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संयुक्त राष्ट्र में भारत ने कहा, आतंकवाद से निपटने के सार्थक सामूहिक प्रयास नहीं दिखते

भाषा
Updated: November 6, 2019, 12:19 PM IST
संयुक्त राष्ट्र में भारत ने कहा, आतंकवाद से निपटने के सार्थक सामूहिक प्रयास नहीं दिखते
संयुक्त राष्ट्र में भारत ने कहा आतंकवाद से निपटने के लिए समन्ववय जरूरी

के. नागराज नायडू (K.Nagaraj Naidu) ने कहा आतंकवाद मानवाधिकार उल्लंघन के सबसे बुरे रूप में उभरा है. आतंकवाद को सबसे बड़ी वैश्विक चुनौती मानने के बावजूद, इस खतरे से निपटने के कोई सार्थक सामूहिक प्रयास नहीं नजर आते हैं.

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संयुक्त राष्ट्र. आतंकवाद, मानवाधिकार उल्लंघन के सबसे बुरे रूप में उभरने के बावजूद इस बुराई से निपटने के लिए कोई सार्थक प्रयास नही किये गये. संयुक्त राष्ट्र से यह बात कहते हुए भारत ने आतंकवादियों को पनाह देने और आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने वालों को आरोपित करने के लिए राष्ट्रों के बीच समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया है.

‘रिपोर्ट ऑफ द ह्यूमन राइट्स काउंसिल’ (Report of the Human Rights Council) महासभा के सत्र में संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी उपप्रतिनिधि के. नागराज नायडू (UN, Ambassador K Nagaraj Naidu) ने कहा कि भारत संतुलित दृष्टिकोण का पक्ष लेने की परिषद की भूमिका की सराहना करता है जो मानवाधिकारों पर आतंकवाद के असर को समझता है और आतंकवाद के इस खतरे से निपटने में अंतरराष्ट्रीय समन्वयन का समर्थन करता है.

नायडू ने कहा कि आतंकवाद मानवाधिकार उल्लंघन के सबसे बुरे रूप में उभरा है. आतंकवाद को सबसे बड़ी वैश्विक चुनौती मानने के बावजूद, इस खतरे से निपटने के कोई सार्थक सामूहिक प्रयास नहीं नजर आते हैं. हम सभी देशों से आतंकवादी समूहों तक किसी तरह की मदद पहुंचने को रोकने, उन्हें पनाहगाह मुहैया नहीं होने देने और आतंकी कृत्यों को करने या उनके समर्थकों को प्रत्यर्पित करने में सहयोग करने की फिर से अपील करते हैं.

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First published: November 6, 2019, 12:19 PM IST
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