जयशंकर ने की मालदीव के राष्ट्रपति से मुलाकात, दिया 1 लाख कोविड वैक्सीन का तोहफा

भारत की कोविड सहायता पहल का पहला और सबसे बड़ा लाभार्थी मालदीव था. (फोटो साभारः @DrSJaishankar

भारत की कोविड सहायता पहल का पहला और सबसे बड़ा लाभार्थी मालदीव था. (फोटो साभारः @DrSJaishankar

India-Maldives Defence Deal: दो देशों के दौरे के पहले चरण में शनिवार को दो दिवसीय यात्रा पर यहां पहुंचे जयशंकर ने मालदीव को कोविड-19 रोधी टीके की एक लाख अतिरिक्त खुराक भी उपहार के तौर पर दीं. दौरे के अगले चरण में जयशंकर मॉरिशस जाएंगे.

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माले. विदेश मंत्री एस जयशंकर (Foreign Minister S. Jaishankar) ने रविवार को मालदीव के राष्ट्रपति इब्राहिम सोलिह से मुलाकात की और कोविड-19 महामारी और उसके बाद भी इस द्वीपीय राष्ट्र के समग्र विकास साझेदार के तौर पर भारत की पूर्ण प्रतिबद्धता दोहराई. दो देशों के दौरे के पहले चरण में शनिवार को दो दिवसीय यात्रा पर यहां पहुंचे जयशंकर ने मालदीव को कोविड-19 रोधी टीके की एक लाख अतिरिक्त खुराक भी उपहार के तौर पर दीं. दौरे के अगले चरण में जयशंकर मॉरिशस जाएंगे.

राष्ट्रपति सोलिह के साथ वार्ता के बाद जयशंकर ने ट्वीट किया, “मेरी मेजबानी के लिये धन्यवाद राष्ट्रपति इब्राहिम सोलिह. प्रधानमंत्री की शुभकामनाएं उन्हें प्रेषित कीं. कोविड के दौरान और उसके बाद भी समग्र विकास साझेदार के तौर पर अपनी पूर्ण प्रतिबद्धताएं दोहराईं.”

मालदीव की नीति को पीएम मोदी ने दोहराया: जयशंकर

शनिवार को मालदीव के अपने समकक्ष अब्दुल्ला शाहिद के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए जयशंकर ने कहा, राष्ट्रपति सोलिह की ‘भारत प्रथम’ की विदेश नीति को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘पड़ोसी सर्वप्रथम’ की नीति में पूरी तरह दोहराया गया है और मालदीव इसमें केंद्रीय स्थान में है.
उन्होंने कहा कि भारत की कोविड सहायता पहल का पहला और सबसे बड़ा लाभार्थी मालदीव था फिर चाहे वह दवा की बात हो, खाद्य सामग्री, चिकित्सा सहायता या फिर आर्थिक पैकेज की बात हो. भारत ने पिछले महीने भारत की अनुदान सहायता के तौर पर मालदीव को सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) द्वारा निर्मित कोविशील्ड टीके की एक लाख खुराक उपलब्ध कराई थीं.

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इससे पहले जयशंकर ने रविवार को मालदीव की रक्षा मंत्री मारिया दीदी के साथ चर्चा की और दोनों पक्षों ने पांच करोड़ डॉलर के रक्षा ऋण समझौते पर भी हस्ताक्षर किये हैं जिससे इस द्वीपीय राष्ट्र में नौवहन क्षेत्र में क्षमता निर्माण सुविधाओं को बढ़ावा मिलेगा.



(Disclaimer: यह खबर सीधे सिंडीकेट फीड से पब्लिश हुई है. इसे News18Hindi टीम ने संपादित नहीं किया है.)
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