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कनाडा के किंगमेकर को 2013 में नहीं मिला था भारत आने का वीजा


Updated: October 24, 2019, 8:23 AM IST
कनाडा के किंगमेकर को 2013 में नहीं मिला था भारत आने का वीजा
जगमीत सिंह की पार्टी को 24 सीटें मिलीं . (स्रोत: जगमीत सिंह ट्विटर)

न्यू डेमोक्रेटिक पार्टी (New Democratic Party) के प्रमुख सरदार जगमीत सिंह (Jagmeet Singh Canada). जगमीत सिंह इस बार कनाडा के प्रधानमंत्री पद की रेस में भी थे. लेकिन 2013 में इन्हीं जगमीत सिंह को भारत सरकार ने वीजा (Indian Visa) देने से इनकार कर दिया था.

  • Last Updated: October 24, 2019, 8:23 AM IST
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लुधियाना. कनाडा की राजनीति में पंजाबियों (Punjabi in Canada Politics) के रसूख का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस वक्त वहां 18 सांसद पंजाबी हैं. इन्हीं में से एक है न्यू डेमोक्रेटिक पार्टी (New Democratic Party) के प्रमुख सरदार जगमीत सिंह (Jagmeet Singh Canada). जगमीत सिंह इस बार कनाडा के प्रधानमंत्री पद की रेस में भी थे. लेकिन 2013 में इन्हीं जगमीत सिंह को भारत सरकार
ने वीजा (Indian Visa) देने से इनकार कर दिया था.

टाइम्स ऑफ इण्डिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक 40 वर्षीय जगमीत 2013 में एक कार्यक्रम के लिए अमृतसर आना चाहते थे. जगमीत पंजाब के बरनाला से ताल्लुक रखते हैं. उनके दादा स्वतंत्रता सेनानी सेवा सिंह थिखरिवाल के रिश्तेदार थे. जगमीत सिंह के पिता थिखरिवाल गांव से कनाडा चले गए थे. वहीं जगमीत सिंह का जन्म हुआ.

84 दंगों को बताया था 'नरसंहार'

जगमीत मानवाधिकारों पर अपनी मुखर दलीलों के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने आरोप लगाया था कि 1984 सिख दंगे 'प्रायोजित नरसंहार' हैं. जगमीत अब तक केवल एक बार 1993 में भारत आए थे.
2013 में जब उन्होंने भारतीय वीजा के लिए आवेदन दिया था तब वो कनाडा की एक प्रोविंशियल एसेंबली के सदस्य थे. वीजा न मिलने पर जगमीत ने कहा था कि 1984 के सिख दंगों के खिलाफ आवाज उठाने के कारण भारत सरकार उन्हें वीज़ा नहीं दे रही है.

जगमीत ने कहा, "एक पुरस्कार वितरण समारोह में भाग लेने के लिए भारत आना चाहता था, लेकिन मुझे वीजा नहीं दिया गया. मानवाधिकार कार्यकर्ता होने के नाते मैंने केवल अपना काम किया है. नवंबर 1984 के दंगे हिंदुओं और सिखों के बीच नहीं बल्कि कांग्रेस नेतृत्व वाली सरकार का प्रायोजित नरसंहार था.''
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जगमीत सिंह कश्मीर में मानवाधिकारों के हनन का आरोप भारत पर लगाते रहे हैं.

मंगलवार को आए नतीजों में जगमीत सिंह की पार्टी को 24 सीटें मिलीं, जबकि जस्टिन ट्रूडो की पार्टी को 157. कनाडा की 338 सीटों वाली संसद में बहुमत के लिए 170 सीटें चाहिए होती हैं. मुख्य विपक्षी दल कंजर्वेटिव्स को 121 सीटों पर जीत हासिल हुई है.

Jagmeet Singh Canada
विचारधारा वाली जगमीत सिंह की न्यू डोमोक्रेटिक पार्टी में उनके अलावा कोई सिख नेता नहीं है. (स्रोत: जगमीत सिंह ट्विटर)


कनाडा की राजनीति में गुरमीत सिंह लिबरल विचार के अधिक नजदीक माने जाते हैं. ऐसे में गुरमीत सिंह का समर्थन सरकार बनाने के लिए अहम हो जाता है. गुरमीत ने चुनाव नतीजों के बाद कहा कि ट्रूडो को यह समझना चाहिए कि यह एक अल्पमत की सरकार है और हमें मिलकर काम करना होगा.

गुरमीत और ट्रूडो की पार्टी पहले भी गठबंधन में काम कर चुके हैं. इस बार ट्रूडो को पिछले चुनाव के मुकाबले 20 सीटें कम मिली हैं. गुरमीत सिंह की सीटें भी इतनी ही कम होकर 24 पर आ गईं. पिछले चुनाव में गुरमीत की पार्टी न्यू डेमोक्रेटिक पार्टी को 44 सीटें मिली थीं.

चुनाव नतीजों के बाद सरदार गुरमीत सिंह ने कहा कि उनकी पार्टी के सांसद कनाडियाई लोगों की भलाई के लिए सबसे जरूरी काम सबसे पहले करने वाले हैं. गुरमीत ने कहा कि सांसद अब ओटावा (Ottawa) पहुंचकर जलवायु परिवर्तन और लोगों की जिन्दगी बेहतर करने की लिए काम करेंगे.

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First published: October 24, 2019, 8:21 AM IST
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