बेरूत ब्लास्ट: उग्र प्रदर्शन के बाद प्रधानमंत्री दियाब समेत पूरे मंत्रिमंडल ने दिया इस्तीफ़ा

लेबनान की पूरी सरकार का इस्तीफ़ा

लेबनान की पूरी सरकार का इस्तीफ़ा

बेरूत (Beirut blast) में 4 अगस्त को हुए भीषण धमाके के बाद से ही लोग सड़कों पर थे और प्रधामंत्री हसा दियाब (Prime Minister Hassan Diab) और मंत्रिमडल के खिलाफ उग्र प्रदर्शन कर रहे थे. जनता में भड़के गुस्से एवं प्रदर्शनों के मद्देनजर लेबनान के प्रधानमंत्री हसन दियाब ने देर शाम सोमवार को पद से इस्तीफा दे दिया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 11, 2020, 9:04 AM IST
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बेरूत. लेबनान (Lebanon) की राजधानी बेरूत (Beirut blast) में 4 अगस्त को हुए भीषण धमाके के बाद से ही लोग सड़कों पर थे और प्रधामंत्री हसा दियाब (Prime Minister Hassan Diab) और मंत्रिमडल के खिलाफ उग्र प्रदर्शन कर रहे थे. जनता में भड़के गुस्से एवं प्रदर्शनों के मद्देनजर लेबनान के प्रधानमंत्री हसन दियाब ने देर शाम सोमवार को पद से इस्तीफा दे दिया. बता दें कि पीएम के इस्तीफ़ा देने से पहले ही दियाब के पूरे मंत्रिमंडल ने भी इस्तीफा दे दिया था.

टीवी पर सोमवार को प्रसारित अपने संक्षिप्त भाषण में दियाब ने कहा कि वह 'एक कदम पीछे' जा रहे हैं ताकि वह लोगों के साथ खड़े होकर बदलाव की लड़ाई लड़ सके. उन्होंने कहा, ' मैंने आज इस सरकार से इस्तीफे का निर्णय लिया है. ईश्वर लेबनान की रक्षा करे.' दियाब ने चार अगस्त को बेरूत के बंदरगाह पर हुए जबरदस्त धमाके के लिए कथित भ्रष्टाचारी नेताओं को जिम्मेदार ठहराया है. इस धमाके के कारण कम से कम 160 लोगों की मौत हुई थी और 6,000 अन्य घायल हुए थे. इस घटना के बाद सरकार के खिलाफ जबरदस्त विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गए थे.







करीब 10 हजार लोगों ने प्रदर्शन किया
सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए लोगों ने रविवार को बेरुत में संसद के पास सड़क को बंद कर दिया था. यहां शहीद चौक पर लगभग 10 हजार लोग जमा हुए थे. पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच युद्ध जैसी स्थिति हो गई. लोगों ने पुलिसकर्मियों पर जमकर पथराव किया. प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे. कुछ प्रदर्शनकारियों ने मंत्रालयों और सरकारी बैंकों में भी तोड़-फोड़ की. रेड क्रॉस ने कहा कि इस दौरान एक पुलिसकर्मी की मौत हो गई और 170 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं. एक प्रदर्शनकारी ने कहा- हमने इन नेताओं को लोगों की मदद करने के लिए बहुत सारे मौके दिए, लेकिन वे हमेशा फेल हुए. हम चाहते हैं सरकार इस्तीफा दे. खासतौर पर हिजबुल्लाह, क्योंकि यह एक मिलिशिया है और सिर्फ अपने हथियारों से लोगों को डराता है.

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मंत्रिमंडल ने भी इस्तीफा दिया
लेबनान की राजधानी बेरूत में पिछले सप्ताह हुए धमाके को लेकर मंत्रिमंडल ने इस्तीफा दे दिया है. कई मंत्रियों के इस्तीफे और कुछ मंत्रियों के पद से हटने की इच्छा जाहिर करने के बाद बने दबाब में यह फैसला किया गया. मंत्रिमंडल की बैठक के बाद स्वास्थ्य मंत्री हमाद हसन ने सोमवार को इस बारे में संवाददाताओं को बताया. धमाके के विरोध में बेरूत में पिछले दो दिन में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़प हुई है. हमाद ने कहा, 'समूची सरकार ने इस्तीफा दे दिया है.'
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माना जाता है कि भंडार में रखे गए 2750 टन अमोनियम नाइट्रेट में आग लगने से विस्फोट हुआ. बंदरगाह के पास भंडार घर में इसे 2013 से ही संग्रहित कर रखा गया था. विस्फोट से 10 अरब डॉलर से लेकर 15 अरब डॉलर के नुकसान की आशंका व्यक्त की गयी है और धमाके के बाद करीब तीन लाख लोग बेघर हो गए. प्रधानमंत्री दियाब के सोमवार को राष्ट्र को संबोधित करने की संभावना है. नयी सरकार के गठन होने तक मंत्रिमंडल कार्यवाहक भूमिका में अपना काम करेगा.

इस बीच, देश के एक न्यायाधीश ने सोमवार को सुरक्षा एजेंसियों के प्रमुखों से पूछताछ शुरू की. न्यायाधीश गस्सान एल खोरी ने सुरक्षा प्रमुख मेजर जनरल टोनी सलीबा से पूछताछ शुरू की. इस संबंध में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है और अन्य जनरलों से भी पूछताछ होनी है. सरकारी अधिकारियों के अनुसार धमाके के सिलसिले में लगभग 20 लोगों को हिरासत में लिया गया है जिनमें लेबनान के सीमा-शुल्क विभाग का प्रमुख भी शामिल हैं. उन्होंने बताया कि दो पूर्व कैबिनेट मंत्रियों समेत कई लोगों से पूछताछ की गई है.
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