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अमेरिकियों को इस तरह विज्ञान समझा रही है एक भारतीय लड़की


Updated: November 13, 2019, 12:02 PM IST
अमेरिकियों को इस तरह विज्ञान समझा रही है एक भारतीय लड़की
कॉमेडी के जरिए कशा लोगों को विज्ञान की नई खोज और बारीकियों की जानकारी बड़े ही मजेदार ढंग से देतीं हैं.

कशा के दोनों कामों का विषय एक है लेकिन उनका स्वरूप बिलकुल विपरीत. एक बोझिल विज्ञान और दूसरा चुटकुलों से भरा मजेदार. स्टैंड-अप कॉमेडियन का किरदार हालही में एक नए कैरियर के तौर पर उभरा है. दुनियाभर में लोग अलग तरह की कॉमेडी पसंद कर रहे हैं. यह उसी का हिस्सा है.

  • Last Updated: November 13, 2019, 12:02 PM IST
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वॉशिंगटन. भारतीय मूल (Person of Indian Origin in USA) की कशा पटेल (Kasha Patel) नासा की वेबसाइट (NASA website content) के लिए लिखती हैं. यहां दिन में काम करने के बाद कशा शाम तो स्टैंड अप कॉमेडियन (Standup Comedian) की भूमिका निभाती हैं. कॉमेडी के जरिए कशा लोगों को विज्ञान की नई खोज (New Inventions in Science) और बारीकियों की जानकारी बड़े ही मजेदार ढंग से देतीं हैं.

28 वर्षीय कशा के मुताबिक उनका काम लोगों के मन से भ्रम को दूर करके तथ्यों की जानकारी देना है. हालांकि कशा के दोनों कामों का विषय एक है लेकिन उनका स्वरूप बिलकुल विपरीत. एक बोझिल विज्ञान और दूसरा चुटकुलों से भरा मजेदार. स्टैंड-अप कॉमेडियन का किरदार हालही में एक नए कैरियर के तौर पर उभरा है. दुनियाभर में लोग अलग तरह की कॉमेडी पसंद कर रहे हैं. यह उसी का हिस्सा है.

इसी तरह वेन कॉर्नेल मेडिकल कॉलेज में न्यूरोसाइंस में पीएचडी के छात्र शैनन ओडेल न्यूयॉर्क में "ड्रंक साइंस" नाम से एक लाइव शो करती हैं. ओडेल मानती हैं कि लोग भले ही कॉमेडी और विज्ञान में मेल न देखते हैं लेकिन दोनो में बहुत कुछ एक जैसा है. ओडेल कहतीं है दोनो में ही दुनिया को बारीकी से समझा जाता है फिर दर्शकों या पाठकों के साथ इसे साझा किया जाता है.


उनके मुताबिक मनुष्य के विकास में हंसी की एक महत्वूपर्ण भूमिका है. अपने हंसने की काबिलियत की वजह से ही मनुष्य जटिल सामाजिक संरचना विकसित करने में सफल हुआ. आपस मे हंसने से लोगों के बीच तालमेल बेहतर होता है क्योंकि लोग एक दूसरे की भावनाओं को अच्छे से समझ पाते हैं. यही हाल कॉमेडी के जरिए विज्ञान को समझाने का है. कॉमेडी के माध्यम से जब विज्ञान समझाया जाता है तो लोगों की ग्रहणशीलता कई गुना बढ़ जाती है.

ओडेल और पटेल की कॉमेडी के तरीके भिन्न हैं. एक अपने यूट्यूब वीडियोज़ में ग्राफिक्स का इस्तेमाल करते हुए लोगों के निजी जीवन पर जोक्स मारते हुए बात करती है. दूसरी पारंपरिक स्टैंड-अप कॉमेडियन है. जो अपने पंचलाइन के जरिए लोगों को आत्म-मुग्ध कर देती है.

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प्यू रिसर्च के एक हालिया सर्वे में पाया गया कि अमेरिका के वैज्ञानिक सैनिकों के बाद सबसे ज्यादा भरोसेमंद समुदाय है. यहां 44 प्रतिशत लोग वैज्ञानिकों की बात पर भरोसा करते हैं.

ओडेल की माने तो जनता तक अपनी बात पहुंचाने के लिए नये तरीके खोजे जाने की जरूरत है. खासकर जलवायु परिवर्तन जैसे विवादास्पद मुद्दों पर. वैज्ञानिकों को आम जनता के बीच निकल कर रिसर्च पर बात करनी चाहिए क्योंकि उनकी रिसर्च पर उनसे बेहतर दूसरा कोई नहीं बता सकता.

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First published: November 13, 2019, 12:02 PM IST
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