अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में रूसी दखल की जांच में सीआईए पर आंच!

वाशिंगटन टाइम्स में छपी खबर के अनुसार, न्याय विभाग के इरादों से झलकता है कि वो खुफिया एजेंसियों के उस विस्फोटक निष्कर्ष पर ध्यान केंद्रित कर रहा है जिसमें कहा गया है कि रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन ने डोनाल्ड ट्रंप को चुनाव के वक्त फायदा पहुंचाया.

News18Hindi
Updated: June 13, 2019, 12:46 PM IST
अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में रूसी दखल की जांच में सीआईए पर आंच!
डोनाल्ड ट्रंप (फाइल फोटो)
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Updated: June 13, 2019, 12:46 PM IST
आज गुरूवार को अमेरिकी अखबार वाशिंगटन टाइम्स में साल 2016 में हुए अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में रूसी हस्तक्षेप के मामले में न्याय विभाग की जांच की खबर सुर्खियां बनीं. लोग ये जानना चाहते हैं कि आखिर सीआईए के दफ्तर में न्याय विभाग की वजह से अफरा-तफरी क्यों मच गई?

अखबार के मुताबिक न्याय विभाग सीआईए के वरिष्ठ अधिकारियों का साक्षात्कार चाहता है. चूंकि सीआईए के वरिष्ठ अधिकारियों ने राष्ट्रपति चुनाव में रूसी हस्तक्षेप की जांच की समीक्षा की है. ऐसे में न्याय विभाग के इरादों से झलकता है कि वो खुफिया एजेंसियों के उस विस्फोटक निष्कर्ष पर ध्यान केंद्रित कर रहा है जिसमें कहा गया है कि रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन ने डोनाल्ड ट्रंप को चुनाव के वक्त फायदा पहुंचाया.



इंटरव्यू की योजनाएं ताजा संकेत है कि न्याय विभाग रूसी हस्तक्षेप के मामले में सीआईए के कामकाज पर महत्वपूर्ण नज़र रखेगा. अखबार के मुताबिक जांचकर्ता सीनियर सीआईए अधिकारी और कम से कम एक सीनियर काउंटर इंटेलिजेंस अधिकारी के साथ बात करना चाहते हैं. ये दोनों ही साल 2016 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव को नुकसान पहुंचाने वाले रूसी अभियान की जांच करने वाली एजेंसी में शामिल थे.

हालांकि न्याय विभाग की समीक्षा आपराधिक जांच नहीं है लेकिन इसने सीआईए के अधिकारियों की नींद उड़ाने का काम किया है. वहीं सीआईए के अधिकारियों ने भी सवाल किया है कि C.I.A के विश्लेषणात्मक कार्य को संघीय अभियोजक की जांच के अधीन क्यों किया जाना चाहिए? हालांकि, न्याय विभाग ने अभी तक इस मामले में कोई औपचारिक पत्र सीआईए को नहीं भेजा है लेकिन इसके बावजूद सीआईए में न्याय विभाग के इंटर्व्यू प्लान को लेकर हड़कंप तो मच ही गया है. C.I.A. ने कहा है कि वह रूस की जांच के मामले में शुरुआत से लेकर अबतक की समीक्षा में न्याय विभाग का सहयोग करेगा.

दरअसल, अमेरिका के वर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर यह आरोप लगा था कि उन्होंने रूस की मदद से चुनाव जीता और चुनाव प्रचार के दौरान ट्रंप की टीम रूस के संपर्क में थी. विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी ने इस मामले को जोर-शोर से उठाया था.

वाशिंगटन टाइम्स में रूसी हस्तक्षेप मामले में FBI पर छपी खबर
इधर, वाशिंगटन टाइम्स ने भी अमेरिकी चुनाव में रूसी दखलंदाजी से जुड़े एक दूसरे मामले की खबर को प्राथमिकता दी. अखबार लिखता है कि हाउस इंटेलिजेंस कमेटी के अध्यक्ष एडम बी शिफ ने रूसी दखलंदाजी की जांच कर रही एफबीआई को समन करने की धमकी दी है और कहा है कि इस मामले में जानकारी देने में एफबीआई आनाकानी कर रही है. एडम बी शिफ ने आरोप लगाया है कि पिछले दो साल से इस मामले में जांच प्रक्रिया की प्रगति जानने के लिए उनके सवालों को एफबीआई लगातार अनसुना कर रही है. उनका कहना है कि एफबीआई का राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत दायित्व है कि वो किसी भी प्रतिवाद मामले पर हमें जानकारी दे.
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चीनी मीडिया में शी की किर्गिस्तान यात्रा बनी हेडलाइंस
चीन में अखबारों में राष्ट्रपति शी जिनपिंग की किर्गिस्तान यात्रा की सुर्खियां छाई हुई हैं. चीन के प्रभावी और प्रमुख सरकारी अखबार पीपल्स डेली में शी जिनपिंग की यात्रा, द्विपक्षी संबंधों को लेकर शी का आव्हान और बिश्केक शिखर सम्मेलन से जुड़ी खबरों को तवज्जो दी गई है.

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चाइना डेली – 17 देशों के स्वागत के लिए चीन का स्पेस-स्टेशन तैयार
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