कोरोना के खिलाफ लड़ाई के लिए विश्व में बटोरी प्रशंसा, अब न्यूजीलैंड की PM को क्यों कोस रहे लोग

न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री जेसिंडा अर्डर्न के फैसलों की आलोचना की जा रही है. (फाइल फोटो)

न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री जेसिंडा अर्डर्न के फैसलों की आलोचना की जा रही है. (फाइल फोटो)

बीते दिसंबर महीने में जब दुनिया के कई बड़े देश कोरोना (Covid-19) से बुरी तरह जूझ रहे थे तब न्यूजीलैंड (New Zealand) ने 'कोरोना मुक्ति' की घोषणा कर दी थी. लेकिन अब देश में कोविड-19 के मामले बढ़ रहे हैं. इसी को लेकर जेसिंडा अर्डर्न सरकार के कुछ फैसलों पर देश के लोगों में नाराजगी है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 26, 2021, 6:04 AM IST
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वेलिंगटन. न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री जेसिंडा अर्डर्न (Jacinda Ardern) कोरोना के खिलाफ लड़ाई को लेकर पूरी दुनिया में तारीफ बटोर चुकी हैं. बीते दिसंबर महीने में जब दुनिया के कई बड़े देश कोरोना से बुरी तरह जूझ रहे थे तब न्यूजीलैंड ने 'कोरोना मुक्ति' (Corona Free) की घोषणा कर दी थी. लेकिन अब देश में कोविड-19 के मामले बढ़ रहे हैं. इसी को लेकर जेसिंडा अर्डर्न सरकार के कुछ फैसलों से देश के लोगों में जबरदस्त नाराजगी है. दरअसल देश की सरकार ने अब बाहर से लौटने वाले वाले अपने अस्थाई नागरिकों के लिए आइसोलेशन-क्वारंटाइन सेंटर की फीस बढ़ा दी है. इन सेंटर्स को न्यूजीलैंड में मैनेज्ड आइसोलेशन ऑर क्वारंटाइन (managed isolation or quarantine-MIQ) कहा जाता है. इसे लेकर लोगों में नाराजगी है.

सरकार ने इन सेंटर्स की फीस 3100 डॉलर से 5520 डॉलर कर दी है. इसके अलावा सरकार ने स्थाई नागिरकों के लिए भी नया नियम लागू किया है. जिसके मुताबिक अगर विदेशों में रह रहे स्थाई नागरिकों को वापस लौटना है तो कम से कम 180 दिन तक रुकना होगा. दरअसल स्थाई नागरिक 180 दिन तक रुकेंगे तो उनकी MIQ फीस लौटा दी जाएगी. स्वेदश लौटने पर MIQ में सभी को रुकना होता है. अब स्थाई नागरिक भी इस नियम को सख्त पा रहे हैं. उनके मुताबिक 180 दिनों तक देश में रुकना आसान नहीं है क्योंकि कोई भी कंपनी इतने दिनों की छुट्टी नहीं देती. ऐसी स्थिति में उन्हें MIQ की फीस देनी ही होगी.

ऑकलैंड में कोरोना थ्रेट लेवल चेंज करने को लेकर भी हुई आलोचना

सरकार के इस निर्णय की वजह से देश के स्थाई और अस्थाई दोनों ही नागरिकों को जूझना पड़ रहा है. ऐसे में जेसिंडा अर्डर्न की आलोचना की जा रही है. इससे पहले महीने शुरुआत में ऑकलैंड में कोरोना के मद्देनजर थ्रेट लेवल चेंज करने को लेकर भी जेसिंडा की जमकर आलोचना हुई. कहा गया सरकार ने आनन-फानन में कोरोना का थ्रेट लेवल चेंज किया जिससे व्यापार को नुकसान होगा. गौरतलब है कि न्यूजीलैंड में सरकार कोरोना के मद्देनजर कदम उठाने के लिए थ्रेट लेवल का इस्तेमाल करती है. एक तरीके से ये कोरोना के खिलाफ देश का अलर्ट सिस्‍टम है.
जेसिंडा ने कहा था- अब हम सुरक्षित और मजबूत स्थिति में

याद दिला दें दिसंबर महीने में 'कोरोना मुक्ति' की घोषणा करते हुए जेसिंडा ने कहा कि हम एक सुरक्षित और मजबूत स्थिति में हैं. उन्होंने कहा कि हालांकि अभी दुनिया में कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए पहले की स्थिति में लौटना आसान नहीं है लेकिन अब हमारी प्रतिबद्धता और हमारा पूरा फोकस हमारे स्‍वास्‍थ्‍य प्रणाली की बजाय देश के आर्थिक विकास पर होगा. कोरोना वायरस से लड़ाई के लिए बेहतर कदम उठाने और उन पर नियंत्रण पाने के चलते जेसिंडा पिछले दिनों हुए आम चुनाव में भारी बहुमत से चुनी गईं थी और दोबारा प्रधानमंत्री बनीं.
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