हाथ नहीं थे, तो पैरों से ही भर ली जेसिका ने उड़ान

बिना हाथ के जन्मी ऐरिजोना की जेसिका आज एक पायलट हैं, साथ ही 20 देशों में दे चुकी हैं मोटिवेशनल स्पीच.

News18Hindi
Updated: May 17, 2019, 7:02 PM IST
हाथ नहीं थे, तो पैरों से ही भर ली जेसिका ने उड़ान
जेसिका कॉक्स.
News18Hindi
Updated: May 17, 2019, 7:02 PM IST
जन्म से ही दोनों हाथ नहीं होने के बाद भी 'हताशा' शब्द जेसिका कॉक्स की डिक्शनरी में नहीं था. अपाहिज होना भी जेसिका की उड़ान को नहीं रोक पाया. कभी आसमान से डरने वाली जेसिका ने ऐसा हौसला जुटाया कि सिर्फ अपने पैरों से ही प्लेन उड़ा डाला और ऐसा उड़ाया कि उन्हें एक पायलट के तौर पर लाइसेंस भी मिल गया. जेसिका के हौसले की दास्तां यहीं खत्म नहीं होती. 30 साल की जेसिका एक बेहतरीन तैराक, ताइक्वांडो ब्लैक बेल्ट और मोटीवेशनल स्पीकर भी हैं.

मेरी मां टूट कर रह गईं



सीएनएन की एक रिपोर्ट के अनुसार गर्भावस्‍था के दौरान जेसिका की मां पूरी तरह से सामान्य थीं. यहां तक की उनकी डिलीवरी भी नॉर्मल हुई थी. लेकिन, जब डॉक्टर ने जेसिका को उनकी मां की गोद में दिया और बताया कि उनके दोनों हाथ नहीं हैं तो उनकी मां कहीं न कहीं टूट सी गईं. जेसिका के मुताबिक, उनकी मां ने हार नहीं मानी और लगातार उन्हें हिम्मत दी. उन्होंने अपनी बेटी आत्मनिर्भर बनाया.

आसमान में जाने से डरती थी जेसिका

जेसिका ने बताया कि बचपन में जब भी उन्हें हवाई यात्रा करनी पड़ती थी वह काफी डर जाती थीं और भगवान से प्रार्थना करती थीं कि सकुशल जमीन पर उतर जाएं. एक दिन एक छोटे प्लेन में सफर करते समय चीजें बदल गईं. पायलट ने उन्हें कॉकपिट में बुलाया और कंट्रोल से अपने हाथ हटा लिए. पायलट ने जेसिका को प्लेन की कमान थमा दी. जेसिका का कहना है कि कई बार कुछ बातें आपको डराती हैं, लेकिन उनका सामना करना जरूरी होता है.

यह भी पढ़ें:  प्रेम जाल में फंसाकर युवक ने 30 से ज्यादा महिलाओं से किया रेप
...और फिर शुरू हुई उड़ान
Loading...

2005 में एरिजोना विश्वविद्यालय से ग्रेजुएट होने के बाद कॉक्स ने पायलट प्रशिक्षण शुरू किया. यह आसान नहीं था, क्योंकि उन्हें एक ऐसे ट्रेनर की जरूरत थी जो पूरा समय सिर्फ उन्हें ही दे सके. उन्होंने बताया कि तीन साल तक कई इंस्ट्रक्टर्स ने उन्हें सिखाया. कॉक्स ने बताया, 'मैंने एक प्लेन के साथ अपनी फोटो ली और उसे कंप्यूटर के बैकड्रॉप पर लगाकर रखा. मैं चाहती थी इसी प्लेन को उड़ाने का मुझे लाइसेंस मिले. हालांकि, फोटो लेते वक्त मन में एक शंका भी थी.' 2008 में आखिर कॉक्स का सपना पूरा हो गया और फेडरल एविऐशन एडमिनिस्ट्रेशन की तरफ से उन्हें एरकूप नाम के एक छोटे स्पोर्ट्स एयरक्राफ्ट को उड़ाने का लाइसेंस दिया गया.


यह भी पढ़ें: बर्बादी की कगार पर पाकिस्तान, कभी भी ध्वस्त हो सकता है सारा सिस्टम


हमेशा चाहती थी एक सामान्य जिंदगी
जेसिका ने कहा कि वह हमेशा से एक सामान्य जिंदगी जीना चाहती थीं. उन्होंने एक पब्लिक स्कूल से अपनी प्रारंभिक शिक्षा ली. इस दौरान डांस से लेकर ताइक्वांडो तक में महारत हासिल की. उन्हें ताइक्वांडो में ब्लैक बेल्ट भी मिली. अब वह एक मोटीवेशनल स्पीकर भी हैं और अब तक करीब 20 देशों में लेक्चर दे चुकी हैं. उन्होंने कहा कि कई बार लोगों का ध्यान मुझ पर जाता था, लेकिन मुझे एक सामान्य जिंदगी चाहिए थी. मुझे अपाहिज शब्द से नफरत थी. मैंने कड़ी मेहतन से सबकुछ हासिल किया है.
एक क्लिक और खबरें खुद चलकर आएंगी आपके पास, सब्सक्राइब करें न्यूज़18 हिंदी WhatsApp अपडेट्स

Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...

News18 चुनाव टूलबार

  • 30
  • 24
  • 60
  • 60
चुनाव टूलबार