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चीन ने 10 लाख उइगर और अन्‍य मुस्लिमों को हिरासत में क्‍यों लिया? लीक हुए सरकारी दस्‍तावेजों से खुलासा

News18Hindi
Updated: November 18, 2019, 2:12 PM IST
चीन ने 10 लाख उइगर और अन्‍य मुस्लिमों को हिरासत में क्‍यों लिया? लीक हुए सरकारी दस्‍तावेजों से खुलासा
संयुक्‍त राष्‍ट्र के मुताबिक, चीन ने कम से कम 10 लाख उइगर और अन्‍य मुस्लिमों को शिविरों में हिरासत में रखा है.

लीक्‍ड फाइल (Leaked File) से स्‍पष्‍ट है कि चीन की सरकार ने उइगर (Uighurs) और अन्‍य मुस्लिमों (Other Muslims) के साथ किसी तरह की दया नहीं बरतने (No Mercy) का आदेश दिया है.

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  • Last Updated: November 18, 2019, 2:12 PM IST
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बीजिंग. चीन की सरकार के अहम दस्‍तावेज लीक (Leaked Documents) होने के बाद साफ हो गया है कि राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग (President Xi Jinping) के नेतृत्‍व में पश्चिमी शिंजियांग (Xinjiang) प्रांत में उइगर (Uighurs) और अन्‍य मुस्लिमों (Muslims) को शिविरों में क्‍यों रखा गया है. संयुक्‍त राष्‍ट्र (United Nations) के विशेषज्ञों और कार्यकर्ताओं का कहना है कि शिंजियांग के शिविरों (Camps) में कम से कम 10 लाख उइगर और अन्‍य मुस्लिम अल्‍पसंख्‍यकों को हिरासत में रखा गया है. संयुक्‍त राष्‍ट्र समेत कई अन्‍य देशों ने भी चीन के इस कदम की कड़ी निंदा की है. न्‍यूयॉर्क टाइम्‍स की रिपोर्ट के मुताबिक, ये दस्‍तावेज चीन के एक नेता ने लीक किए थे.

किसी तरह की दया नहीं दिखाने का दिया गया था आदेश
लीक फाइल (Leaked File) में बताया गया है कि जिनपिंग ने 2014 में शिंजियांग प्रांत के एक ट्रेन स्‍टेशन पर उइगर उग्रवादियों (Uighur Militants) के यात्रियों पर चाकू से किए गए हमले के बाद क्षेत्र का दौरा किया था. इस हमले में 31 लोगों की मौत हो गई थी. इस दौरे के बाद जिनपिंग ने अधिकारियों की अलग-अलग बैठकों में दिए भाषणों (Series Of Speeches) में आतंकियों के सफाए के लिए अभियान चलाने की बात कही थी. इस दौरान उन्‍होंने अधिकारियों से कहा था कि आतंकवाद, घुसपैठ (Infiltration) और अलगाववाद (Separatism) के खिलाफ किसी तरह की दया नहीं दिखाई जाए. उन्‍होंने कहा था कि आतंकियों का पूरी तरह सफाया करने के लिए हर जरूरी कदम उठाया जाए.

बीजिंग ने अल्‍पसंख्‍यकों के साथ दुर्व्‍यवहार से किया इनकार

चीन का नेतृत्‍व (Chinese Leadership) अन्‍य देशों में हुए आतंकी हमलों (Terrorist Attacks) और अमेरिका (US) के अफगानिस्‍तान (Afghanistan) से सैनिकों की संख्‍या घटाने से काफी डरा हुआ था. हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि लीक हुए 403 पेज कैसे इकट्ठे किए गए और इनका चयन कैसे किया गया. इस मामले पर बीजिंग (Beijing) ने उइगर या अन्‍य मुस्लिम समुदायों के साथ किसी भी तरह के दुर्व्‍यवहार (Mistreatment) से साफ इनकार किया है. बीजिंग का कहना है कि शिविरों में रखे गए लोगों को इस्‍लामी चरमपंथ (Islamic Extremism) और अलगाववाद से दूर कर कौशल विकास के तहत प्रशिक्षण दिया जा रहा है. इस मामले पर चीन के विदेश मंत्रालय ने अब तक कोई टिप्‍पणी नहीं की है.

बीजिंग का कहना है कि शिविरों में रखे गए लोगों को इस्‍लामी चरमपंथ और अलगाववाद से दूर कर कौशल विकास के तहत प्रशिक्षण दिया जा रहा है.


ग्‍लोबल टाइम्‍स ने पश्चिमी देशों पर लगाए कई आरोप चीन के सरकारी समाचारपत्र ग्‍लोबल टाइम्‍स (Global Times) के संपादकीय में आज कहा गया है कि रिपोर्ट में नैतिकता की कमी (Lack of Morality) है. साथ ही आरोप लगाया गया है कि कुछ पश्चिमी देश (Western Countries) शिंजियांग को हिंसा (Violence) और अराजकता (Chaos) में घिरा देखने के लिए उत्सुक नजर आ रहे हैं. संपादकीय के मुताबिक, चीन ने शिंजियांग को एक और चेचन्‍या (Republic of Chechnya) बनने से रोकने के लिए निर्णायक कदम उठाए हैं. दस्‍तावेजों में बताया गया है कि कैसे अधिकारियों ने यूनिवर्सिटी से लौटने वाले स्‍टूडेंट्स को अनके परिवारों को कहीं दूर ले जाने की बात समझाई. साथ ही बताया गया है कि कैसे कुछ स्‍थानीय अधिकारियों ने इस कार्यक्रम का विरोध किया.

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First published: November 18, 2019, 1:18 PM IST
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