इटली को बचाने के लिए आगे आए दुनियाभर के देश, रूस की मदद के पीछे पावर पॉलिटिक्स?

इटली को कोरोना वायरस से बचाने के लिए कई देश सामने आए हैं.
इटली को कोरोना वायरस से बचाने के लिए कई देश सामने आए हैं.

रूस (Russia) के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने इटली (Italy) को 600 वेंटिलेटर्स भेजे हैं. इसके साथ ही 100 मिलिट्री वायरोलॉजिस्ट और संक्रमण रोण विशेषज्ञ भी भेजे गए हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 28, 2020, 10:34 PM IST
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रोम: इटली (Italy) में कोरोना वायरस (Coronavirus) ने जबरदस्त कोहराम मचाया है. कोरोना वायरस से होने वाली मौतें के रिकॉर्ड टूट रहे हैं. ऐसे बुरे वक्त में दुनिया के कई देश इटली को बचाने के लिए आगे आए हैं. जर्मनी, रूस, चीन और क्यूबा एक लाइन लगाकर इटली की मदद के लिए सामने आए हैं. ये सारे देश इटली को मेडिकल उपकरण और सेवाएं मुहैय्या करवा रहे हैं.

डेली मेल की एक रिपोर्ट के मुताबिक रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने इटली को 600 वेंटिलेटर्स भेजे हैं. इसके साथ ही 100 मिलिट्री वायरोलॉजिस्ट और संक्रमण रोण विशेषज्ञ भी भेजे गए हैं. पिछले शनिवार को व्लादिमिर पुतिन ने इटली के प्रधानमंत्री ग्यूसेप्पे कोंटे से बात की थी.

इटली में कोरोना वायरस के संक्रमण की वजह से 8,215 लोगों की जान जा चुकी है. संक्रमण के करीब 80,500 मामले सामने आ चुके हैं. गुरुवार को संक्रमण के 6,203 नए मामले सामने आए. गुरुवार को संक्रमण की वजह से 712 और बुधवार को 683 मौतें दर्ज की गईं.



क्या रूस की मदद पावर पॉलिटिक्स का हिस्सा है?
चीन ने इसी महीने इटली को एक्सपर्ट और मेडिकल उपकरण दिए हैं. जबकि क्यूबा ने पिछले हफ्ते 52 डॉक्टरों की मजबूत टीम दी है. इटली की सरकार ने इन सबके लिए मदद देने वाले देशों का आभार जताया है. हालांकि रूस की मदद को लेकर उनका नजरिया अलग है. रोम ने कहा है कि रूस नरम तरीके से अपनी ताकत दिखा रहा है. वो इटली के साथ पावर गेम कर रहा है.

इटली की सरकार के सूत्रों के मुताबिक सरकार को लगता है कि इटली की मदद के नाम पर रूस इलाके में अपनी ताकत दिखा रहा है. हालांकि रूस ने इससे इनकार किया है. इटली में रूस के राजदूत सर्गेई राजोव के मुताबिक ऐसी बात खुराफाती दिमाग के लोग कर रहे हैं. रूस का मकसद निस्वार्थ भाव से मदद करना है बस.

रूस की टीम ने अफ्रीका को इबोला से बचाया था
रूस की टीम का नेतृत्व मेजर जनरल सर्गेई किकोट कर रहे हैं. सर्गेई किकोट रूस में न्यूक्लियर, बॉयोलॉजिकल एंड केमिकल प्रोटेक्शन यूनिट के चीफ हैं. आपदा नियंत्रण में उनका लंबा अनुभव रहा है. उन्होंने अफ्रीका को इबोला के संक्रमण में लड़ने से मदद की थी.

रूस की टीम रविवार को रोम पहुंची है. इसके बाद उनकी टीम बेरगमो के लिए रवाना हो गई. यहीं पर कोरोना वायरस ने सबसे ज्यादा कहर बरपाया है. रूस की टीम वहां आईसीयू की जरूरत की देखभाल करेगी. बाकी दूसरे लोग इलाके के बुजुर्गों के घर जाकर उन्हें संक्रमण से मुक्त करेंगे.

रूस अपने ईंधन सप्लाई के जरिए इटली के पावर प्लांट्स की मदद करेगा. रोम लंबे वक्त से रूस पर लगे यूरोपियन यूनियन के प्रतिबंध में छूट देने की मांग करता रहा है.

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