भारत के बाद अब जापान से उलझा चीन, चीनी सबमरीन को जापानी नौसेना ने खदेड़ा

भारत के बाद अब जापान से उलझा चीन, चीनी सबमरीन को जापानी नौसेना ने खदेड़ा
भारत के बाद अब जापान से भी भिड़ा चीन

China-Japan Clash: जापानी जलक्षेत्र में घुसी चीनी नेवी की पनडुब्बी को जापान (Japan) ने दूर तक खदेड़ दिया.दरअसल पूर्वी चीन सागर के जिस अहम आइलैंड पर चीन (China) लंबे समय से अपनी नजरें गड़ाए बैठा है उस पर जापान ने कब्ज़ा करने की ठान ली है.

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बीजिंग/टोक्यो. लद्दाख में विवादित वास्तविक नियंत्रण रेखा पर मौजूद गलवन घाटी में भारत-चीन (India-China Rift) के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प के एक हफ्ते बाद ही अब चीन (China) और जापान (Japan) भी आमने-सामने आ गए हैं. हाल में जापानी जलक्षेत्र में घुसी चीनी नेवी की पनडुब्बी को जापान ने दूर तक खदेड़ दिया.दरअसल पूर्वी चीन सागर के जिस अहम आइलैंड पर चीन लंबे समय से अपनी नजरें गड़ाए बैठा है उस पर जापान ने कब्ज़ा करने की ठान ली है. ओकीनावा में इशिगाकी सिटी काउंसिल ने एक बिल को मंजूरी दी जिससे सेंकाकुस द्वीप पर जापान के नियंत्रण को मजबूती प्रदान करता है. हालांकि चीन ने इसका कड़ा विरोध किया है.

 


AFP की रिपोर्ट के अनुसार, जापानी विध्वंसक युद्धपोत कागा ने दक्षिणी जापान में ओकिनावा द्वीप के पास 24 समुद्री मील के भीतर एक चीनी पनडुब्बी का पता लगाया. जिसके बाद हरकत में आई जापानी नौसेना ने अपने पेट्रोलिंग एयरक्राफ्ट की मदद से चीनी पनडुब्बी को अपने जलक्षेत्र से बाहर खदेड़ दिया. बता दें कि साल 2018 में भी जापान ने अपनी जलसीमा में एक चीनी पनडुब्बी को पकड़ा था.



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चीन ने दी चेतावनी
बता दें कि सिटी काउंसिल के बिल पारित करने से पहले बीजिंग ने टोक्यो को आइलैंड चेन में किसी तरह के बदलाव के बाबत चेतावनी दे दी थी. चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स में भी जापान को हद में रहने की सलाह दी गई है. चीन के विदेश मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया कि यह आइलैंड उनका अंर्तनिहित इलाके के अंतर्गत आता है.

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बीजिंग ने जापान से दियाओयू आइलैंड पर किसी तरह के बदलाव या नए परिवर्तन से बचने की सलाह देते हुए कहा कि पूर्वी चीन सागर में स्थिरता कायम करने के लिए व्यवहारिक कार्रवाई करे. इसके अलावा बीजिंग ने जापान से 'चार-सिद्धांत सहमति' की भावना का पालन करने को भी कहा. उधर जापान के सिटी काउंसिल ने कहा कि यह विधेयक प्रशासनिक प्रक्रियाओं की दक्षता में सुधार करने के लिए आवश्यक है.

पूर्वी चीन सागर के एक आइलैंड पर विवाद
जापान और चीन के बीच पूर्वी चीन सागर के कई द्वीपों को लेकर विवाद है. एक ओर जापान इसे सेंकाकुस कहता है, वहीं दूसरी ओर चीन इस पर दावा करता है और इसे दियाओयुस कहता है. इसपर वर्ष 1972 से जापान का कब्जा है. चीन का दावा है कि ये द्वीप उसके अधिकार क्षेत्र में आते हैं और जापान को अपना दावा छोड़ देना चाहिए. इतना ही नहीं चीन की कम्यूनिस्ट पार्टी तो इसपर कब्जे के लिए सैन्य कार्रवाई तक की धमकी दे चुकी है.

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दोनों देशों के रिश्तों में 2012 से उस समय तल्खी आ गई थी जब जापान ने कुछ द्वीपों का राष्ट्रीयकरण कर दिया था. इसके बाद चीन ने टोक्यो के साथ उच्च स्तरीय वार्ताओं से इंकार कर दिया था. रिश्तों में कायम अवरोध में 2015 में कुछ कमी दिखी थी जब जापान के प्रधानमंत्री शिंजो एबी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने एक-दूसरे से हाथ मिलाया था. सेनकाकू या डियाओस द्वीपों की रखवाली वर्तमान समय में जापानी नौसेना करती है. ऐसी स्थिति में अगर चीन इन द्वीपों पर कब्जा करने की कोशिश करता है तो उसे जापान से युद्ध लड़ना होगा.
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