US Election 2020: अमेरिका के राष्ट्रपति बनने जा रहे जो बाइडन कभी खुदकुशी के बारे में भी सोच रहे थे

2008 में बराक ओबमा का चुनावी साथी बन जो बाइडन ने सभी को चौंका दिया था.
2008 में बराक ओबमा का चुनावी साथी बन जो बाइडन ने सभी को चौंका दिया था.

जो बाइडन (Joe Biden) के दोस्त ने एक इंटरव्यू में खुलासा किया था कि जो काफी दिलेर हैं. उन्होंने कहा था कि आप उसे कोई चुनौती नहीं दे सकते, क्योंकि वह खुद को पूरी तरह इसमें झोंक देगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 7, 2020, 5:07 PM IST
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वॉशिंगटन. एक समय के सबसे पॉपुलर नेता रहे डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की राजनीति को सबसे बड़ी चुनौती जो बाइडन दे रहे हैं. बाइडन वह नाम है जो शायद ओबामा राज में उप राष्ट्रपति चुने जाने से पहले काफी लोगों के लिए अनसुना सा था. जबकि, हालात इससे उलट हैं, आज राष्ट्रपति चुनाव में अपनी मजबूत दावेदारी पेश कर रहे बाइडन कभी पांचवे सबसे युवा सीनेटर रह चुके हैं. जो अपने जीवन में काफी बुरे दौर से भी गुजर चुके हैं. भले ही आज उन्हें लोग खुले मंच से राजनीतिक बयान देते हुए देख रहे हैं, लेकिन बाइडन के जीवन में एक समय ऐसा भी आया था, जब वे खुदकुशी के बारे में सोच रहे थे.

'बाइडन से ज्यादा खून बहाते किसी और को नहीं देखा'
77 साल के बाइडन का गृहनगर स्क्रेंटन हैं और उनकी परवरिश ग्रीन रिज में हुई. उनके एक दोस्त जिम कैनडी ने एपी को 2008 में बताया था 'आप उसे कुछ भी करने की चुनौती नहीं दे सकते, क्योंकि परेशानी यह है कि वह उसे कर देगा.' जो का बचपन गर्म कोयले के ढेर और बड़ी मशीनों के बीच दौड़ते हुए गुजरा है. कैनेडी ने कहा 'मैंने किसी को भी उसके जितना खून बहाते हुए नहीं देखा है.'

चुनौतियां बाइडन के जीवन में कम नहीं थीं
आज सूट-बूट में बातें करने वाले बाइडन का जीवन कभी आसान नहीं रहा था. बचपन में हकलाने के चलते स्कूल टीचर्स ने उनका मजाक भी उड़ाया. हालांकि, बाइडन ने इस बेइज्जती को भी सीख की तरह लिया और बिना अटके बोलना सीखा. अपने संस्मरण 'प्रॉमिस टू कीप' में बाइडन ने बताया है कि उनकी शुरुआती राजनीति की शिक्षा उनके डेमोक्रेटिक दादाजी के किचन में हुई है.



इसके बाद अपने पिता की नौकरी की वजह से उन्हें 10 साल की उम्र में स्क्रेंटन छोड़कर डेलावेयर जाना पड़ा. यहां उन्होंने खुद को एक नेता और पॉलिसी के मामलों में एक्सपर्ट के तौर पर तैयार किया. वे 6 बार सीनेट के लिए चुने गए और बराक ओबामा (Barack Obama) के साथ वॉशिंगटन पहुंचे. 1980 में बाइडन ने चुनाव की तैयारी की थी. उन्होंने कागज तैयार किए, लेकिन 1984 में उन्हें जमा नहीं किए. हालांकि, 2008 में उन्होंने बराक ओबामा का चुनावी साथी बन सभी को चौंका दिया था.

अपने जीवन से हार गए थे बाइडन
1972 में बाइडन 29 साल की उम्र में सीनेट के लिए चुने गए थे. वह इतिहास में पांचवे सबसे युवा सीनेटर बने. हालांकि, वह सीट तक पहुंचते, इससे पहले ही उनकी पत्नी और नवजात बच्ची की एक सड़क हादसे में मौत हो गई. इस हादसे में उनके दो बेटे बियू और हंटर गंभीर रूप से घायल हो गए थे. इस हादसे ने बाइडन को पूरी तरह तोड़ दिया था. उन्होंने कहा था 'अपने जीवन में पहली बार, मैं समझा कि कोई आत्महत्या का फैसला कैसे कर सकता है.' हमेशा गिर कर खड़े होने वाले बाइडन अपने पिता की सीख से एक बार फिर तैयार हुए.

बाद में उनके बेटे बियू की 2015 में ब्रेन कैंसर के चलते मौत हो गई थी. जबकि, हंटर कोकेन के इस्तेमाल के कारण अमेरिकी नौसेना से निकाला गया था. हालांकि, इसके बाद भी परेशानियों ने बाइडन का साथ नहीं छोड़. 1988 में दो बार काफी बीमार हुए और उनके चेहरे की मसल्स कुछ समय के लिए लकवाग्रस्त हो गईं थीं.

समाचार एजेंसी एपी को दिए इंटरव्यू में बाइडन के एक करीबी दोस्त टेड कॉफमैन ने कहा था 'मैं जितने भी लोगों को अभी तक निजी तौर पर जानता हूं, उनमें से वह सबसे बदनसीब है. और मेरे निजी तौर पर जानने वाले लोगों में वह सबसे खुशनसीब है.'

जीत के करीब पहुंच रहे है बाइडन
इस चुनाव में कई बार ट्रंप के साथ बाइडन का मुकाबला काफी करीबी भी रहा. हालांकि, यह दौर भी अब गुजरता हुआ नजर आ रहा है. बाइडन फिलहाल चार जरूरी राज्यों में ट्रंप पर बढ़त बनाए हुए हैं और अगर वह 20 इलेक्टोरल वोट वाले पेंसिल्वेनिया में बड़ी जीत दर्ज करते हैं, तो वह जीत के काफी करीब पहुंच जाएंगे.
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