तेजी से डूबता जा रहा है जकार्ता, खत्म होने की कगार पर इंडोनेशिया की राजधानी

दशकों से भूजल भंडार के अनियंत्रित दोहन, समुद्र (Sea) का बढ़ता जलस्तर और तेजी से बदलता मौसम (Weather) इनके कारणों में शामिल है. इसके कुछ हिस्से अभी से गायब होने शुरू हो गए हैं.

भाषा
Updated: August 16, 2019, 5:57 PM IST
तेजी से डूबता जा रहा है जकार्ता, खत्म होने की कगार पर इंडोनेशिया की राजधानी
2050 तक एक तिहाई डूब सकता है जकार्ता (सांकेतिक तस्वीर)
भाषा
Updated: August 16, 2019, 5:57 PM IST
पृथ्वी पर सबसे तेजी से डूबने वाले शहरों में से एक जकार्ता (Jakarta) को लेकर पर्यावरण विशेषज्ञों  (Environmental Expert) ने आगाह किया है. उनका कहना है कि अगर यही रफ्तार जारी रही तो इंडोनेशिया (Indonesia) की राजधानी (Capital) जकार्ता का एक तिहाई हिस्सा 2050 तक डूब सकता है.

दशकों से भूजल भंडार के अनियंत्रित दोहन, समुद्र (Sea) का बढ़ता जलस्तर और तेजी से बदलता मौसम (Weather)  इनके कारणों में शामिल है. इसके कुछ हिस्से अभी से गायब होने शुरू हो गए हैं. मौजूदा पर्यावरणीय उपायों का बहुत कम प्रभाव पड़ा है. इसलिए सरकार कठोर कदम उठा रही है. इसके तहत देश की राजधानी को बदलने का फैसला किया गया है.

स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, इसके स्थान की घोषणा जल्द की जा सकती है. इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विदोदो ने ट्विटर पर कहा, "हमारे देश की राजधानी बोर्नियो द्वीप पर स्थानांतरित हो जाएगी."

देश के प्रशासनिक और राजनीतिक केंद्र को स्थानांतरित करना राष्ट्रीय संरक्षण का एक कार्य हो सकता है, लेकिन यह जकार्ता के लिए प्रभावी रूप से मौत की घंटी है.

दलदली जमीन के किनारे बसा है इंडोनेशिया
बता दें कि इंडोनेशिया दलदली जमीन के किनारे बसा है. इस शहर के नीचे से 13 नदियां निकलती हैं और दूसरी ओर जावा सागर है. यहां पर बाढ़ आती है जिस कारण शहर का काफी हिस्सा अक्सर पानी में डूबा रहता है. 2016 के एक सर्वे के अनुसार जकार्ता का ट्रैफिक दुनिया में सबसे ज्यादा खराब है. गौर करने वाली बात यह भी है कि बीते दस सालों में जकार्ता ढाईमीटर समुद्र में समा गया है.

ये भी पढ़ें: क्लाइमेट रिपोर्ट की चेतावनी- खाद्य उत्पादन को बदलें और भूमि का दुरुपयोग बंद करें
Loading...

US ने दी ईरानी टैंकर चालक दल पर वीजा प्रतिबंध लगाने की धमकी

हिंदुओं को लेकर कमेंट पर ज़ाकिर नाइक से खफा मलेशिया सरकार

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए दुनिया से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: August 16, 2019, 4:48 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...