लोगों को मंगल ग्रह की सैर कराने का वादा करने वाली कंपनी हुई दिवालिया

मार्स वन फाउंडेशन ने 2013 में दावा किया था कि उसे पहले चरण में दो लाख लोगों के आवेदन मिले हैं जो मंगल पर जाने के इच्छुक हैं.

News18Hindi
Updated: February 13, 2019, 2:59 PM IST
लोगों को मंगल ग्रह की सैर कराने का वादा करने वाली कंपनी हुई दिवालिया
फाइल फोटो.
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Updated: February 13, 2019, 2:59 PM IST
चार साल पहले लोगों को मंगल ग्रह की सैर कराने का दावा कर चर्चा में आई कंपनी मार्स दीवालिया हो गई है. साल 2012 में कंपनी ने दावा किया था कि वो 2023 में लोगों को मंगल ग्रह की सैर कराएगी, तब दुनियाभर के वैज्ञानिकों ने कंपनी के दावों को झूठा बताया था. फोर्ब्स की रिपोर्ट के मुताबिक 15 जनवरी, 2019 को मार्स वन को दिवालिया घोषित कर दिया गया और इसके तुरंत बाद इसे बंद कर दिया गया.

बास लैंसडॉर्प ने शुरू की कंपनी
मार्स वन कंपनी डच उद्योगपति बास लैंसडॉर्प ने शुरू की थी. इस कंपनी की दो इकाइयां हैं, पहली प्रॉफिट कंपनी है मार्स वन और दूसरी नॉन प्रॉफिट ऑर्गनाइजेशन है मार्स वन फाउंडेशन. मार्स वन को साल 2016 में स्विस फाइनेंशियल सर्विस कंपनी इनफिन इनोवेटिव ने खरीद लिया था.

हालांकि, पूरी तरह कंपनी बर्बाद होने के बाद भी मार्स वन के संस्थापक बास लैंसडॉर्प का मानना है कि वह निवेशकों से बात करेंगे और अगर यात्रा के लिए पैसा जुटा लिया गया तो इस मिशन को पूरा किया जाएगा. पेशे से मैकेनिकल इंजीनियर डच कारोबारी बास लैंसडॉर्प ने अपनी कंपनी एंपिक्स पॉवर के शेयर बेचकर मार्स मिशन की नींव डाली थी.

मार्स वन का मकसद 2023 तक चार अंतरिक्ष यात्रियों को मंगल की सतह पर उतारना था. इसमें छह बिलियन डॉलर के खर्च का अनुमान था. प्लान के मुताबिक मार्स वन को मंगल पर हर दूसरे साल सप्लाई ले जाने वाले यान के साथ चार अंतरिक्ष यात्री भेजने थे और ये अंतरिक्षयात्री धरती पर वापस नहीं लौटते.



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किया था 2 लाख आवेदन का दावा
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मार्स वन फाउंडेशन ने 2013 में दावा किया था कि उसे पहले चरण में दो लाख लोगों के आवेदन मिले हैं जो मंगल पर जाने के इच्छुक हैं. यहां तक कि जिन लोगों ने दुनियाभर से मंगल पर जाने के लिए आवेदन किया था, उनसे फीस भी वसूली गई थी.

मशहूर वैज्ञानिकों से भरी थी टीम
बास ने मंगल यात्रा को सच करने के लिए बाकायदा एक टीम तैयार की थी, जिसमें दुनियाभर के मशहूर वैज्ञानिक थे. कई वैज्ञानिक तो नोबेल पुरस्कार विजेता थे, जिनमें अंतरिक्ष वैज्ञानिक और नासा के वैज्ञानिकों भी शामिल थे.

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