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जापान: 70 सैनिकों पर एक सेक्स स्लेव का दिया था आदेश, बाद में मांगी माफी

News18Hindi
Updated: December 8, 2019, 11:40 AM IST
जापान: 70 सैनिकों पर एक सेक्स स्लेव का दिया था आदेश, बाद में मांगी माफी
द्वितीय विश्ववियुद्ध के दौरान सेक्स स्लेव्स मंगाई जाती थीं.

रिपोर्ट के मुताबिक, कोरिया, ताइवान और ऑस्ट्रेलिया, फिलीपींस के साथ-साथ जापान की महिलाओं को बतौर सेक्स स्लेव इस्तेमाल किया गया था. यह मुद्दा दक्षिण कोरिया (South Korea) और जापान (Japan) के बीच एक दर्दनाक विवाद की वजह रहा है.

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  • Last Updated: December 8, 2019, 11:40 AM IST
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टोक्यो. द्वितीय विश्व युद्ध (World war-II) के दौरान जापान की सेना (Japan army) ने अपने 70 सैनिकों की टुकड़ी पर एक सेक्स स्लेव रखने के लिए कहा था. यह जानकारी क्योडो न्यूज़ सेवा द्वारा समीक्षा की गई ऐतिहासिक दस्तावेजों के में सामने आई है. इस सुलासे से तथाकथित 'कंफर्ट विमेन' सिस्टम में सेना की भूमिका को उजागर करता है.

क्योडो के अनुसार, अप्रैल 2017 और मार्च 2019 के बीच जापान के कैबिनेट सचिवालय से इकट्ठा किए गए 1938 तक के 23 दस्तावेजों में चीन स्थित जापानी वाणिज्य दूतावासों से लेकर विदेश मंत्रालय के 13 गोपनीय दस्तावेज शामिल हैं.

सेक्स स्लेव (यौन दासी) का मुद्दा दक्षिण कोरिया (South Korea) और जापान (Japan) के बीच एक दर्दनाक विवाद की वजह रही है. कोरिया, ताइवान और ऑस्ट्रेलिया, फिलीपींस के साथ-साथ जापान की महिलाओं को बतौर सेक्स स्लेव इस्तेमाल किया गया था.

जापानी सेना की भागीदारी को स्वीकार किया

साल 1993 में सरकार के प्रवक्ता, तत्कालीन मुख्य कैबिनेट सचिव योही कोनो ने 'कंफर्ट विमेन' सिस्टम के लिए माफी मांगी और महिलाओं को उनकी इच्छा के विरुद्ध जापानी सेना की भागीदारी को स्वीकार किया था.

क्योडो की रिपोर्ट में ज़िनान के कॉन्सल जनरल से विदेश मंत्री को एक डिस्पैच भी शामिल है, जिसमें कहा गया है कि जापानी सेना की इस हरकत के चलते इस क्षेत्र में वेश्यावृत्ति में वृद्धि हुई थी. रिपोर्ट के मुताबिक, इसमें 101 गीशा (यौनकर्मी), जापान की 110 महिलाएं और कोरिया की 228 महिलाएं तैनात करने का जिक्र है. वहीं इसमें कहा गया कि जापानी सैनिकों के लिए 'अप्रैल के अंत तक कम से कम 500 कंफर्ट विमेन को यहां मौजूद होना चाहिए.' जापान में 'गीशा' ऐसी महिलाओं को कहा जाता है जो अपनी इच्छा से यौनकर्मी बनती हैं.

150 और अधिक कंफर्ट विमेन का अनुरोध कियाक्योडो की रिपोर्ट के अनुसार, चीन के शानडोंग प्रांत में किंगदाओ प्रांत के महावाणिज्य दूतावास के एक अन्य डिस्पैच में खुलासा हुआ है कि इंपीरियल आर्मी ने हर 70 सैनिकों के लिए एक यौन दासी रखा था, जबकि नौसेना ने 150 से अधिक कंफर्ट विमेन और गीशा का अनुरोध किया था.

द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान कितनी सेक्स स्लेव रखी गई थीं, इसका खुलासा तो नहीं हुआ लेकिन इतिहासकारों का कहना है कि वे हजारों या उससे अधिक की संख्या में थीं और उनका उद्देश्य सैनिकों के बीच बीमारी और फैलते बलात्कारों को रोकना था.

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First published: December 8, 2019, 11:06 AM IST
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