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इंडोनेशिया: जिसने एडल्‍टरी के खिलाफ बनवाया सख्‍त कानून, उसे ही पड़े इस जुर्म में कोड़े

News18Hindi
Updated: November 2, 2019, 2:12 PM IST
इंडोनेशिया: जिसने एडल्‍टरी के खिलाफ बनवाया सख्‍त कानून, उसे ही पड़े इस जुर्म में कोड़े
इंडोनेशिया में व्‍यक्ति को विवाहित महिला से संबंध रखने के आरोप में सजा दी गई.

इंडोनेशिया (Indonesia) में मुखलिस नामक व्‍यक्ति को समुद्र तट के किनारे कार में एक विवाहित महिला के साथ पुलिस ने पकड़ा था. वह एकेह उलेमा काउंसिल का सदस्‍य था. इसी काउंसिल ने एडल्‍टरी (Adultery) के खिलाफ सख्‍त कानून बनवाए थे.

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  • Last Updated: November 2, 2019, 2:12 PM IST
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नई दिल्‍ली. इंडोनेशिया (Indonesia) में एडल्‍टरी (व्‍यभिचार) के खिलाफ सख्‍त कानून बनवाने में मदद करने वाले एक व्‍यक्ति को इसी कानून के तहत सार्वजनिक तौर पर सजा दी गई. मुखलिस बिन मुहम्‍मद नामक इस व्‍यक्ति को सुमात्रा में लोगों के सामने उसके अपराध के तहत 29 कोड़े मारे गए. मुखलिस को एक विवाहित महिला से संबंध रखने का दोषी पाया गया. वहीं उस विवाहित महिला को भी 23 छड़ी मारी गईं.

दरअसल इंडोनेशिया में व्‍यभिचार या एडल्‍टरी (Adultery) के खिलाफ एकेह उलेमा काउंसिल (एमपीयू) ने सख्‍त कानून बनवाए हैं. सार्वजनिक तौर पर कोड़े खाने वाला मुखलिस इसी काउंसिल का सदस्‍य है. उसने एडल्‍टरी के खिलाफ सख्‍त कानून बनवाने में योगदान दिया था.

सख्‍त सजा का है प्रावधान
मुखलिस इंडोनेशिया के एकेह प्रांत का रहने वाला है. इस प्रांत को रूढ़िवादी माना जाता है. यहां पर सख्‍त इस्‍लामिक कानून लागू हैं. इस प्रांत में जुआं खेलने और समलैंगिक संबंध रखने जैसी चीजों का अपराध माना जाता है. इनके लिए सख्‍त कानून भी है, जिनके तहत कड़ी सजा का प्रावधान है.

मुखलिस को दी गई सजा पर एकेह के डिप्‍टी मेयर का हुसैनी वहाब ने कहा है कि ये सब अल्‍लाह के बनाए नियम कायदे हैं. इन्‍हें जो भी तोड़ेगा, उसे सजा दी जाएगी. उनका कहना है कि फिर चाहे नियम कायदे तोड़ने वाला उलेमा काउंसिल का सदस्‍य ही क्‍यों ना हो.

काउंसिल के सदस्‍य पद से हटाया गया
मीडिया में आई रिपोर्ट के मुताबिक मुखलिस को एक महिला के साथ समुद्र तट के पास में कार में पुलिस द्वारा पकड़ा गया था. एडल्‍टरी के आरोप में पकड़े जाने के बाद उसे काउंसिल के सदस्‍य के पद से हटा दिया गया. मुखलिस धर्मगुरु भी है. 2005 में देश में शरिया कानून लागू होने के बाद वह पहला धर्मगुरु भी है, जिसे इस कानून के तहत सजा दी गई.
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First published: November 2, 2019, 1:42 PM IST
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