Home /News /world /

जानवरों सी हालत हो गई है, प्लीज भारत वापसी करा दीजिए, ईरान में फंसे 5 भारतीयों का PM मोदी को मैसेज

जानवरों सी हालत हो गई है, प्लीज भारत वापसी करा दीजिए, ईरान में फंसे 5 भारतीयों का PM मोदी को मैसेज

ये भारतीय मर्चेंट नेवी जॉइन करने के लिए 2019 में ईरान गए थे. (AP)

ये भारतीय मर्चेंट नेवी जॉइन करने के लिए 2019 में ईरान गए थे. (AP)

पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) को भेजे गए वीडियो मैसेज में कहा गया, 'ये वीडियो हम हमारी वतन वापसी के लिए बना रहे हैं. ये वीडियो ईरान के चाबहार से बनाया जा रहा है, जहां हिंदुस्तान ने 200 मिलियन डॉलर का पोर्ट प्रोजेक्ट किया था. यहां पर हम पिछले 400 दिन से फंसे हैं

अधिक पढ़ें ...
    तेहरान. ईरान में फंसे 5 भारतीय (Indian Sailors) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) से भारत वापसी की गुहार लगाई है. इन भारतीय नाविकों ने एक वीडियो मैसेज भेजकर प्रधानमंत्री से देश वापस लाने की अपील की. इन लोगों का आरोप है कि झूठे केस में फंसाकर उन्हें 400 दिन जेल में रखा गया. रिहा करने के बाद भी उनके पासपोर्ट और आइडेंटिफिकेशन डॉक्युमेंट्स नहीं लौटाए गए हैं. उन्होंने ईरान में जान का खतरा भी जाहिर किया है.

    मर्चेंट नेवी जॉइन करने गए थे ईरान
    इंडिया टुडे की एक खबर के मुताबिक, मुंबई के अंकित येनपुरे (28) और एम वर्लीकर (26), पटना के प्रणव तिवारी (21), दिल्ली के नवीन सिंह और चेन्नई के तमीह सेल्वन (31) मर्चेंट नेवी जॉइन करने के लिए 2019 में ईरान गए थे. फरवरी 2020 में जब ये ओमान से जहाज में रवाना हुए तो अनजाने में समुद्री ड्रग्स रैकेट में फंस गए. उन्हें अरेस्ट कर लिया गया. केस में बरी होने के बाद सभी को 18 महीने पहले रिहा किया गया है. लेकिन उनका पासपोर्ट और जरूरी डॉक्युमेंट्स जब्त कर लिए गए हैं.

    मददगारों की हत्या न कर दे तालिबान, अफगानी लोगों को भी निकालेगा अमेरिका

    वीडियो मैसेज में कहा- हालत जानवरों सी हो गई है
    अंकित ने वीडियो मैसेज में बताया, 'ये वीडियो हम हमारी वतन वापसी के लिए बना रहे हैं. ये वीडियो ईरान के चाबहार से बनाया जा रहा है, जहां हिंदुस्तान ने 200 मिलियन डॉलर का पोर्ट प्रोजेक्ट किया था. यहां पर हम पिछले 400 दिन से फंसे हैं. हम लोगों को एक झूठे केस में फंसाया गया था. हमारे एजेंट की वजह से हम इस झूठे केस में फंस गए. निर्दोष होने के बावजूद हम 400 दिन जेल में कैद थे. 9 मार्च 2021 को हम लोगों को रिहा कर दिया गया. हम करप्ट नहीं थे, न हमने कोई गलत काम किया. यहां पर भी अपने हिंदुस्तान का नाम बरकरार रखा.'

    रूस की ब्रिटेन को चेतावनी, कहा- क्रीमिया में मत रखना कदम, नहीं तो फिर बरसाएंगे बम

    ईरानी अधिकारियों ने भारतीय दूतावास को नहीं दी जानकारी
    अंकित ने प्रधानमंत्री से कहा है, 'रिहा करने के बाद भी ईरानी अधिकारियों ने हमें पासपोर्ट नहीं दिए और न ही कोई आइडेंटिफिकेशन डॉक्युमेंट दिए. हम लोगों की हालत जानवरों की तरह हो गई है. हम गलियों की ठोकर खा रहे हैं. हमारे पास पैसे भी नहीं हैं. हमारे साथ कुछ भी हो सकता है.' इस वीडियो मैसेज में भारतीयों ने हाथ जोड़कर अपील की है कि उनकी वतन वापसी कराई जाए.

    परिवारों ने भी पीएम को लिखी है चिट्ठी
    रिपोर्ट के मुताबिक, इन सभी के परिवारों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्रालय को लेटर लिखा है. अब तक पीएमओ की ओर से लेटर का कोई जवाब नहीं आया है.undefined

    Tags: Iran, Iran oil Imports, Pm narendra modi

    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर