ट्रंप के आरोपों के बीच कमला हैरिस ने दिया बयान, कहा- जो बाइडन ने चुनाव में स्पष्ट जीत दर्ज की है

जो बाइ़डेन और कमला हैरिस की फाइल फोटो (CNBC TV18)
जो बाइ़डेन और कमला हैरिस की फाइल फोटो (CNBC TV18)

न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, जो बाइडन (Joe Biden) को अब तक 7.64 करोड़ मत मिले हैं और निर्वाचन मंडल के 538 सदस्यों में से 279 का समर्थन हासिल हुआ है. इसके उलट डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) को 7.17 करोड़ मत हासिल हुए हैं.

  • Share this:
वॉशिंगटन. अमेरिकी चुनाव (US Election) में राष्ट्रपति पद की रेस खत्म हो चुकी है और डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जीत दर्ज कर चुके हैं. उनकी डेमोक्रेट साथी कमला हैरिस (Kamala Harris) भी उप राष्ट्रपति पद के लिए चुनी गई हैं. हैरिस ने कहा कि अमेरिकी स्पष्ट तौर पर जो बाइडन के पक्ष में हैं और उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप पर देश के इतिहास में सबसे अधिक मत हासिल कर स्पष्ट जीत दर्ज की है. खास बात है कि ट्रंप की टीम ने कई राज्यों के नतीजों के खिलाफ स्थानीय अदालत से लेकर उच्चतम न्यायालय में मुकदमा दायर किया है.

न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक बाइडन को अब तक 7.64 करोड़ मत मिले हैं और राष्ट्रपति निर्वाचन मंडल के 538 सदस्यों में से 279 का समर्थन हासिल हुआ है. इसके उलट ट्रंप को 7.17 करोड़ मत हासिल हुए हैं और निर्वाचन मंडल के 214 सदस्यों का समर्थन हासिल हुआ है. निर्वाचन मंडल के 45 सदस्यों के लिए मतगणना अब भी जारी है. राष्ट्रपति निर्वाचित होने के लिए निर्वाचल मंडल के कम से कम 270 सदस्यों का समर्थन हासिल करना जरूरी है.

चुनाव परिणामों को नहीं मान रहे ट्रंप
ट्रंप ने नतीजों को मानने से इनकार कर दिया है, लेकिन मुख्य धारा की मीडिया ने 77 वर्षीय बाइडन को विजेता घोषित कर दिया है. उल्लेखनीय है कि अमेरिकी निर्वाचन प्रणाली में पारंपरिक रूप से मीडिया नतीजों को पहले घोषित करती है और हफ्तों बाद प्रमाणिक नतीजें आते हैं. हैरिस ने मंगलवार को ट्वीट किया, ‘हमारे यहां चुनाव हुआ और हमारे देश ने अपनी पसंद स्पष्ट तौर पर बता दी. जो बाइडन के पक्ष में पड़ा प्रत्येक मत यह बयान है कि स्वास्थ्य बीमा अधिकार है न कि विशेषाधिकार और हमने अमेरिकी इतिहास में सबसे अधिक मतों के साथ स्पष्ट जीत दर्ज की है.’



हैरिस ने डेलावेयर के विलमिनंगटन में बाइडन के साथ मंच साझा करते हुए कहा ‘इन आवाजों की संख्या करीब 7.5 करोड़ है. उच्चतम न्यायालय द्वारा मामले की सुनवाई करना कुछ और नहीं लोगों की इच्छा और चुने गए राष्ट्रपति के फैसले को बदलने की कोशिश है जो कभी होने नहीं दिया जाएगा.’
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज