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तो क्या जैक मा के इस खजाने पर है चीन की नज़र, प्लान के तहत उन्हें किया गया है गायब!

जैक मा के इस खजाने पर है चीन की नज़र  (फोटो-AFP)
जैक मा के इस खजाने पर है चीन की नज़र (फोटो-AFP)

Jack Ma missing: वाल स्ट्रीट जनरल ने दावा किया है कि चीन की सरकार की नज़र जैक मा की कंपनी अली पे के पास मौजूद यूजर डेटा पर है. इसी डेटा को साझा करने से इनकार करने के बाद ही जैक मा के खिलाफ कार्रवाई की गयी है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 7, 2021, 11:24 PM IST
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बीजिंग. चीन के अरबपति और अलीबाबा के फाउंडर जैक मा (Jack Ma Missing) बीते दो महीने से गायब हैं. चीनी मीडिया के मुताबिक उन्हें फिलहाल सरकार की निगरानी में एक अज्ञात जगह रखा गया है. अब सामने आ रहा है कि चीन की सरकार जैक मा से उनके उपभोक्ताओं का बेशकीमती डेटा (Ant Group to Share Consumer Data) हासिल करना चाहती थी और उनके इनकार करने के बाद उन पर कार्रवाई की गयी है. जैक मा ने बीते दिनों चीनी सरकार और चीन के सरकारी बैंकों पर भी गंभीर सवाल उठाए थे जिसके बाद राष्ट्रपति शी जिनपिंग उनसे नाराज़ बताए जा रहे थे.

अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल के मुताबिक चीन की एजेंसियां चाहती थी कि जैक मा उपभोक्ताओं के क्रेडिट डेटा और उनके अन्य पर्सनल डेटा को सरकार के साथ शेयर करे. ये डेटा जैक मा की अली पे नामक कंपनी के पास है जिसकी स्थापना उन्होंने 20 साल पहले की थी. यह दुनिया का सबसे बड़ा मोबाइल पेमेंट प्‍लेटफार्म है और 73 करोड़ लोग इसके यूजर हैं. चीन के वित्‍तीय नियामक चाहते थे कि जैक मा की कंपनी एंट ग्रुप अपने करोड़ों ग्राहकों का कंज्‍यूमर क्रेडिट डेटा उसे सौंप दे.






इस कंपनी के मेजोरिटी शेयर जैक मा के पास है. हालांकि जैक मा इसे लगातार टाल रहे थे और उनके सरकार विरोधी बयानों के बाद सरकार को उनके खिलाफ कार्रवाई करने का मौका मिल गया. इसी के बाद चीनी नियामकों ने जैक मा की कंपनी पर आरोप लगाया कि एंट ग्रुप अली पे का इस्तेमाल कर लाखों करोड़ों लोगों को कर्ज दे रही है इसका नुकसान छोटे बैंकों को उठाना पड़ रहा है. अली पे एप जैक मा का ही है.



जैक मा के पास है डेटा का खजाना
इस ऐप के जरिए जैक मा के पास करोड़ों लोग के खर्च करने के आंकड़े, उधार लेने के आंकड़े और वित्तीय आदतों से जुड़े आंकड़े इकट्ठा हैं. इन सूचनाओं के आधार पर एंट ग्रुप ने 50 करोड़ लोगों को लोन दिया है. एंट ग्रुप ने इसके लिए 100 कमर्शियल बैंकों से फंडिंग के लिए करार किया है. चीन की सरकारी एजेंसियों का आरोप है कि जैक मा अपने अली पे ऐप के जरिए लोगों को लोन दिलवाते थे और मध्‍यस्‍थ के रूप में कमीशन कमाते थे जबकि कर्ज के डूबने का सारा रिस्‍क बैंकों के जिम्मे होता था. चीनी एजेंसियों का कहना है कि इस इस बिजनेस मॉडल के जरिए जैक मा को फायदा हो रहा था लेकिन बैंकों को काफी घाटा था. चीन नियामक एजेंसियों ने डाटा पर जैक के अधिकार को खत्म करने के लिए उनसे इस डाटा को मांगा, लेकिन इस खजाने को देने से जैक मा ने इनकार कर दिया.

जिनपिंग सरकार है नाराज़
चीन के रेगुलेटर्स ने Ant Group को अपने कारोबारों में सुधार (रेक्टिफिकेशन) करने का आदेश दिया है. यह भी कहा है कि ग्रुप नियामकीय आवश्यकताओं का अनुपालन करे. Ant Group दुनिया की सबसे बड़ी फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी कंपनी है. बता दें कि आंट ग्रुप की शुरुआत अलीबाबा के ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Taobao के लिए पेमेंट सर्विसेज के तौर पर हुई थी. आज यह ग्रुप इंश्योरेंस व इन्वेस्टमेंट प्रॉडक्ट की भी पेशकश करता है. चीन में इंटरनेट सेक्टर में एंटी मोनोपोली प्रैक्टिसेज को लेकर जांच तेज हुई है. चीन के रेगुलेटर्स ने रविवार को बयान में कहा कि चीन के केंद्रीय बैंक पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना ने Ant Group के एग्जीक्यूटिव्स को शनिवार को समन जारी किया. उन्हें आदेश दिया गया है कि वे एक रेक्टिफिकेशन प्लान तैयार करें. साथ ही क्रेडिट, इंश्योरेंस व वेल्थ मैनेजमेंट सर्विसेज समेत अपने कारोबार के इंप्लीमेंटेशन टाइमटेबल को भी तैयार करें.

चीन में शी जिनपिंग के राष्ट्रपति बनने के बाद अचानक गायब हो जाने की घटनाएं आम है. जिसने भी चीनी सरकार की आलोचना की उसे गायब कर दिया गया या तो उसे जेल भेज दिया गया. इस लिस्ट में आम लोगों के अलावा बड़े कारोबारी, उद्योगपति, अभिनेत्री पत्रकार भी शामिल है. जैक मा से पहले 2018 में गायब हुए लोगों कि सूची देखकर कोई भी हैरान हो सकता है. इसमें मशहूर अभिनेत्री फैन बिंगबिंग,कनाडा के तीन नागरिक, इंटरपोल चीफ मेंग होंग्वी प्रमुख हैं.
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