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Whatsapp के जरिए पत्रकारों, ह्यमूनराइटस एक्टिविस्ट्स की जासूसी कर रही थी इस्राइल की कंपनी

भाषा
Updated: October 31, 2019, 12:48 PM IST
Whatsapp के जरिए पत्रकारों, ह्यमूनराइटस एक्टिविस्ट्स की जासूसी कर रही थी इस्राइल की कंपनी
यह साइबर हमले इस साल मई में हुए.

आरोप है कि इस्राइली कंपनी पूरी दुनिया से व्हॉट्सऐप (Whats app ) के जरिए कई लोगों का फोन हैक करने की कोशिश. हैकर्स का निशाना पत्रकार, राजनेता और मानवाधिकार कार्यकर्ता थे.

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सैन फ्रांसिस्को. व्हॉट्सऐप (Whats app) ने इस्राइल (Israel) की प्रोद्यौगिकी कंपनी एनएसओ समूह पर आरोप लगाया है कि वह फेसबुक के स्वामित्व वाली मैसेजिंग सेवा के जरिए पत्रकारों, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और अन्य की साइबर जासूसी कर रही है. व्हाट्सऐप ने इसके साथ ही कंपनी पर मुकदमा दायर दिया है.

वाद कैलिफोर्निया की संघीय अदालत में दायर किया गया है. इसमें कहा गया है कि एनएसओ समूह ने मैसेजिंग ऐप का इस्तेमाल करने वालों के करीब 1,400 उपकरणों को संक्रमित कर महत्वपूर्ण जानकारी चुराने का प्रयास किया.

व्हॉट्सऐप चीफ ने क्या कहा? 
व्हॉट्सऐप के प्रमुख विल कैथकार्ट ने कहा कि साइबर हमले की जांच में इस्राइल की कंपनी की भूमिका सामने आने के बाद यह मुकदमा दायर किया गया है.

हालांकि, कंपनी ने इस आरोप का खंडन किया है. कैथकार्ट ने ट्विटर पर लिखा, ‘एनएसओ समूह का दावा है कि वह सरकारों के लिए पूरी जिम्मेदारी से काम करते हैं, लेकिन हमने पाया कि बीते मई माह में हुए साइबर हमले में 100 से अधिक मानवाधिकार कार्यकर्ता और पत्रकार जासूसी हमले के निशाने पर थे. यह दुरुपयोग बंद होना चाहिए ’

वाद में कहा गया कि एनएसओ का पेगासस नाम का सॉफ्टवेयर कुछ इस तरह बनाया गया है, जिससे एंड्रॉइड, आईओएस और ब्लैकबेरी ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करने वाले उपकरणों को हाइजैक किया जा सके.

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First published: October 31, 2019, 11:03 AM IST
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