चीन का दावा- जापान की इस दवा से सिर्फ 4 दिन में ठीक हो रहे हैं कोरोना के मरीज

चीन का दावा- जापान की इस दवा से सिर्फ 4 दिन में ठीक हो रहे हैं कोरोना के मरीज
बीते 24 घंटे में कोरोना संक्रमण के एक लाख से ज्यादा नए मामले सामने आए हैं.

चीन की सांइस एंड टेक्‍नोलॉजी मिनिस्ट्री में काम करने वाले झांग झिनमिन ने बताया है कि जापान के लोग जिस दवा का इस्तेमाल सामान्य फ्लू के इलाज के लिए करते हैं, वह कोरोना संक्रमण के मरीजों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो रही है.

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  • Last Updated: March 18, 2020, 5:07 PM IST
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बीजिंग. कोरोना वायरस (Coronavirus) की चपेट में आए लोगों की संख्या दुनिया में बढ़कर 2 लाख से भी ज्यादा हो गयी है. वैज्ञानिकों के मुताबिक कोरोना की वैक्सीन बनाने में अब ही कुछ और महीनों का वक़्त लग सकता है. उधर चीन (China) ने दावा किया है कि जापान (Japan) की एक दवा कोरोना के मरीजों के लिए इलाज में काफी मददगार साबित हो रही है.

गार्जियन में छपी एक खबर के मुताबिक चीन की सांइस एंड टेक्नॉलोजी मिनिस्ट्री में काम करने वाले झांग झिनमिन ने बताया है कि जापान के लोग जिस दवा का इस्तेमाल सामान्य फ्लू के इलजा के लिए करते हैं वो कोरोना संक्रमण के मरीजों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो रही है. जानकारी के मुताबिक ये दवा फ्यूजीफिल्म की दवा कंपनी फेवीपिरावियर (favipiravir) नाम की ये दवा बनाती है. वुहान के शेनजेंग में इस दवा के इस्तेमाल से कोरोना के 340 से ज्यादा मरीजों को ठीक किया गया है. झांग के मुताबिक इसके पक्के सबूत मिले हैं कि ये दवा बाकियों के मुकाबले ज्यादा कारगर साबित हुई है.

जल्दी से वायरस पर काबू करती है
झांग ने बताया कि ये दवा बाकियों के मुकाबले ज्यादा तेजी से काम कर रही है. कोरोना पॉजिटिव पाए गए मरीजों को जब ये दवा दी गई तो सिर्फ चार दिन बाद टेस्ट में वे सभी नेगेटिव पाए गए. बाकी दवाएं जो फिलहाल इस्तेमाल में लाई जा रहीं हैं उन्हें असर करने में 11 दिन का वक़्त लग रहा है. इसके इस्तेमाल से फेफड़ों पर कोरोना का होने वाला प्रभाव 91% तक जल्दी ठीक हो रहा है जबकि बाकी दवाओं में ये प्रतिशत 62 ही है.
जापानी कंपनी फ्यूजीफिल्म टोयामा केमिकल ये दवा बनाती है, इसे एविगन के नाम से भी जाना जाता है. झांग ने बताया कि जापान में भी वैज्ञानिक कोरोना का इलाज ढूंढने के लिए इसी दवा का इस्तेमाल कर रहे हैं. हालांकि जापान का कहना है कि कोरोना के गंभीर मरीजों में इस दवा का असर उतना नहीं है जितना सामान्य मरीजों में है.



HIV की एक दवा से भी नतीजे अच्छे आए
बता दें कि इससे पहले HIV के इलाज के इस्तेमाल होने वाली एक दवा लोपिनाविर और रिटोनाविर काफी असरकारक साबित हुई थीं. साल 2016 में जापान ने इसी फेवीपिरावियर दवा को इबोला के इलाज के लिए भी इस्तेमाल किया था. यहां तक इसे ही अन्य देशों में इलाज के लिए भेजा गया था. फेवीपिरावियर को सामान्य फ्लू के इलाज के लिए इस्तेमाल किया जाता है, अभी कोरोना को लेकर इसके क्लिनिकल ट्रायल चल रहे हैं.
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