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प्रदूषण के मामले में पाकिस्तान का लाहौर सबसे ऊपर, दूसरे नंबर पर भारत की राजधानी दिल्ली

कॉन्सेप्ट इमेज.
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यूएस एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) ने वायु प्रदूषण के आंकड़ों के आधार पर पाकिस्तान के लाहौर (Lahore) को सबसे ऊपर रखा है. वहीं, दूसरे स्थान पर भारत की राजधानी दिल्ली है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 30, 2020, 10:33 PM IST
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इस्लामाबाद. दुनिया के सबसे ज्यादा प्रदूषित शहरों की सूची में पाकिस्तान के लाहौर (Lahore) को पहला स्थान मिला है. वहीं, इस लिस्ट में नई दिल्ली को दूसरे नंबर पर जगह दी गई है. बड़ी बात यह है कि नेपाल की राजधानी काठमांडू को इस लिस्ट में तीसरा स्थान मिला है. इसी के साथ दुनिया के सबसे ज्यादा प्रदूषित शहरों में टॉप तीन दक्षिण एशिया में स्थित हैं. इस लिस्ट को यूएस एयर क्वालिटी इंडेक्स ने वायु प्रदूषण के आंकड़ों के आधार पर जारी किया है. इस लिस्ट के अनुसार, वायु प्रदूषण सूचकांक के मुताबिक लाहौर में अतिसूक्ष्म कणों (पीएम) की रेटिंग 423 रही. पाकिस्तान की आर्थिक राजधानी कराची एक्यूआई में सातवें स्थान पर रही. भारत की राजधानी नई दिल्ली 229 के एक्यूआई के साथ दूसरे स्थान पर रही. नेपाल की राजधानी काठमांडू सबसे प्रदूषित शहरों में तीसरे स्थान पर रही, जहां पीएम 178 दर्ज किया गया.

अमेरिका की पर्यावरण संरक्षण एजेंसी 50 के भीतर एक्यूआई को संतोषजनक मानती है. लाहौर का एक्यूआई 301 और इससे ऊपर की श्रेणी में रहा जिसे खतरनाक माना जाता है. खाद्य और कृषि संगठन की पूर्व की रिपोर्ट और पर्यावरण विशेषज्ञों के मुताबिक पराली जलाने, परिवहन और उद्योगों के कारण साल भर प्रदूषण होता है. कई ईंट भट्ठों का पुराने तरीके से संचालन हो रहा है. पिछले दिनों सरकार ने ऐसे ईंट भट्ठों को बंद करने का आदेश भी दिया लेकिन कुछ का संचालन अभी भी हो रहा है. WHO के मुताबिक, दुनिया के हर 10 में से 9 लोग काफी प्रदूषित हवा में सांस लेते हैं. इसके मुताबिक, 'हर साल घर के बाहर और घरेलू वायु प्रदूषण के कारण दुनिया भर में 70 लाख लोगों की मौत होती है. अकेले बाहरी प्रदूषण से 2016 में मरने वाले लोगों की संख्या 42 लाख के करीब थी, जबकि घरेलू वायु प्रदूषणों से होने वाली मौतों की संख्या 38 लाख है.' वायु प्रदूषण के कारण हार्ट संबंधित बीमारी, सांस की बीमारी और अन्य बीमारियों से मौत होती है.

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वायु प्रदूषण मापने के आठ मानक (प्रदूषक तत्व पीएम 2.5, पीएम 10, कार्बन मोनोऑक्साइड, ओजोन, सल्फर डाईऑक्साइड, एल्युमिनियम व लेड) होते हैं. इसमें सबसे महत्वपूर्ण पीएम 2.5 और पीएम 10 ही होते हैं. इन्हीं का आंकड़ा सर्वाधिक होता है। एयर क्वॉलिटी इंडेक्स मापते समय पीएम 2.5, पीएम 10 और किसी एक अन्य मानक को शामिल किया जाता है. इसका केवल स्टैंडर्ड होता है, इसकी कोई मापक इकाई नहीं होती. वहीं पीएम 2.5 और पीएम 10 को माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर में मापा जाता है. किसी भी चीज के जलने से जो प्रदूषण होता है, उसमें पीएम 2.5 और धूल कणों में पीएम-10 होता है.
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