कराची आतंकी हमला: सिर्फ 2 दिन बाद रिटायर होने वाला था सुरक्षा गार्ड, आतंकियों ने मार दी गोली

कराची आतंकी हमला: सिर्फ 2 दिन बाद रिटायर होने वाला था सुरक्षा गार्ड, आतंकियों ने मार दी गोली
कराची स्टॉक एक्सचेंज पर आतंकी हमला, 8 की मौत

कराची स्टॉक एक्सचेंज पर हुए आतंकी हमले (Karachi Stock Exchange Terror Attack) में तीन सुरक्षा गार्ड और एक पुलिस अधिकारी की भी मौत हो गयी. पुलिस के साथ मुठभेड़ में हमला करने वाले चारों आतंकी भी मारे गए. मिली जानकारी के मुताबिक मारे गए सुरक्षा गार्ड में से एक 60 वर्षीय इफ़्तिख़ार वाहिद सिर्फ 2 दिनों बाद ही रिटायर होने वाले थे.

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  • Last Updated: June 30, 2020, 10:06 AM IST
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इस्लामाबाद. पाकिस्तान (Pakistan) के कराची स्टॉक एक्सचेंज पर हुए आतंकी हमले (Karachi Stock Exchange Terror Attack) में तीन सुरक्षा गार्ड और एक पुलिस अधिकारी की भी मौत हो गयी. पुलिस के साथ मुठभेड़ में हमला करने वाले चारों आतंकी भी मारे गए. मिली जानकारी के मुताबिक मारे गए सुरक्षा गार्ड में से एक 60 वर्षीय इफ़्तिख़ार वाहिद सिर्फ 2 दिनों बाद ही रिटायर होने वाले थे. इफ़्तिख़ार आतंकियों को स्टॉक एक्सचेंज में घुसने से रोकने की कोशिश में मारे गए.

BBC में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक इफ़्तिख़ार वाहिद पिछले 10 सालों से पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज में सुरक्षा गार्ड की ड्यूटी कर रहे थे. सोमवार को स्टॉक एक्सचेंज की इमारत पर कुछ आतंकियों ने हमला किया और गोलियां चलाते हुए अन्दर घुसने की कोशिश करने लगे. हालांकि इफ़्तिख़ार वाहिद ने उनमें से एक को रोकने की कोशिश की और उसे पकड़ लिया लेकिन इसी दौरान आतंकियों उन पर गोलियां चला दीं. मारे गए सुरक्षा गार्ड इफ़्तिख़ार वाहिद का घर स्टॉक एक्सचेंज की इमारत से सटे रेलवे कॉलोनी में है. इफ़्तिख़ार वाहिद के बड़े बेटे एजाज़ वाहिद विकलांग हैं और कोई काम नहीं कर पाते हैं. एजाज वाहिद ने बताया कि उनके पिता को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां उनकी मौत हो गयी है. एजाज़ वाहिद ने बीबीसी को बताया, 'मेरे पिता पिछले 10 साल से स्टॉक एक्सचेंज में काम कर रहे थे. उन्होंने 12 हज़ार रुपए मासिक वेतन से इस नौकरी की शुरुआत की थी. अब उनका वेतन 18 हज़ार रुपए था. वो सुबह सात बजे से शाम सात बजे तक ड्यूटी करते थे.' इफ़्तिख़ार वाहिद के चार बच्चे हैं, जिनमें दो बेटे और दो बेटियां हैं. एजाज़ के मुताबिक़ उनके पिता रिटायर होने के बाद ख़ैबर पख़्तूख़्वान में अपने पैतृक गांव में जाकर बसने की सोच रहे थे.

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आतंकियों ने किया ग्रेनेड से हमला



बता दें कि कार में सवार होकर आए उग्रवादियों ने शहर के उच्च सुरक्षा वाले व्यावसायिक केंद्र में स्थित बहुमंजिला इमारत में घुसने की कोशिश की और मुख्य द्वार पर अंधाधुंध गोलियां चलाईं तथा हथगोले फेंके. पुलिस उपाधीक्षक (दक्षिण), जमील अहमद ने बताया कि स्वचालित मशीन गनों, हथगोलों और अन्य विस्फोटकों से लैस उग्रवादियों ने पार्किंग स्थल से पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज (पीएसएक्स) की इमारत तक जाने वाले प्रांगण में घुसने की कोशिश की, लेकिन सुरक्षा बलों ने अहाते के भीतर ही उनके हमले को नाकाम कर दिया. अहमद ने कहा, 'उन्होंने (उग्रवादियों) शुरुआत में प्रांगण में घुसने के लिए प्रवेश स्थल पर हथगोले फेंके और गोलियां चलाईं लेकिन उनमें से एक तुरंत मारा गया और उन्हें पीछे हटना पड़ा.'

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रेंजर्स-सिंध के महानिदेशक मेजर जनरल उमर अहमद बुखारी ने कराची में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि हमलावरों की मंशा न सिर्फ इमारत में प्रवेश करने की थी, बल्कि हिंसा करना तथा लोगों को बंधक बनाने की भी थी. उन्होंने कहा कि प्रत्येक उग्रवादी एके-47 राइफल, हथगोलों और रॉकेट लॉंचर जैसे हथियारों से लैस था। उनके पास भोजन और पानी भी था. बुखारी ने कहा कि पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज (पीएसएक्स) आर्थिक गतिविधि का एक महत्वपूर्ण प्रतीक है, इसलिए इन उग्रवादियों का उद्देश्य यहां अधिक से अधिक लोगों को हताहत करने तथा लोगों को बंधक बनाने का था. उन्होंने कहा कि हमला दुनिया को यह संदेश देने के लिए किया गया कि पाकिस्तान सुरक्षित नहीं है. उग्रवादी पाकिस्तान की आर्थिक गतिविधि और निवेशकों के विश्वास को नुकसान पहुंचाना चाहते थे.

बीएलए ने ली जिम्मेदारी
बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) से जुड़ी मजीद ब्रिगेड ने हमले की जिम्मेदारी ली है. यह समूह पाकिस्तान, ब्रिटेन तथा अमेरिका में प्रतिबंधित है. बीएलए ने विगत में कई हमलों को अंजाम दिया है. इसने अगस्त 2018 में एक आत्मघाती हमले में चीनी इंजीनियरों को भी निशाना बनाया था. इसने नवंबर 2018 में कराची स्थित चीनी वाणिज्य दूतावास और मई 2019 में बलूचिस्तान के ग्वादर स्थित पर्ल कॉन्टीनेंटल होटल को भी निशाना बनाया था. आतंकवाद रोधी विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि एक उग्रवादी की पहचान सलमान के तौर पर हुई है जो अशांत बलूचिस्तान प्रांत का रहने वाला था. पीएसएक्स के प्रबंध निदेशक फारुख खान ने कहा 'परिसर में मौजूद लोगों की संख्या आज सामान्य से कम थी क्योंकि अनेक लोग कोविड-19 के कारण अब भी घर पर ही रह रहे हैं.' उन्होंने कहा कि व्यापारिक गतिविधियां जारी रहीं और इनमें कोई व्यवधान नहीं आया.

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पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी और प्रधानमंत्री इमरान खान ने आतंकी हमले की निंदा की और कहा कि देश आतंकवाद को अपनी जमीन से उखाड़ फेंकने के लिए संकल्पबद्ध है. सिंध के पुलिस महानिरीक्षक मुश्ताक महर ने कहा कि फॉरेंसिक जांच पड़ताल के लिए हमलावरों के शवों को कब्जे में लिया गया है. उन्होंने कहा, 'उनमें से कोई भी मुख्य इमारत के करीब तक भी नहीं पहुंच पाया. चारों को पीएसएक्स तक जाने वाले अहाते के प्रवेश स्थल पर ही मार गिराया गया.' कुछ व्यापारियों ने टीवी समाचार चैनलों को बताया कि गोलीबारी शुरू होने के फौरन बाद वे सभी अपने दफ्तरों एवं कैबिन में जमा हो गए क्योंकि उन्हें भीतर ही रहने को कहा गया था. इस संबंध में एक व्यापारी ने कहा, 'हम यह सोचकर बहुत डर गए थे कि अगर ये आतंकी इमारत में घुसने में कामयाब रहे तो क्या होगा.' राष्ट्रपति अल्वी ने हमले की निन्दा करते हुए एक बयान में कहा कि उग्रवादी अपने नापाक इरादों में कभी सफल नहीं होंगे. वहीं, प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा कि पूरे देश को सुरक्षा एजेंसियों के बहादुर कर्मियों पर गर्व है. सिंध के मुख्यमंत्री मुराद अली शाह ने हमले की निंदा की और कहा कि यह, 'राष्ट्रीय सुरक्षा और अर्थव्यवस्था पर हमले के समान है.'
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