लाइव टीवी

लॉकडाउन से इस देश की हालत हुई खराब, लोगों ने लूटने शुरू कर दिए बैंक

News18Hindi
Updated: April 29, 2020, 5:05 PM IST
लॉकडाउन से इस देश की हालत हुई खराब, लोगों ने लूटने शुरू कर दिए बैंक
लेबनान के आर्थिक हालात इतने खराब हो चुके हैं कि लोगों ने बैंकों में आगजनी करनी शुरू कर दी है.

लॉकडाउन (lockdown) की वजह से लेबनान (Lebanon) के आर्थिक हालत इतने खराब हो गए हैं कि लोगों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 29, 2020, 5:05 PM IST
  • Share this:
बेरूत: लेबनान (Lebanon) के आर्थिक हालात (Economic Condition) इतने बुरे हो चुके हैं कि लोगों ने वहां के बैंकों (banks) को लूटना शुरू कर दिया है. देश में करेंसी का मूल्य इतना गिर गया है और कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए मध्य मार्च से लगाए गए लॉकडाउन ने देश की अर्थव्यवस्था इस कदर बिगाड़ दी है कि लोग सड़कों पर उतर आए हैं.

लेबनान में लगातार दो रातों में वहां के दर्जनों बैंक लूटे गए हैं. लोगों की भीड़ में इतना गुस्सा भरा था कि इन्होंने दर्जनों बैंक में आग लगा दी और वहां लूटपाट की. लेबनान के लोग करेंसी के मूल्य में गिरावट की वजह से हताशा से भरे हैं.

सैकड़ों लोगों ने बेरूत के दक्षिणी सिडोन शहर, बेका वैली, त्रिपोली और अक्कर के उत्तर में उग्र प्रदर्शन किए हैं.



हिंसक प्रदर्शन के बीच एक प्रदर्शकारी की मौत



सबसे ज्यादा उग्र और हिंसक प्रदर्शन त्रिपोली में हुए हैं. ये लेबनान का दूसरा सबसे बड़ा और गरीब शहर है. अल जजीरा की एक रिपोर्ट के मुताबिक मंगलवार को यहां एक प्रदर्शनकारी के मौत की खबर है. उस शख्स की बहन फातिमा ने बताया है कि उसका भाई लेबनानी आर्मी की गोली से मारा गया है.

लेबनान की आर्मी ने घटना के लिए खेद जताया है. लेकिन सीधे तौर पर इसकी जवाबदेही नहीं ली है. आर्मी मामले की जांच की बात कर रही है.

मानवाधिकार संगठन भी मैदान में आ गए हैं. वो देख रहे हैं कि लेबनान की आर्मी किस तरह से सड़कों पर तैनात की गई है. मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि आर्मी की तैनाती और उनकी कड़ी कार्रवाई की वजह से इलाके में तनाव बढ़ा है.

लेबनानी पाउंड के मूल्य 50 फीसदी तक गिरे
त्रिपोली में एक शख्स के मरने के बाद लोगों का प्रदर्शन और उग्र हो गया. उन्होंने सड़कों पर आगजनी करनी शुरू कर दी.

दक्षिणी सिडोन शहर में एक सेंट्रल बैंक के ब्रांच पर प्रदर्शनकारियों ने पत्थर फेंके. बाद में उन्होंने पेट्रोल बम फेंकने शुरू कर दिए. बेरूत और दक्षिणी नैबेतियाह में भी बैंकों में आग लगाई गई है.

प्रदर्शनकारी लेबनानी पाउंड के मूल्य में अचानक आई गिरावट से नाराज हैं. पिछले 6 महीने के दौरान लेबनानी पाउंड के मूल्यों में 50 फीसदी की गिरावट आई है. लोग सरकार के सख्त कैपिटल कंट्रोल के नियमों से परेशान है. वहां फॉरेन करेंसी के निकालने पर पाबंदी लगा दी गई है. इसके पहले वही स्टैंडर्ड हुआ करता था. यहां तक कि बैंकों से पाऊंड के निकालने में भी लिमिट लगाई गई है.

इस साल लेबनान में गरीबी पहले से ही 50 फीसदी पर थी. कोरोना वायरस के संक्रमण की वजह से मध्य मार्च में लगाए लॉकडाउन ने हालात और खराब कर दिए हैं.

ये भी पढ़ें:

कोरोना: हाथों में दम तोड़ रहे लोग, मुर्दाघर लाशों से भरे, बाथरूम में लगे शवों के ढेर
दुनिया में कोरोना Live: बिना मास्क लगाए कोरोना लेबोरेट्री में नज़र आए US के उपराष्ट्रपति, हुए ट्रोल

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए मिडिल ईस्ट से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: April 29, 2020, 5:05 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
corona virus btn
corona virus btn
Loading