मलाला का कश्मीर पर छलका दर्द, बोलीं-पिछले सात दशक से चली आ रही हिंसा का हल निकले

नोबेल पुरस्कार विजेता मलाला युसूफजई (Malala Yousafzai) ने कहा है कि कश्मीर में पिछले सात दशकों से चली आ रही हिंसा का हल निकलना चाहिए.

News18Hindi
Updated: August 8, 2019, 2:16 PM IST
मलाला का कश्मीर पर छलका दर्द, बोलीं-पिछले सात दशक से चली आ रही हिंसा का हल निकले
नोबेल पुरस्कार विजेता मलाला युसूफजई (Malala Yousafzai) ने कहा है कि कश्मीर में पिछले सात दशकों से चली आ रही हिंसा का हल निकलना चाहिए.
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Updated: August 8, 2019, 2:16 PM IST
जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) में अनुच्छेद-370 (Article 370) हटाए जाने के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया है. दोनों देशों में बढ़े तनाव के बीच पाकिस्तान मूल की मानवाधिकार कार्यकर्ता और नोबेल पुरस्कार विजेता मलाला युसूफजई ने कहा है कि कश्मीर में पिछले सात दशकों से चली आ रही हिंसा का हल निकलना चाहिए. ट्विटर पर भारत और पाकिस्तान का नाम लिखे बिना मलाला ने कहा कश्मीर पर दोनों पक्षों को शांतिपूर्ण तरीके से हल ढूंढना चाहिए. उन्होंने कहा कि जब कभी भी दो देशों के बीच युद्ध की स्थिति बनती है तो महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा बेहद अहम हो जाती है.

मलाला ने कहा कि जब मैं छोटी थी, जब मेरे माता-पिता बच्चे थे और जब मेरे दादा-दादी युवा थे तब से ही कश्मीर के लोग युद्ध प्रभावित क्षेत्र में रहने को मजबूर हैं. पिछले सात दशकों से कश्मीरी बच्चे गंभीर हिंसा के बीच रहने को मजबूर हो रहे हैं. मलाला ने लिखा कि वह कश्मीर की फिक्र करती हैं क्योंकि दक्षिणी एशिया ही उनका भी घर है.



पाकिस्तानी मूल की मलाला यूसुफजई इस वक्त लंदन में रह रही हैं. मलाला ने लिखा है कि 1.8 बिलियन आबादी का घर दक्षिणी एशिया है और इनमें कश्मीरी भी हैं. हम अलग-अगल धर्म, भाषा और परंपराओं के लोग है. मैं मानती हूं कि हम सब इस दुनिया में एक-दूसरे से मिले तोहफों की कद्र कर सकते हैं. सभी लोग अलग-अलग विचारधाराओं के होते हुए भी इस दुनिया को खूबसूरत बनाए रखने के लिए कुछ कर सकते हैं. मलाला ने ट्विटर पर लिखा कि एक-दूसरे को दुख पहुंचाते रहना कोई विकल्प नहीं है. यह जरूरी नहीं कि हम एक-दूसरे को दुख पहुंचाते रहें और लगातार पीड़ा सहते रहें.

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First published: August 8, 2019, 12:33 PM IST
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