मलाला यूसुफ़जई संयुक्त राष्ट्र की सबसे युवा शांति दूत नियुक्त

मलाला यूसुफ़जई संयुक्त राष्ट्र की सबसे युवा शांति दूत नियुक्त
19 साल की मलाला 2014 में नोबेल शांति पुरस्कार जीतने वाले सबसे कम उम्र की शख्सियत बनी थीं.

19 साल की मलाला 2014 में नोबेल शांति पुरस्कार जीतने वाले सबसे कम उम्र की शख्सियत बनी थीं.

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  • Last Updated: April 12, 2017, 1:38 PM IST
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मलाला यूसुफ़जई को संयुक्त राष्ट्र में सबसे युवा शांति दूत के रूप में नियुक्त किया गया है. 19 साल की मलाला  2014 में नोबेल शांति पुरस्कार जीतने वाली सबसे कम उम्र की शख्सियत बनी थीं.

मलाला  ने कहा, 'अगर आप अपने भविष्य को उज्ज्वल देखना चाहते हैं, तो आपको अब काम करना शुरू कर किसी और के लिए इंतजार नहीं करना चाहिए.'

'चरमपंथियों ने मुझे रोकने के लिए अपनी पूरी कोशिश की, उन्होंने मुझे मारने की कोशिश की पर वे सफल नहीं हुए. अब यह एक नया जीवन है, यह दूसरा जीवन है और यह शिक्षा के उद्देश्य के लिए है.'



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2007 में मलाला पर हुआ था अटैक 

मलाला, पाकिस्तान की हैं. अक्टूबर 2012 में, स्वात घाटी में स्कूल से घर लौटने के दौरान रास्ते में उनके ऊपर तालिबानी आतंकियों ने गोलीयां बरसा दी.

मलाला को तालिबान के खिलाफ बोलने और महिला शिक्षा पर आवाज़ उठाने की सजा दी गयी थी. मौत को मात देकर मलाला ठीक हुई और महिलाओ की शिक्षा के हक़ में आवाज़ उठाई.

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इग्लैंड में रहती हैं मलाला 

वह अब बर्मिंघम में रहती है, जहां वह स्कूल जाती हैं, और महिला शिक्षा के लिए एक प्रमुख कार्यकर्ता है .संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो जीटरस ने एक बयान में कहा, यह तक कि गंभीर खतरा के बावजूद, मलाला यूसुफजई ने महिलाओं, लड़कियों और सभी लोगों के अधिकारों के लिए एक अनिश्चित हिम्मत दिखायी है.

"लड़कियों की शिक्षा के लिए उनकी साहसपूर्ण सक्रियता ने पहले से ही दुनिया भर में इतने सारे लोगों को सक्रिय कर दिया है. अब हमारे सबसे युवा संयुक्त शांति दूत के रूप में, मलाला एक और अधिक शांतिपूर्ण और सशक्त विश्व बनाने में अधिक मदद कर सकती हैं.
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