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गतिरोध तोड़ना चहाते हैं तो इमरान खान दें अपने सुझाव: मौलाना फजल-उर-रहमान

भाषा
Updated: November 6, 2019, 8:36 PM IST
गतिरोध तोड़ना चहाते हैं तो इमरान खान दें अपने सुझाव: मौलाना फजल-उर-रहमान
पाकिस्तान में इमरान सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे मौलाना फजल-उर-रहमान ने पीएम इमरान खान से सुझाव देने को कहा है (फोटो क्रेडिट- REUTERS/अख्तर सूमरो)

इससे पहले प्रधानमंत्री (PM) इमरान खान (Imran Khan) ने बुधवार को प्रदर्शनकारियों (Protesters) की खैरियत को लेकर चिंताएं जताई थी और अधिकारियों से प्रदर्शन स्थल का दौरा करने को कहा था.

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इस्लामाबाद. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान (PM Imran Khan) के इस्तीफा देने की मांग करने वाले ‘आजादी मार्च’ (Azadi March) का नेतृत्व कर रहे तेजतर्रार धर्मगुरू एवं राजनेता मौलाना फजल-उर-रहमान (Fazal-ur-Rehman) ने बुधवार को कहा कि अगर सरकार बीच का रास्ता ढूंढना और गतिरोध तोड़ना चाहती है तो उसे विपक्षी दलों को अपने सुझाव देने चाहिए.

दक्षिणपंथी जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम फजल (JUI-F) के नेता एक बड़े प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे हैं जो बुधवार को छठे दिन में प्रवेश कर गया. ‘आजादी मार्च’ (Azadi March) कहे जा रहे इस प्रदर्शन में प्रदर्शनकारियों ने खान पर 2018 के आम चुनावों में ‘‘धांधली’’ करने का आरोप लगाते हुए उनसे इस्तीफा मांगा है.

पाकिस्तान के ज्यादातर विपक्षी दलों ने दिया है सरकार विरोधी प्रदर्शनों को समर्थन
पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) समेत विपक्षी दलों ने भी सरकार विरोधी प्रदर्शन को समर्थन दिया है.

पंजाब विधानसभा के अध्यक्ष चौधरी परवेज इलाही और PML-Q अध्यक्ष चौधरी शुजात हुसैन के साथ मुलाकात के बाद मीडिया (Media) से बात करते हुए रहमान ने कहा, ‘‘सकारात्मक जवाब की स्थिति अभी नहीं बनी है.’’

'जुल्फिकार भुट्टो ने कराए थे चुनाव तो इमरान क्यों नहीं करा सकते?'
डॉन अखबार ने इलाही के हवाले से कहा, ‘‘यह हर किसी का देश है, जब जहाज डूबता है तो हम सभी डूबते हैं. देश में अशांति (Unrest) है और यह हर किसी की जिम्मेदारी है कि इस अशांति को खत्म किया जाए.’’
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रहमान ने कहा कि अगर पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) सरकार बीच का रास्ता ढूंढना चाहती है तो उसे सुझाव रखने चाहिए, फिर विपक्ष देखेगा. उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान निर्वाचन आयोग (ECP) ने खुद स्वीकार किया है 95% फॉर्म में हस्ताक्षर नहीं थे और पूछा कि क्यों संसदीय आयोग एक साल से सक्रिय नहीं था.

JUI-F नेता ने कहा, ‘‘इमरान खान, जुल्फिकार अली भुट्टो (Zulfikar Ali Bhutto) से बड़ी शख्सियत नहीं हैं अगर वह दोबारा चुनाव करा सकते थे तो इमरान क्यों नहीं?’’

झुके इमरान; कहा, 'धरना स्थल जाकर प्रदर्शनकारियों की मदद करें अधिकारी'
राजधानी में हो रहा यह प्रदर्शन पिछले साल आम चुनाव जीतने के बाद से खान के सामने विपक्ष की पहली संयुक्त चुनौती है. प्रधानमंत्री (PM) ने बुधवार को प्रदर्शनकारियों (Protesters) की खैरियत को लेकर चिंताएं जतायी और अधिकारियों से प्रदर्शन स्थल का दौरा करने को कहा.

खान ने एक ट्वीट (Tweet) में कहा, ‘‘मैंने CDA अध्यक्ष को फौरन धरना स्थल पर जाकर मदद करने के निर्देश दिए हैं कि धरने में शामिल होने वाले लोगों को बारिश और बदलते मौसम के कारण किस सहायता की आवश्यकता है.’’

आजादी मार्च के प्रदर्शनकारियों की सभी जायज मांगे मानने को कह चुके हैं इमरान
इमरान खान (Imran Khan) की यह टिप्पणी तब आयी है जब एक दिन पहले पाकिस्तान सरकार (Pakistan Government) और विपक्षी नेताओं के बीच दूसरे दौर की वार्ता गतिरोध को तोड़ने में नाकाम रही. हालांकि खान ने कहा कि वह ‘आजादी मार्च’ के प्रदर्शनकारियों की सभी ‘‘जायज’’ मांगे मानने के लिए तैयार हैं.

रहमान का कहना है कि जब तक खान इस्तीफा (Resignation) नहीं दे देते तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा.

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First published: November 6, 2019, 8:36 PM IST
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