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Covid-19: आखिर क्यों इजरायल में बड़े पैमाने पर वैक्सीनेशन के बाद भी बढ़ रहे हैं कोरोना के केस?

रिसर्च के मुताबिक ये वायरस के खिलाफ मॉडर्ना वैक्सीन की तुलना में कम प्रभावी है. हो सकता है कि इसी वजह से यहां केस बढ़ें हों. (सांकेतिक तस्वीर)

रिसर्च के मुताबिक ये वायरस के खिलाफ मॉडर्ना वैक्सीन की तुलना में कम प्रभावी है. हो सकता है कि इसी वजह से यहां केस बढ़ें हों. (सांकेतिक तस्वीर)

Coronavirus In Israel: इस वक्त इजरायल में कोरोना का डेल्टा वेरिएंट तेज़ी से फैल रहा है. इस साल जून में यहां सार्वजनिक जगहों पर मास्क पहने की अनिवार्यता खत्म कर दी गई. इसके बाद कोरोना के संक्रमण में 5.4 परसेंट का उछाल देखा गया.

  • News18Hindi
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    यरुशलम. आपको याद होगा पिछले साल इजरायल में कोरोना वायरस (Coronavirus In Israel ) ने जम कर तबाही मचाई थी. बड़े संख्या में यहां लोगों की मौत हुई थी. इसके बाद इजरायल में लोगों को तेज़ी से वैक्सीन लगाई गई. हालत ये है कि आज देश में हर किसी को वैक्सीन की कम से कम एक डोज़ लग चुकी है. लेकिन इसके बावजूद देश में कोरोना के कहर ने दोबारा दस्तक दी है. हाल के दिनों में यहां बड़ी संख्या में लोग दोबारा इस वायरस का शिकार हो रहे हैं. आखिर कोरोना की इस नई लहर के पीछे क्या है वजह, आईए जानने की कोशिश करते हैं.

    इस वक्त इज़रायल में कोरोना का डेल्टा वेरिएंट तेज़ी से फैल रहा है. इस साल जून में यहां सार्वजनिक जगहों पर मास्क पहने की अनिवार्यता खत्म कर दी गई. इसके बाद कोरोना के संक्रमण में 5.4 परसेंट का उछाल देखा गया. जून के महीने में करीब 85 फीसदी लोगों को वैक्सीन देने के बाद स्कूल, बिजनेस और सारे ऑफिस खोल दिए गए. इसके बाद डेल्टा वेरिएंट के फैलने के साथ ही इजरायल में मामलों का बढ़ना शुरू हो गया और 2 सितंबर तक यहां हर दिन 11,316 मामले देखे गए जो अब तक के सबसे ज्यादा मामले हैं.

    ये भी पढ़ें:- Coronavirus: फिर 40 हजार के पार हुए कोविड के नए मामले, 24 घंटे में 43,263 केस; 338 की मौत

    वैक्सीन कम असरदार?
    अल जज़ीरा की एक रिपोर्ट के अनुसार, अधिकांश इज़रायलियों को फाइज़र वैक्सीन का टीका लगाया गया था. रिसर्च के मुताबिक ये वायरस के खिलाफ मॉडर्ना वैक्सीन की तुलना में कम प्रभावी है. हो सकता है कि इसी वजह से यहां केस बढ़े हों. यहां स्वास्थ्य मंत्रालय के कोरोना वायरस के सदस्य प्रोफेसर सिरिल कोहेन ने कहा, ‘ये सच है कि मॉडर्ना ने लोगों को संक्रमण से बेहतर ढंग से बचाया है, लेकिन दो टीके गंभीर बीमारी के खिलाफ प्रभावशीलता में लगभग बराबर हैं.’

    ब्रेकथ्रू केस के चलते बढ़ा संक्रमण
    इज़रायल बच्चों के लिए टीकाकरण शुरू करने वाले देशों में काफी आगे था. इसके अलावा यहां फाइजर-बायोएनटेक वैक्सीन का बूस्टर शॉट भी दिया जा रहा है. शोध ने सुझाव दिया कि समय के साथ वैक्सीन की प्रभावकारिता कम हो गई है. ब्लूमबर्ग के मुताबिक लगभग 100,000 लोगों को हर रोज़ टीका लगाया जा रहा है. इनमें से ज्यादातर को तीसरा शॉट लगाया जा रहा है. कहा जा रहा है कि यहां डेल्टा वेरिएंट तेज़ी से फैल रहा है. इसके अलावा कोरोना के ब्रेकथ्रू केस भी काफी ज्यादा आ रहे हैं. यानी टीका लगने के बाद भी कापी केस आ रहे हैं.

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