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WHO को सदस्य देशों का मिला भरपूर समर्थन, अमेरिका-ऑस्ट्रेलिया पड़े अकेले

News18Hindi
Updated: May 19, 2020, 10:03 PM IST
WHO को सदस्य देशों का मिला भरपूर समर्थन, अमेरिका-ऑस्ट्रेलिया पड़े अकेले
सदस्य देशों ने WHO और उसके नेतृत्व का समर्थन किया है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organisation) के सदस्य देशों ने WHO और उसके नेतृत्व को मजबूत समर्थन दिया है.

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विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organisation) को दोषी ठहराने के मसले पर अमेरिका (America) और ऑस्ट्रेलिया (Australia) अकेले रह गए हैं. इस मुद्दे पर उन्हें WHO के दूसरे सदस्य देशों का समर्थन नहीं मिला है. उधर विश्व स्वास्थ्य संगठन के सदस्य देशों ने एक प्रस्ताव के जरिए WHO और उसके नेतृत्व का मजबूती से समर्थन किया है.

इसके पहले अमेरिका ने विश्व स्वास्थ्य संगठन पर गंभीर आरोप लगाते हुए धमकी दी थी. अमेरिका ने कहा था कि विश्व स्वास्थ्य संगठन अगर 30 दिनों के भीतर अपने काम काज में सुधार नहीं लाता है तो वो उन्हें अमेरिकी फंडिंग पूरी तरह से रोक देंगे और उनकी सदस्यता से भी बाहर हो जाएंगे.

मंगलवार को पेश हुआ WHO के समर्थन वाला प्रस्ताव
अब विश्व स्वास्थ्य संगठन को मजबूती से समर्थन करने वाला प्रस्ताव सामने आया है. इसमें WHO के नेतृत्व पर भरोसा जताया गया है. मंगलवार को इस प्रस्ताव में कहा गया है कि कोरोना से निपटने के अंतरराष्ट्रीय तरीके को लेकर एक जांच बिठाई जाए. WHO की सालाना बैठक में मंगलवार को ये प्रस्ताव पेश हुआ.



इसके पहले सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने WHO पर बड़ा हमला बोला था. WHO को लिखे लंबे चौड़े खत में उन्होंने आरोप लगाया था कि विश्व स्वास्थ्य संगठन चीन से स्वतंत्र नहीं है. वो चीन के कोरोना वायरस के संक्रमण फैलने को लेकर जारी की गई सफाई को मानने में तत्परता दिखा रहा है.



अमेरिका और दूसरे देशों में कोरोना वायरस के भयावह रूप लेने पर अमेरिका ने इसका जिम्मेदार चीन और WHO को ठहराया है. खत में ट्रंप ने आरोप लगाया है कि WHO बार बार गलतियां करता रहा है. जिसकी वजह से लाखों जिंदगियां बर्बाद हो गईं. अमेरिका के हितों का ख्याल नहीं रखा गया.

ट्रंप ने WHO को दी थी 30 दिनों की मोहलत
ट्रंप ने WHO के मुखिया टेड्रोस अधोनाम को लिखे खत में कहा था कि अगर WHO 30 दिनों के भीतर अपने कामकाज नहीं सुधारता है तो अमेरिका संगठन की फंडिंग हमेशा के लिए रोक देगा और अपनी सदस्यता जारी रखने पर विचार करेगा.

ट्रंप ने विश्व स्वास्थ्य संगठन के दो दिन के सालाना बैठक के दौरान ही उस पर हमला बोला. इसके बाद मंगलवार को एक ऐसे प्रस्ताव पर सहमति बनी., जिसमें विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा गठित एक स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की वकालत की गई है. इसमें कोरोना वायरस के ऊपर विश्व स्वास्थय संगठन की प्रतिक्रिया की भी जांच होगी.

इस प्रस्ताव को चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भी समर्थन किया है. इसके ड्राफ्ट को यूरोपियन यूनियन ने तैयार किया है. इसके पहले अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया ने चीन केंद्रित अंतरराष्ट्रीय जांच की सिफारिश की थी. चीन ने कहा है कि नया प्रस्ताव अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के राजनीतिक द्वेष से प्रेरित प्रस्ताव से काफी अलग है.

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First published: May 19, 2020, 10:03 PM IST
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