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जानिए किन-किन देशों में हुई कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन की पुष्टि

टीके को सेफ रखने के लिए सुअर के मांस से बने जिलेटिन का उपयोग होता है - सांकेतिक फोटो (pixabay)
टीके को सेफ रखने के लिए सुअर के मांस से बने जिलेटिन का उपयोग होता है - सांकेतिक फोटो (pixabay)

ब्रिटेन में कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन मिलने के बाद तकरीबन 12 देशों ने अपने यातायात संपर्क लंदन के साथ तोड़ दिए हैं, तो फ्रांस और अफ्रीका में भी वायरस के पाए जाने की अपुष्ट खबरें आ रही हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 22, 2020, 5:48 AM IST
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नई दिल्ली. ब्रिटेन में मिले कोरोना वायरस (Coronavirus) के नए स्ट्रेन पूरी दुनिया को सकते में डाल दिया है. कहां तो उम्मीद थी कि वैक्सीन आने के बाद कोरोना वायरस संक्रमण को थामने में मदद मिलेगी, वहीं वायरस के और ज्यादा खतरनाक स्ट्रेन मिलने से नई आशंकाओं को जन्म मिल गया है. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने कहा है कि नया स्ट्रेन 70 प्रतिशत ज्यादा तेजी से फैलता है. तकरीबन 12 देशों ने ब्रिटेन के साथ अपने यातायात संपर्क तोड़ दिए हैं, तो भारत में स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन (Harsh Vardhan) ने आपात बैठक कर स्थितियों से निपटने पर चर्चा की है. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने ब्रिटेन से आने वाली फ्लाइट को तुरंत करने की मांग की तो हर्षवर्धन ने कहा कि सरकार सचेत है, परेशान होने की जरूरत नहीं है. सवाल ये है कि क्या कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन अभी ब्रिटेन में ही मिला या अन्य देशों में भी इसके स्ट्रेन मिले हैं.

डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना वायरस का नया और खतरनाक स्ट्रेन के VUI-202012/01 ब्रिटेन के अलावा पांच और देशों-जगहों में मिला है. ये देश हैं- ऑस्ट्रेलिया, इटली, नीदरलैंड, जिब्राल्टर और डेनमार्क प्रमुख हैं. इसके अलावा नए वायरस स्ट्रेन के बेल्जियम में होने की भी अपुष्ट खबरें आई हैं. फ्रांस और साउथ अफ्रीका का मानना है कि उनके यहां नया स्ट्रेन हो सकता है. खबरों के मुताबिक नवंबर में डेनमार्क में 9 मौकों पर स्ट्रेन की पुष्टि हुई थी, वहीं ऑस्ट्रेलिया में ये स्ट्रेन एक बार पाया गया था. नीदरलैंड ने घोषणा की है कि इस महीने उनके यहां कोरोना के नए स्ट्रेन का एक मामला सामने आया है.

कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन की सबसे पहले 20 सितंबर को ब्रिटेन के केंट में पुष्टि हुई थी. अब ब्रिटेन के दक्षिण-पूर्व और लंदन में 60 फीसदी मामले कोरोना के नए स्ट्रेन के हैं. जाहिर है कि नया स्ट्रेन बहुत तेजी से फैल रहा है. ब्रिटिश स्वास्थ्य मंत्री के मुताबिक वेल्स में संक्रमण के मामलों में आई तेजी के लिए भी नया स्ट्रेन जिम्मेदार है. वहीं स्कॉटलैंड के ग्रेटर ग्लास्गो और क्लीडे क्षेत्र में भी नए स्ट्रेन के 9 मामले पाए गए हैं.



21 दिसंबर को ब्रिटिश क्षेत्र जिब्राल्टर में नए स्ट्रेन के एक मामले की पुष्टि हुई है. 20 दिसंबर को ब्रिटेन से रोम पहुंचे एक इटालियन नागरिक में भी ये स्ट्रेन पाया गया था. जांच में इस व्यक्ति के पॉजिटिव पाए जाने की पुष्टि हुई थी. नवंबर महीने में ऑस्ट्रेलिया में दो लोगों में नए स्ट्रेन के मामलों की पुष्टि हुई थी, ये दोनों लोग ब्रिटेन से न्यू साउथ वेल्स गए थे. दिसंबर महीने में नीदरलैंड के अधिकारियों ने कहा कि सैंपल में नए स्ट्रेन की पुष्टि हुई है.

अपुष्ट मामलों की बात करें तो दक्षिण अफ्रीका में भी एक स्ट्रेन मिला है, जोकि ब्रिटेन में मिले स्ट्रेन के जैसा ही है. फ्रांस के स्वास्थ्य मंत्री ओलिवियर वेरन ने कहा कि ये बिल्कुल संभव है कि नया स्ट्रेन पहले से ही एक देश से दूसरे देश में फैल रहा हो.
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