कंधार कांड: जब प्लेन सहित अगवा भारतीयों को छुड़ाने के लिए छोड़ा गया था मसूद अजहर

कंधार कांड: जब प्लेन सहित अगवा भारतीयों को छुड़ाने के लिए छोड़ा गया था मसूद अजहर
प्लेन सहित अगवा भारतीयों को छुड़ाने के लिए छोड़ा गया था मसूद अजहर

31 दिसंबर को सरकार और अपहरणकर्ताओं के बीच समझौते के बाद दक्षिणी अफ़ग़ानिस्तान के कंधार एयरपोर्ट पर अगवा रखे गए सभी 155 बंधकों को रिहा कर दिया गया.

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उस घटना को अब 20 साल गुजर चुके हैं. 24 दिसंबर, 1999 की तारीख थी, दिन शुक्रवार. क्रिसमस से ठीक एक दिन पहले का दिन. घड़ी में शाम के साढ़े चार बजने वाले थे. भारत सहित पूरी दुनिया में क्रिसमस और मिलेनियम इयर सेलिब्रेशन का जश्न शुरू हो चुका था. इसी दिन दो घंटे देरी के बाद शाम को साढ़े चार बजे काठमांडू के त्रिभुवन इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जो फ्लाइट दिल्ली के लिए उड़ी, उसे भारत के क्षेत्र में घुसते ही पांच बंदूकधारियों ने अगवा कर लिया. इंडियन एयरलाइंस की इस फ्लाइट का नंबर था, IC841.

प्लेन को हाईजैक करने वाले आतंकियों ने बंदूक की नोक पर पायलट से प्लेन को लाहौर ले जाने को कहा. लेकिन पायलट ने बताया कि प्लेन में इतना तेल नहीं कि उसे लाहौर ले जाया जा सके. ऐसे में 6 बजे प्लेन अमृतसर में लैंड कराया गया लेकिन फिर लाहौर के लिए रवाना हो गया.

पाकिस्तान सरकार की इजाजत के बिना ही इस विमान ने रात आठ बजकर सात मिनट पर लाहौर में लैंड किया. लाहौर से यह विमान फिर दुबई के लिए चला गया. विमान रात के पौने दो बजे दुबई पहुंचा. जहां ईंधन के बदले आतंकियों ने 27 लोगों को विमान से उतारने दिया गया, इनमें ज्यादातर बुजुर्ग और महिलाएं-बच्चे थे. इसके बाद फिर से विमान को काबुल की ओर रवाना किया गया. लेकिन जब पायलट काबुल एयरपोर्ट से बातचीत की तो पता चला काबुल का रनवे ऐसे प्लेन लैंड करा सकने में सक्षम नहीं था. जिसके बाद प्लेन को कंधार ले जाया गया. कंधार, अफगानिस्तान का एक इलाका है, जहां उस वक्त तालिबान की हुकूमत थी.



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तीन आतंकियों के बदले 155 बंधक हुए थे रिहा 
31 दिसंबर को सरकार और अपहरणकर्ताओं के बीच समझौते के बाद दक्षिणी अफ़ग़ानिस्तान के कंधार एयरपोर्ट पर अगवा रखे गए सभी 155 बंधकों को रिहा कर दिया गया. ये ड्रामा उस वक्त ख़त्म हुआ जब वाजपेयी सरकार भारतीय जेलों में बंद कुछ आतंकियों को रिहा करने के लिए तैयार हो गई. तत्कालीन अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के विदेश मंत्री जसवंत सिंह ख़ुद तीन आतंकियों को अपने साथ कंधार ले गए थे. छोड़े गए आतंकियों में जैश-ए -मोहम्मद के प्रमुख मौलाना मसूद अजहर, अहमद ज़रगर और शेख अहमद उमर सईद शामिल थे.

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