ISI के खिलाफ खोली जुबान तो पाक हाईकोर्ट के न्यायाधीश बर्खास्त

खास बात यह है कि बर्खास्त न्यायाधीश शौकत अजीज सिद्दीकी अगले महीने इस्लामाबाद हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बनने वाले थे.

भाषा
Updated: October 12, 2018, 6:29 PM IST
ISI के खिलाफ खोली जुबान तो पाक हाईकोर्ट के न्यायाधीश बर्खास्त
प्रतीकात्मक फोटो
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Updated: October 12, 2018, 6:29 PM IST
पाकिस्तान की शक्तिशाली खुफिया एजेंसी आईएसआई के खिलाफ विवादित टिप्पणी करने पर इस्लामाबाद हाई कोर्ट के एक वरिष्ठ न्यायाधीश को बर्खास्त कर दिया गया. न्यायाधीश ने बयान दिया था कि आईएसआई अपने पक्ष के फैसले प्राप्त करने के लिए न्यायिक कार्यवाही में हेरफेर कर रही है.

खास बात यह है कि बर्खास्त न्यायाधीश शौकत अजीज सिद्दीकी अगले महीने इस्लामाबाद हाई कोर्ट के  मुख्य न्यायाधीश बनने वाले थे.

शीर्ष न्यायिक परिषद (एसजेसी) ने न्यायमूर्ति सिद्दीकी को पद से हटाने की सिफारिश की थी. आईएसआई को निशाना बनाने वाले उनके भाषण को लेकर कथित कदाचार के मामले का सामना कर रहे थे. पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने गुरुवार को उन्हें बर्खास्त किया.

न्यायमूर्ति सिद्दीकी ने 21 जुलाई को रावलपिंडी जिला बार एसोसिएशन को संबोधित करते हुए आरोप लगाया था कि आईएसआई अपने पक्ष के फैसले पाने के लिए न्यायाधीशों की पीठ गठित करने में न्यायिक कार्यवाही में हेरफेर कर रही है.

सिद्दीकी ने कहा था, ‘आज न्यायपालिका और मीडिया ‘बंदूकवालों’ के नियंत्रण में आ गए हैं. न्यायपालिका स्वतंत्र नहीं है. यहां तक कि मीडिया को सेना से निर्देश मिल रहे हैं. मीडिया सच नहीं बोल पा रही है क्योंकि वह दबाव में है और उसके अपने हित हैं. कई मामलों में आईएसआई इच्छानुसार फैसले प्राप्त करने के लिए अपनी पसंद की पीठ बनाती है.’

इस्लामाबाद हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अनवर कांसी द्वारा सिद्दीकी के खिलाफ आरोप खारिज किए जाने के बाद सेना ने पाकिस्तान के प्रधान न्यायाधीश से इन टिप्पणियों पर संज्ञान लेने को कहा था.

इस मामले को एसजेसी के पास भेजा गया था जिसने उन्हें पद से हटाने की सिफारिश की. यह संस्था ऊपरी अदालतों के न्यायाधीशों के खिलाफ शिकायतों पर विचार करती है और न्यायपालिका से बर्खास्त करने सहित दंडात्मक कार्रवाई की सिफारिश करती है.

सिद्दीकी के वकील हामिद खान ने कहा कि एसजेसी के फैसले के खिलाफ अपील का कोई प्रावधान नहीं है लेकिन वह सुप्रीम कोर्ट में इस मामले को लेकर जाएंगे.

सिद्दीकी एसजेसी द्वारा बर्खास्त किए गए दूसरे न्यायाधीश हैं. इससे पहले 1973 में लाहौर हाई कोर्ट के न्यायाधीश शौकत अली को भ्रष्टाचार के मामले में पद से हटाया गया था.
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