बड़ा झटका! इस्लामिक स्टेट की 8454 करोड़ रुपए की 15 मीट्रिक टन ड्रग्स पकड़ी गयी

बड़ा झटका! इस्लामिक स्टेट की 8454 करोड़ रुपए की 15 मीट्रिक टन ड्रग्स पकड़ी गयी
इटली में पकड़ा गया दुनिया का सबसे बड़ा ड्रग्स कंसाइनमेंट

इटली (Italy) में पकड़ी गई इस एम्फीटेमाइंस ड्रग्स (Captagon Amphetamines drugs) की कीमत 8454 करोड़ रुपए (1.12 बिलियन डॉलर) है. पुलिस के मुताबिक ये ड्रग्स इस्लामिक स्टेट (Islamic State) आतंकवादियों ने तैयार की थी

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रोम. इटली (Italy) पुलिस ने छापा मारकर दुनिया में अब तक का सबसे बड़ा ड्रग कंसाइनमेंट पकड़ा है. पकड़ी गई इस एम्फीटेमाइंस ड्रग्स (Captagon Amphetamines drugs) की कीमत 8454 करोड़ रुपए (1.12 बिलियन डॉलर) है. पुलिस के मुताबिक ये ड्रग्स इस्लामिक स्टेट (Islamic State) आतंकवादियों ने तैयार की थी और इसके पैसे का इस्तेमाल दुनिया भर में आतंकवाद फैलाने के लिए किया जाने वाला था.

इटली पुलिस के मुताबिक, यह दुनिया का सबसे बड़ा ड्रग कंसाइमेंट है, जिसे पकड़ा गया है. इटली की जांच एजेंसी गुआर्डिया डी फिनांजा के मुताबिक, पुलिस ने सालेर्नो शहर में तीन शिपिंग कंटेनर्स को पकड़ा है. इसमें 8454 करोड़ रुपए कीमत की 8.4 करोड़ से ज्यादा एम्फीटेमाइंस की गोलियां थीं. पुलिस के मुताबिक इसका कुल वजन 15 मीट्रिक टन से से भी ज्यादा है. जांच एजेंसी के मुताबिक ड्रग्स को इतनी चालाकी से शिपिंग कंटेनर्स में छिपाया गया था कि ये आसानी से स्कैनर से बाख गयीं थीं. पुलिस के मुताबिक उन्हें ख़ुफ़िया सूत्रों से इसकी जानकारी मिली थी जिसके बाद छापा मारा गया.





IS की ड्रग्स बेच रहा इटली का माफिया
पुलिस ने बताया कि इस्लामिक स्टेट बड़ी मात्रा में ड्रग्स बना रहा है जबकि इटली का माफिया उसे बेचने का काम कर रहा है. आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट अपनी आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए धन जुटाने के लिए एम्फीटेमाइंस ड्रग बनाता है. पुलिस का मानना है कि ड्रग्स पूरे यूरोप में मौजूद अन्य आपराधिक समूहों को भेजे गए थे. पुलिस ने बताया कि कोरोनावायरस महामारी के चलते यूरोप में सिंथेटिक ड्रग्स का प्रोडक्शन और डिस्ट्रीब्यूशन बंद हो गया है. इस वजह से आपराधिक समूहों ने सीरिया का रुख किया है.

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पुलिस के मुताबिक इटली के कई माफिया परिवारों का फोन टेप कर उन्हें इस शिपमेंट के बारे में काफी पुख्ता जानकारी मिली थी. इस्लामिक स्टेट इस ड्रग्स को 'ड्रग ऑफ़ जिहाद' के नाम पर यूरोप में बेचता है. अमेरिका के ड्रग एनफ़ोर्समेंट डिपार्टमेंट (DEA) के मुताबिक सिंथेटिक ड्रग उत्पादन के मामले में इस्लामिक स्टेट सबसे बड़े उत्पादकों में से एक बन गया है. पुलिस छानबीन कर रही है कि ये ड्रग्स बेचने की जिम्मेदारी किन माफिया परिवारों ने ली थी.
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