेनफेल्ड ने कहा कि इस हफ्ते की शुरुआत में साम्प्रदायिक हिंसा शुरु होने के बाद से करीब 750 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है. उन्होंने बताया कि लॉड और तेल अवीव में पुलिस की लोगों से रात भर झड़प होती रही.

इनपुट- PTI

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