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बहन के बढ़ते रुतबे से घबरा गए किम जोंग, पार्टी की शीर्ष कमिटी से हटाया

किम यो जोंग को पार्टी के अहम् पद से हटाया गया. (फोटो- AFP)
किम यो जोंग को पार्टी के अहम् पद से हटाया गया. (फोटो- AFP)

Kim Jong removed Kim yo jong: किम जोंग उन (Kim Jong Un) ने बहन किम यो जोंग (Kim yo jong) को पार्टी की एक्जीक्यूटिव कमिटी (North Koreas executive committee) से बाहर का रास्ता दिखा दिया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 12, 2021, 8:46 AM IST
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प्योंगयांग. उत्तर कोरिया (North Korea) के शासक किम जोंग उन (Kim Jong Un) के बाद पार्टी में सबसे शक्तिशाली उनकी बहन किम यो जोंग (Kim yo jong) को ही माना जाता है. किम जोंग के बीमार होने पर भी उन्हीं के सत्ता संभालने की ख़बरें सामने आयीं थीं. हालांकि अब एक नए खुलासे में सामने आया है कि किम यो के पार्टी में बढ़ते प्रभाव से किम जोंग असुरक्षित महसूस कर रहे थे और उन्होंने अपनी बहन को पार्टी की एक्जीक्यूटिव कमिटी (North Koreas executive committee) से बाहर का रास्ता दिखा दिया है.

डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी KCNA की प्रेस रिलीज में अब किम यो जोंग का नाम पार्टी की एक्जीक्यूटिव कमिटी में शामिल नहीं किया गया है. बीते रविवार को ही किम जोंग की उपस्थिति में पार्टी की सेंट्रल कमिटी का चुनाव किया गया था. इसी कार्यक्रम में पार्टी के लिए आने पांच साल के डिप्लोमैटिक, मिलिट्री और आर्थिक नीति के लक्ष्य भी निर्धारित किये गए हैं.






किम यो को सेंट्रल कमिटी का मेंबर रखा आया है लेकिन पार्टी की सबसे शक्तिशाली एक्जीक्यूटिव कमिटी से उन्हें बहार कर दिया गया है, वे अब पोलित ब्यूरो में भी शामिल नहीं हैं. साल 2017 में किम यो उत्तर कोरिया के इतिहास की ऐसी दूसरी महिला थीं जिन्हें पोलित ब्यूरो में जगह दी गयी थी. जानकारों का मानना है कि किम जों पहले भी किम यो को लेकर आशंकित रहे हैं और उन्हें पोलित ब्यूरो से बाहर करने के पीछे भी यही वजह हो सकती है.

किम जोंग बदल रहे हैं माहौल!
उत्तर कोरिया के सरकारी मीडिया ने बताया कि किम जोंग-उन ने कूटनीतिक रिश्तों को बढ़ाने की बात कही है और अंतर-कोरियाई संबंधों पर नया रवैया अपनाएंगे. जानकारों के मुताबिक किम जोंग अमेरिका और दक्षिण कोरिया से रिश्ते सुधारने के लिए तैयार हैं और फ़िलहाल वे विचार कर रहे हैं कि बाइडन सरकार के साथ किस तरह रिश्ते बनाए जाएं.



2018 में परमाणु और आईसीबीएम परीक्षण पर ख़ुद रोक लगाने के बावजूद, उत्तर कोरिया ने अपने हथियारों को बढ़ाना जारी रखा और अक्टूबर की परेड में अपनी सबसे बड़ी आईसीबीएम को पेश किया. किम ने सैन्य क्षमताओं को "उच्च स्तर" पर ले जाने की बात कही है. 2018 शिखर सम्मेलन के दौरान अंतर-कोरियाई संबंधों में कुछ हद तक बढ़ोतरी हुई लेकिन परमाणु वार्ता ठप होने से फिर से रिश्तों में खटास आ गई.
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