एक्सपर्ट्स का दावा- बेरूत में हुआ ब्लास्ट सैन्य हमला हो सकता है, मिले हैं सबूत

बेरूत धमाके पर उठे सवाल

बेरूत धमाके पर उठे सवाल

बेरूत (Beirut explosion) के बंदरगाह पर हुए भीषण व‍िस्‍फोट को लेकर भले ही सरकार ने साफ़ कर दिया हो कि ये अमोनियम नाइट्रेट (Ammonia Nitrate) की वजह से हुआ था लेकिन इस मामले में कई तरह के सवाल उठ रहे हैं. अब इटली (Itlay) के विस्‍फोटकों के जाने माने विशेषज्ञ डेनिलो कोप्‍पे (Daniel koppel) ने दावा किया है कि यह विस्‍फोट जलती हुई मिसाइलों से हुआ था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 11, 2020, 1:34 PM IST
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बेरूत. लेबनान (Lebanon Blast) की राजधानी बेरूत (Beirut explosion) के बंदरगाह पर हुए भीषण व‍िस्‍फोट को लेकर भले ही सरकार ने साफ़ कर दिया हो कि ये अमोनियम नाइट्रेट (Ammonia Nitrate)  की वजह से हुआ था लेकिन इस मामले में कई तरह के सवाल उठ रहे हैं. अब इटली (Itlay) के विस्‍फोटकों के जाने माने विशेषज्ञ डेनिलो कोप्‍पे (Daniel koppel) ने दावा किया है कि यह विस्‍फोट जलती हुई मिसाइलों से हुआ था. कोप्‍पे के इस दावे बेरूत ब्‍लास्‍ट को लेकर अटकलें और ज्‍यादा तेज हो गई हैं. उधर घटनास्थल पर मौजूद फ्रांस के रसायन विशेषज्ञ, लेफ्टिनेंट एंथनी ने कहा है कि जिस भी खतरनाक रसायन से ये धमका हुआ था ये अभी भी बंदरगाह में मौजूद है और स्थिति कभी भी बिगड़ सकती है.

'डायनामाइट' के नाम से चर्चित डेनिलो कोप्‍पे ने कहा कि 4 अगस्‍त को हुए इस विस्‍फोट की वजह अमोनियम नाइट्रेट नहीं था. उन्‍होंने कहा कि विस्‍फोट के बाद निकले धुएं का रंग नारंगी था जो अमोनियम नाइट्रेट की वजह से नहीं होता है. कोप्‍पे ने कहा कि जब अमोनियम नाइट्रेट जलता है तो इससे बहुत बड़े पैमाने पर पीला धुआं उठता है. हालांकि बेरूत से आए वीडियो में साफ-साफ देखा जा सकता है कि विस्‍फोट के बाद नारंगी रंग का धुआं उठ रहा है. उन्‍होंने कहा कि किसी ने निश्चित रूप से विस्‍फोट के लिए उत्‍प्रेरक का काम किया नहीं तो सभी विस्‍फोट एक साथ नहीं होते. धुएं का रंग देखकर लगता है कि इसमें लिथियम का इस्‍तेमाल किया गया है. ल‍िथियम का इस्‍तेमाल सेना की मिसाइलों में किया जाता है. मुझे लग रहा है कि वहां पर सेना के लिए हथियार रखे हुए थे.

खतरनाक रसायन अब भी मौजूद
रूत बंदरगाह में खतरनाक रसायन से भरे एक कंटेनर में रिसाव होने की जानकारी मिलने के बाद रासायनिक विशेषज्ञ और दमकल कर्मी रसायनों से भरे कम से कम 20 कंटेनरों को अच्छी तरह से बंद करने की दिशा में काम कर रहे हैं. रसायनों की सफाई के काम में लगी फ्रांस की टीम के एक सदस्य ने यह जानकारी दी है. घटनास्थल पर मौजूद फ्रांस के रसायन विशेषज्ञ, लेफ्टिनेंट एंथनी ने कहा कि पिछले हफ्ते बंदरगाह और लेबनानी राजधानी में हुए घातक विस्फोट के दौरान कुछ कंटेनरों में छेद हो गया था. एंथनी ने कहा कि बंदरगाह के मलबे के बीच काम कर रहे फ्रांसीसी और इतालवी रसायन विशेषज्ञों को अब तक 20 से अधिक कंटेनर मिले हैं जिनमें खतरनाक रसायन रखे हुए हैं.
उन्होंने सोमवार को एक टीवी साक्षात्कार में कहा, 'हमने खतरे वाले निशान के साथ रसायनों के कुछ कंटेनर देखे और फिर पाया कि उनमें से एक कंटेनर से रिसाव हो रहा है.' उन्होंने कहा कि विशेषज्ञ लेबनानी दमकल कर्मियों के साथ मिलकर इन कंटेनरों को अच्छी तरह से बंद करने और उनमें मौजूद सामग्रियों का आकलन करने के लिए काम कर रहे हैं. एंथनी ने कहा, 'हमें सबकुछ साफ करना होगा और सबको सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना होगा.' उन्होंने यह नहीं बताया कि ये रसायन क्या हैं या विस्तार से ब्यौरे नहीं दए। लेबनानी अधिकारियों ने बंदरगाह पर मौजूद रसायनों के खतरों की आशंका पर कोई टिप्पणी नहीं की है. बहरहाल, इस विस्फोट के बाद जनता के आक्रोश के मद्देनजर सोमवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया और कहा कि वह इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि देश में भ्रष्टाचार 'देश से बड़ा है.' तीन मंत्रियों के इस्तीफा देने के बाद टीवी पर दिए एक संक्षिप्त भाषण में प्रधानमंत्री हासन दियाब ने कहा कि वह और उनकी सरकार भी इस्तीफा दे रही है.
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