धमाके और कोरोना से उबर रहे लेबनान के नए प्रधानमंत्री बने मुस्तफा अदीब

धमाके और कोरोना से उबर रहे लेबनान के नए प्रधानमंत्री बने मुस्तफा अदीब
मुस्तफा अदीब बने लेबनान के नए पीएम

Mustapha Adib Lebanon's new prime minister: जर्मनी में लेबनान के राजदूत रहे मुस्तफा अदीब को देश का नया प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया है. धमाके से हुए नुकसान और कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच अदीब की नियुक्ति को उम्मीद की तरह देखा जा रहा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 1, 2020, 7:13 AM IST
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बेरूत. जर्मनी (Germany) में लेबनान (Lebanon) के राजदूत रहे मुस्तफा अदीब (Mustapha Adib) को देश का नया प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया है. लेबनान की राजधानी बेरुत में 4 अगस्त को हुए धमाके ( Beirut blast) के चलते प्रधानमंत्री हसन दियाब ने अपनी पूरी कैबिनेट के साथ इस्तीफा दे दिया था. बेरूत में हुए बम धमाके के बाद अब जनजीवन धीरे-धीरे पटरी पर लौटता नज़र आ रहा है. अदीब को 128 संसदीय वोटों में से 90 वोट हासिल हुए हैं।

न्यूज एजेसी सिन्हुआ के मुताबिक रविवार को हुई बैठक में अदीब को पूर्व प्रधानमंत्रियों का भी साथ मिला. अदीब ने बाबदा पैलेस में राष्ट्रपति मिशेल एउन से मुलाकात के बाद सोमवार को कहा- यह देश के लिए काम करने का समय है. लेबनान में एक बार फिर उम्मीद कायम करने के लिए सभी पार्टियों को मिलकर काम करना होगा. उन्होंने कहा- लोग अपने वर्तमान और भविष्य को लेकर चिंतित हैं. उम्मीद है कि हम देश के विकास और तेजी से सुधार के लिए पेशेवर लोगों के साथ सरकार बना सकेंगे.

कौन हैं अदीब?
जर्मन मीडिया डीडब्ल्यू के मुताबिक, अदीब 2013 से जर्मनी में लेबनान के राजदूत हैं. वे पूर्व प्रधानमंत्री नजीब मिकाती के सलाहकार भी रह चुके हैं. लेबनान की राजनीतिक और संप्रदाय व्यवस्था के तहत केवल सुन्नी मुसलमान ही पीएम बन सकता है. बता दें कि बेरूत में हुए धमाके के बाद लोगों ने प्रधानमंत्री हसन दियाब के विरोध में कई दिनों तक प्रदर्शन किया था. इसके बाद उन्होंने कैबिनेट के साथ 11 अगस्त को इस्तीफा दे दिया था. लोगों ने उनकी सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे.
2750 टन अमोनियम नाइट्रेट से हुआ धमाका


सरकार ने बताया था कि बेरुत पोर्ट पर रखे 2750 टन अमोनियम नाइट्रेट में धमाका हुआ था. इसमें 190 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 6500 लोग घायल हो गए थे. ये धमाका इतना तेज था कि इसकी धमक 240 किलोमीटर दूर तक महसूस की गई थी और इससे 5.1 तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया था. इस हादसे में 3 बिलियन डॉलर (22,540 करोड़ रु.) का नुकसान हुआ थाऔर शहर के तीन लाख लोग बेघर हो गए थे.
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