जॉर्डन के प्रिंस हमजा को मिली सत्ता पर सवाल उठाने की सजा, सेना ने किया नजरबंद; अमेरिका भी टेंशन में

जॉर्डन के प्रिंस हमजा. (एएफपी फाइल फोटो)

जॉर्डन के प्रिंस हमजा. (एएफपी फाइल फोटो)

Jordan Prince Hamzah is House Arrest: हमजा ने बताया कि उन्हें सूचित किया गया कि उन्हें उन बैठकों में शामिल होने की सजा दी गईं, जिनमें राजा की आलोचना की गई थी.

  • ए पी
  • Last Updated: April 4, 2021, 5:43 PM IST
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अम्मान. जॉर्डन के राजा अब्दुल्ला द्वितीय के सौतेले भाई हमजा ने कहा है कि वह घर में नजरबंद हैं और उन्होंने देश की ‘सत्तारूढ़ व्यवस्था’ पर अक्षमता और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया. पश्चिम एशिया में अमेरिका के प्रमुख सहयोगी जॉर्डन में सत्तारूढ़ राजशाही के भीतर कलह का यह दुर्लभ मामला है.

प्रिंस हमजा (Prince Hamzah) का यह वीडियो संदेश शनिवार को आया. इससे पहले देश की आधिकारिक समाचार एजेंसी ने बताया कि दो पूर्व वरिष्ठ अधिकारियों और अन्य संदिग्धों को ‘‘सुरक्षा कारणों’’ से गिरफ्तार कर लिया गया है. हालांकि अधिकारियों ने हमजा को नजरबंद करने या हिरासत में लेने से इनकार कर दिया था.

बीबीसी के पास उपलब्ध एक वीडियो में पूर्व क्राउन प्रिंस ने कहा कि देश के सैन्य प्रमुख शनिवार तड़के उनके पास आए और उन्हें बताया कि उन्हें बाहर जाने, लोगों से बातचीत करने या उनसे मुलाकात करने की इजाजत नहीं है.

उन्होंने बताया कि उनका फोन तथा इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं. उन्होंने बताया कि वह उपग्रह इंटरनेट से बात कर रहे हैं और उन्हें इस सेवा के भी बंद होने की आशंका है. बीबीसी ने बताया कि उसे हमजा के वकील से यह बयान मिला है. हमजा ने बताया कि उन्हें सूचित किया गया कि उन्हें उन बैठकों में शामिल होने की सजा दी गईं, जिनमें राजा की आलोचना की गई थी. हालांकि उन पर आलोचना में शामिल होने का आरोप नहीं है.
जॉर्डन में हमजा लोकप्रिय शख्सियत हैं. उन्हें एक ऐसे धार्मिक और विनम्र शख्स के तौर पर देखा जाता है जो आम लोगों से जुड़े हैं और अपने पिता दिवंगत राजा हुसैन की तरह है. उन्होंने पूर्व में सरकार की आलोचना करते हुए 2018 में एक आयकर कानून पारित करने के बाद अधिकारियों पर ‘‘विफल प्रबंधन’ का आरोप लगाया था.

क्यों परेशान है अमेरिका

दरअसल अमेरिका के लिए मध्य एशिया में जॉर्डन एक बेहद अहम देश है. सहयोगी मुल्क होने के साथ-साथ अमेरिका से इसके सामरिक रिश्ते भी हैं. यहां तक कि दुनिया का सबसे खूंखार आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट के खिलाफ जंग में भी जॉर्डन ने अमेरिका की हमेशा मदद की है. ऐसे में जॉर्डन की राजनीतिक व्यवस्था में यह उथल-पुथल निश्चित तौर पर अमेरिका के लिए परेशानी खड़ी कर सकता है.
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