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Lebanon Blast: भारत मदद के लिए आगे आया , कहा- दवाएं और खाद्य वस्तुएं भेज रहे हैं

लेबनान की राजधानी बेरूत में हुए जोरदार धमाके की तस्वीर (File Photo)

लेबनान की राजधानी बेरूत में हुए जोरदार धमाके की तस्वीर (File Photo)

बेरुत त्रासदी से उबरने के लिए दुनिया भर से मदद भेजी जा रही हैं. भारत भी इस मामले में पीछे नहीं रहना चाहता है और अब वह लेबनान को दवाएं (Medicine) और खाद्य वस्तुएं (Food Items) मानवीयता की मदद के बतौर भेज रहा है.

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    संयुक्त राष्ट्र. लेबनान पहले ही दिवालिया होने की कगार पर पहुंच चुका था. ऐसे में कुछ दिनों पूर्व हुई बेरुत में जोरदार धमाके (Berut Blast) ने उसकी समस्या को और बढ़ा दिया है. बेरुत त्रासदी से उबरने के लिए दुनिया भर से मदद भेजी जा रही हैं. भारत भी इस मामले में पीछे नहीं रहना चाहता है और अब वह लेबनान को दवाएं (Medicine) और खाद्य वस्तुएं (Food Items) मानवीयता की मदद के बतौर भेज रहा है. यह जानकारी संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति ने दी. वे लेबनान में मानवीय स्थिति पर चर्चा में भाग ले रहे थे और उन्होंने यह जानकारी अपने भाषण में दिया.

    कोरोना से उबरने के चिकित्सा सामग्री पहले ही भेज चुका है भारत

    टीएस तिरुमूर्ति ने कहा कि बेरुत की त्रासदी से भारत के लोग मर्माहत हैं. हम पीडि़त परिवारों के इस दुख से उबरने के लिए प्रार्थना करते हैं. उन्होंने बताया कि भारत ने कुछ समय पहले ही लेबनान को कोरोना से लड़ाई के लिए जरूरी चिकित्सा सामग्री भेजी थी. हम तत्काल दवाएं, खाद्य वस्तुएं व अन्य जरूरी सामान भी भेज रहे हैं ताकि पीडि़तों का कुछ कष्ट दूर हो सके.

    'लेबनान और भारत के बीच ऐतिहासिक रिश्ता रहा है'

    उन्होंने कहा कि हम लेबनान सरकार से बात कर रहे हैं कि हम और क्या मदद कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि लेबनान और भारत के बीच ऐतिहासिक रिश्ता है. हम परंपरागत रूप से काफी करीब हैं. संकट के इस समय में हम लेबनान के साथ खड़े हैं.

    दुनिया के कई देश मदद के लिए आगे आए

    लेबनान में हुए प्रलंयकारी विस्फोट से हुए जानमाल की व्यापक हानि के बाद उसे राहत देने के लिए एक आपातकालीन डोनर कॉन्फ्रेंस में 253 मिलियन यूरो (22 अरब रुपये) की धनराशि जुटाई. यह बात फ्रेंच प्रेसीडेंसी ने एक बयान में बताई. फ़्रांस के राष्ट्रपति मैक्रोन ने गुरुवार को बेरुत का दौरा किया और वीडियो-लिंक द्वारा इस सम्मेलन की मेजबानी की और अपनी प्रारंभिक टिप्पणी में भाग लेने वाले देशों से अपने मतभेदों को अलग रखकर लेबनान के लोगों की मदद करने का आग्रह किया. उन्होंने यह भी कहा कि लेबनान में संयुक्त राष्ट्र संघ को सभी अंतर्राष्ट्रीय मदद के बीच तालमेल बिठाने का काम करना होगा. मदद की पेशकश में विस्फोट की निष्पक्ष, विश्वसनीय और स्वतंत्र जांच की मांग भी शामिल है.

    लेबनान की सहायता के लिए तत्पर अमेरिका : ट्रंप

    व्हाइट हाउस ने एक बयान में बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा कि अमेरिका लेबनान की मदद करने के लिए सहायता देने के लिए तैयार है. बयान में यह भी कहा गया है कि राष्ट्रपति ने लेबनान में शांति का आह्वान किया और सुधार और जवाबदेही तय करने के लिए लेबनानी जनता द्वारा किये जा रहे प्रदर्शनों को शंतिपूर्ण रखने की बात भी की. ट्रम्प ने यह भी कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका चिकित्सा आपूर्ति, भोजन और पानी से भरे हुए विमान लेबनान भेजेगा और साथ ही लेबनान को पर्याप्त आर्थिक मदद भी सहायता देगा. हालांकि उन्होंने मदद का आंकड़ा देने से इनकार कर दिया.

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    संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी बेरुत हादसे पर गहरा दुख जताया है. उन्होंने पूरी दुनिया से लेबनान की तत्काल मदद करने की अपील की. चार अगस्त को बेरुत बंदरगाह पर भीषण धमाके में 160 लोगों की मौत हो गई थी. करीब 6,000 लोग घायल भी हुए हैं. पहले से ही आर्थिक संकट का सामना कर रहे लेबनान के लिए पूरी दुनिया से मानवीय मदद पहुंच रही है.

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