दुनिया भर में कपड़ा उद्योग का हुआ बुरा हाल, लाखों मजदूर हुए बेरोजगार

दुनिया भर में कपड़ा उद्योग का हुआ बुरा हाल, लाखों मजदूर हुए बेरोजगार
कपड़ा उद्योग क्षेत्र में लाखों मजदूर बेरोजगार हो गए हैं. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

कोरोनो वायरस महामारी (Coronavirus Pandemic) के कारण उत्तरी अमेरिका और यूरोप में कपड़ा बेचने वाले कई स्टोर बंद हो गए हैं जिसके कारण एशिया में सैकड़ों हजारों कपड़ा श्रमिक (garment workers) बेकार हो गए.

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वाशिंगटन. कोरोनो वायरस महामारी (Coronavirus Pandemic) के कारण उत्तरी अमेरिका और यूरोप में कपड़ा बेचने वाले कई स्टोर बंद (Clothes Selling Stores Closed) हो गए हैं जिसके कारण एशिया में सैकड़ों हजारों कपड़ा श्रमिक (garment workers) जिनमें अधिकांश महिलाएं हैं, को निलंबित कर दिया गया है या उन्हें काम देने वाले संगठन ही बंद हो गए हैं.

कारखानों में काम करते थे श्रमिक

वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के अनुसार एशिया के कई विकासशील देशों के लाखों लोग रोजगार के लिए टी-शर्ट और पैंट बनाने वाले कारखानों पर निर्भर थे लेकिन कोरोना महामारी के कारण पश्चिमी बड़े ब्रांडों ने अरबों डॉलर के ऑर्डर रद्द कर दिए और स्वेटर और जींस का शिपमेंट नहीं लिया. इसका नतीजा यह हुआ कि नोम पेन्ह, ढाका और येंगन के पास स्थित एशियाई औद्योगिक बेल्टों में सैकड़ों कारखाने बंद हो गए या बंद होने की कगार पर हैं.



इन देशों के कपड़ा उद्योग की हालत हुई पतली
हाल के महीनों में एशिया में बांग्लादेश, वियतनाम और म्यांमार कोरोना के कारण आर्थिक मार झेलने वाले प्रमुख देश हैं. इन देशों में से अधिकतर श्रमिक अपने गाँव लौट गए हैं और भोजन में कटौती करके जिंदगी काट रहे हैं. वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट में 22 वर्षीय ज़िन मार ओओ का उदाहरण दिया गया है जो म्यांमार में दक्षिण कोरियाई स्वामित्व वाली एक फैक्ट्री में काम करती थी और जिसे कोरोना के प्रकोप के चलते बंद कर दिया गया और ओओ को अपनी नौकरी गंवानी पड़ी. ओओ ने हाई स्कूल भी पूरा नहीं किया है और महीना भर यंगून के बाहरी इलाके में स्थित कपड़ा कारखाने में काम करके 155 अमरीकी डॉलर कमा रही थी. आज उसका जीवन अधर में अटक गया है.

बांग्लादेश में 40 लाख लोग कपड़ा मजदूर

बांग्लादेश में कपड़ा निर्माताओं के लिए शीर्ष उद्योग समूह और दुनिया के सबसे बड़े कपड़ों के निर्यातकों में से एक की अध्यक्ष रूबाना हक ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि अब कपड़ा उद्योग फिर से रफ्तार पकड़ने वाला है. कपड़े बांग्लादेश की निर्यात आय का लगभग 85 प्रतिशत हैं और यह क्षेत्र वहां 40 लाख लोगों को रोजगार देता है.

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कंबोडिया में पांच में से एक घर में कम से कम एक कपड़ा श्रमिक है और 75 प्रतिशत निर्यात वस्त्र, जूते और यात्रा बैग का किया जाता है. विश्व व्यापार संगठन के अनुमान के अनुसार वियतनाम और भारत भी शीर्ष निर्यातक हैं. एशियाई विकास बैंक का अनुमान है कि विकासशील एशिया में इस साल सिर्फ 0.1 प्रतिशत की वृद्धि होगी जो छह दशकों में सबसे धीमी दर है.
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