VIDEO: लेबनान में भीषण धमाका, भारतीय महिला पत्रकार समेत कई घायल

VIDEO: लेबनान में भीषण धमाका, भारतीय महिला पत्रकार समेत कई घायल
बम धमाके से दहली लेबनान की राजधानी, कई घायल

लेबनान की राजधानी बेरूत (Lebnan's Capital Berut) में मंगलवार को भीषण विस्फोट (Bomb Blast) हुआ जिसमें कई लोग घायल (Some People Injured) हो गए.

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बेरूत. लेबनान की राजधानी बेरूत (Lebnan's Capital Berut) में मंगलवार को भीषण विस्फोट (Bomb Blast) हुआ जिसमें कई लोग घायल (Some People Injured) हो गए. दोपहर के वक्त हुए विस्फोट से राजधानी के कई हिस्से हिल गए और शहर से घना काला धुआं उठने लगा. निवासियों ने बताया कि धमाका इतना तेज था कि घरों की खिड़कियां और फॉल्स सीलिंग टूट गईं. ऐसा प्रतीत होता है कि विस्फोट बेरूत के पत्तन के आसपास हुआ और इससे भारी मात्रा में नुकसान हुआ.

बेरूत पत्तन के नजदीक जख्मी हालत में दिखे लोग

बेरूत पत्तन के निकट मौजूद एसोसिएट प्रेस के एक फोटोग्राफर ने लोगों को जमीन पर जख्मी हालत में देखा. इसके साथ ही मध्य बेरूत में भारी तबाही देखी गई. कुछ स्थानीय टीवी स्टेशन ने अपनी खबर में कहा कि विस्फोट बेरूत के पत्तन में उस इलाके में हुआ जहां पटाखे रखे जाते थे.



आंचल वोहरा का घर भी जला, बुरी तरह घायल हुईं
लेबनान में रह रही आंचल वोहरा ने ट्वीट करके बताया कि लेबनान में बम धमाका हुआ और उनका घर भी विस्फोट में पूरा जल गया. मेरे शरीर से खून बह रहा है.
कोरोना ने बढ़ाया आर्थिक दिवालियापनवहीं लेबनान दीवालियापन के कगार पर आ खड़ा हुआ है. लेबनान तेजी से आर्थिक दिवालियापन, संस्थानों के खंडित होने, उच्च महंगाई दर और तेजी से बढ़ती गरीबी की ओर बढ़ रहा है और इन समस्याओं में महामारी ने और इजाफा कर दिया है. इस संकट से लेबनान के बिखरने का खतरा बढ़ गया है जो अरब में विविधता और मेलमिलाप के आदर्श मॉडल के रूप में स्थापित है और इसके साथ ही अराजकता फैल सकती है.


लेबनान ने खुद पैदा की है यह समस्या

लेबनान 18 धार्मिक संप्रदाय, कमजोर केंद्रीय सरकार, मजबूत पड़ोसी की वजह से क्षेत्रीय प्रतिद्वंद्विता का शिकार होता रहा है जिससे राजनीतिक जड़ता, हिंसा या दोनों का उसे सामना करना पड़ता है. लेबनान हमेशा से ईरान और सऊदी अरब के वर्चस्व की लड़ाई का शिकार बनता रहता है,लेकिन मौजूदा समस्या स्वयं लेबनान द्वारा उत्पन्न है, जो दशकों से भ्रष्ट और लालची राजनीतिक वर्ग की वजह से उत्पन्न हुई है, जिसकी चोट अर्थव्यवस्था के हर क्षेत्र पर पड़ी है. दुनिया में सबसे अधिक सार्वजनिक कर्ज के बावजूद लेबनान कई वर्षों से दिवालिया होने से बचा रहा.

यहां भ्रष्टाचार का लोकतांत्रिकीकरण हुआ है: मरवान

स्टडीज ऐट कार्नेज इंडाउमेंट फॉर इंटरनेशनल पीस के उपाध्यक्ष मरवान मुआशेर ने कहा कि लेबनान में एक समस्या यह है कि यहां भ्रष्टाचार का लोकतांत्रिकीकरण हुआ है. यह केंद्र में बैठे एक व्यक्ति के साथ ही नहीं है. यह हर जगह है. हाल में सेंटर फॉर ग्लोबल पॉलिसी के एक सम्मेलन में उन्होंने कहा कि प्रत्येक धड़े की अर्थव्यवस्था में एक हिस्सा है जिस पर वह नियंत्रण करता है और उससे धन अर्जित करता है ताकि वह अपने धड़े को खुश रख सके.

यहां व्हाट्सएप मैसेज पर लगता है टैक्स

उल्लेखनीय है कि परेशानी 2019 के आखिर में तब बढ़ी जब सरकार ने व्हाट्सएप मैसेज पर कर लगाने की इच्छा जताई जिसे लेकर पूरे देश में भारी प्रदर्शन शुरू हो गया. माना जा रहा है कि अपने नेताओं से परेशान लोगों के खिलाफ खुलकर सामने आने के लिए इसने आग में घी का काम किया.
यह प्रदर्शन करीब दो हफ्ते तक चला जिसके बाद बैंक में एवं उसके बाद अनौपचारिक रूप से पूंजी नियंत्रण करने वाले संस्थानों में भी विरोध शुरू हो गया जिससे डॉलर के निकालने या हस्तांतरित करने की सीमा तय कर दी गई.

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विदेशी मुद्रा की कमी की वजह से लेबनानी पाउंड का मूल्य ब्लैक मार्केट में 80 प्रतिशत तक गिर गया है और मूलभत वस्तुओं व खाने पीने के समान की कीमत में बेतहाशा वृद्धि हुई. लेबनान विश्व मुद्रा कोष से मदद की उम्मीद कर रहा है लेकिन कई महीनों तक चली बातचीत के बावजूद कोई सहमति नहीं बन पाई है.
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