इजरायल ने नई सरकार बनने के तीसरे दिन तोड़ा सीजफायर, गज़ा पट्टी पर किए हवाई हमले

इजरायल ने गज़ा के दक्षिणी इलाके में हमला बोला (Photo by Mahmud hams / AFP)

Israel-Gaza News Update: दक्षिणी गाजा पट्टी स्थित खान यूनुस में इजरायली सेना ने फिलिस्तीनी एन्क्लेव पर गोलाबारी की.

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    गज़ा. फिलिस्तीनी क्षेत्र (Palestinian territory) से चरमपंथियों द्वारा दक्षिणी इज़रायल (south Israel) में आग लगाने वाले गुब्बारे भेजे जाने के बाद इजरायली वायु सेना ने बुधवार तड़के गज़ा पट्टी पर हवाई हमले शुरू कर दिए. पुलिस और सेना ने कहा कि गुब्बारे भेजे जाने के बाद किए गए हवाई हमले, गज़ा और इजरायल के बीच हुए युद्ध विराम के बीच हुए हैं. बता दें कि 21 मई को दोनों पक्षों ने सीजफायर का ऐलान किया था.

    फिलिस्तीनी सूत्रों के अनुसार इजरायल की वायु सेना ने गज़ा शहर के दक्षिणी हिस्से में स्थित खान यूनुस के पूर्व में एक साइट को निशाना बनाया. खान यूनुस में एएफपी के एक फोटो जर्नलिस्ट ने इन धमाकों को देखा. उधर, इजरायली डिफेंस फोर्स ने कहा कि 'आग वाले गुब्बारों' के जवाब में 'लड़ाकू विमानों ने चरमपंथी संगठन हमास से संबंधित सैन्य परिसरों पर हमला किया.'

    बयान में कहा गया- 'खान यूनुस में 'चरमपंथियों की बैठक वाली जगहों' को निशाना बनाया गया.'  12 साल सत्ता में रहने के बाद प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के पद से हटने के बाद रविवार रात को नई गठबंधन सरकार बनी. नई सरकार में बुधवार को गज़ा के खिलाफ पहली स्ट्राइक हुई. आग लगाने वाले गुब्बारों के बारे में इजरायल के दमकल अधिकारियों ने कहा कि इसकी वजह से दक्षिणी इज़राइल में लगभग 20 जगह आग लग गई.

     इजरायली के धुर राष्ट्रवादियों ने ताकत का प्रदर्शन किया
    दरअसल सैकड़ों की संख्या में इजरायली के धुर राष्ट्रवादियों ने ताकत का प्रदर्शन करने के लिए मंगलवार को पूर्वी यरूशलम में परेड की थी. इस घटनाक्रम के कारण गज़ा पट्टी में हमास आतंकवादियों के साथ युद्ध विराम के महज कुछ ही सप्ताह बाद नये सिरे से हिंसा भड़कने का खतरा पैदा हो गया है. वहीं, गज़ा में फिलस्तीनियों ने गुब्बारे छोड़ कर इसका जवाब दिया. उनकी इस गतिविधि से दक्षिणी इजरायली में कम से कम 10 स्थानों पर आग लग गई. यह मार्च इजरायली की नयी सरकार के लिए तथा इजरायल और हमास के बीच 11 दिनों के युद्ध को खत्म करने वाली पिछले महीने की संधि के लिए एक परीक्षा साबित होगी.

    फिलस्तीनी इस मार्च को उकसावे वाली हरकत मान रहे हैं. हमास ने फलस्तीनियों से इस मार्च का प्रतिरोध करने की अपील की है. संगीत की धुन के साथ सैकड़ों की संख्या में यहूदी राष्ट्रवादी दमिश्क गेट के सामने बढ़ने से पहले सैकड़ों मीटर तक एकत्र हुए. उनमें से कई के हाथों में इजरायली झंडे थे और वे नाच रहे थे तथा धार्मिक गीत गा रहे थे. हालांकि, इस बार की भीड़ पिछले महीने की परेड की तुलना में काफी कम नजर आई.

    मार्च से पहले इजरायली पुलिस ने दमिश्क गेट के सामने के इलाके को खाली कराया, यातायात बंद कर दिया, दुकानों को बंद करने का आदेश दिया और युवा फिलस्तीनी प्रदर्शनकारियों को वहां से भगा दिया. पुलिस ने बताया कि हिंसा में संलिप्तता के आरोप में 17 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से कुछ ने पुलिस पर हमला किया था और दो पुलिस अधिकारियों का उपचार कराना पड़ा. वहीं, फलस्तीनियों ने कहा कि पुलिस के साथ झड़पों में पांच लोग घायल हो गये.

    इस परेड ने इजरायली के नये प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट के लिए एक शुरूआती चुनौती पेश कर दी है. बेनेट एक कट्टरपंथी इजरायली राष्ट्रवादी हैं. इजरायली गठबंधन में शामिल होने वाले अरब गुट के पहले राजनीतिक दल राम पार्टी के नेता मंसूर अब्बास ने कहा कि मार्च राजनीतिक लक्ष्यों के लिए क्षेत्र में आग लगाने की कोशिश है. फिलस्तीनी प्राधिकार के प्रधानमंत्री मोहम्मद शतायेह ने मार्च को फलस्तीन के लोगों के खिलाफ आक्रमण करार दिया है. इजरायली मीडिया की खबरों के मुताबिक, सेना को कब्जे वाले पश्चिमी तट पर और गज़ा सीमांत क्षेत्र में अलर्ट पर रखा गया है.

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