'बॉयफ्रेंड' के साथ भागने के शक में पिता ने हंसिया से काट दिया 14 साल की बेटी का गला

ईरान में एक किसान ने अपनी बेटी का गला काट दिया (सांकेतिक फोटो)
ईरान में एक किसान ने अपनी बेटी का गला काट दिया (सांकेतिक फोटो)

अशर्फी के रिश्तेदारों (Relatives) ने एक ईरानी अखबार (Iranian Newspaper) को बताया कि वकील ने उसे आश्वासन दिया कि लड़की के अभिभावक के रूप में उसे मृत्युदंड (Death Penalty) का सामना नहीं करना पड़ेगा, लेकिन 3 से 10 साल की जेल हो सकती है.

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तेहरान. इससे पहले कि वह अपनी 14 साल की बेटी का फसल काटने वाली हंसिया से गला काटता, रेजा अशरफी नाम के किसान (Farmer) ने एक वकील (Advocate) से फोन पर बात की. उनकी बेटी, रोमिना, उसने कहा, अपने 29 वर्षीय प्रेमी (Lover) के साथ भागकर परिवार को बदनाम करने वाली थी. उसने वकील से पूछा, अगर वह उसे मार देता है तो उसे क्या सजा मिलेगी?

अशर्फी के रिश्तेदारों (Relatives) ने एक ईरानी अखबार (Iranian Newspaper) को बताया कि वकील ने उसे आश्वासन दिया कि लड़की के अभिभावक के रूप में उसे मृत्युदंड (Death Penalty) का सामना नहीं करना पड़ेगा, लेकिन 3 से 10 साल की जेल हो सकती है.

पिता ने बेडरूम में जाकर काट दिया बेटी का गला
तीन हफ्ते बाद, 37 वर्षीय किसान अशरफी लड़की के बेडरूम (Bedroom) में घुसा, जहां वह सो रही थी और उसका सिर काट दिया.
उत्तरी ईरान के हरी पहाड़ियों के एक छोटे से गांव में पिछले महीने हुई एक तथाकथित ऑनर किलिंग ने देश को हिलाकर रख दिया है और महिलाओं और बच्चों के अधिकारों और उनकी सुरक्षा के लिए देश में सामाजिक, धार्मिक और कानूनी सिस्टम की विफलता पर एक राष्ट्रव्यापी बहस छेड़ दी है.



घटना के बाद सोशल मीडिया पर शुरू हुआ #MeToo अभियान
इसने महिलाओं के लिये सोशल मीडिया पर भी एक 'मीटू अभियान' (#MeToo Campaign) के लिए प्रेरित किया है, जो आमतौर पर दबा दी जाने वाली बातों को उजागर करने और पुरुष रिश्तेदारों के हाथों दुर्व्यवहार की कहानियों को सामने लाने की बात दिखाता है.

तेहरान में दो की 49 वर्षीय मां मीनू ने कहा कि उसके पति ने उसकी 17 वर्षीय बेटी को पीटा था जब उसने उसे गली में एक पुरुष मित्र के साथ देखा.

महिलाएं शेयर कर रही हैं, अपने साथ हुई हिंसा की कहानियां
PHD दर्शनशास्त्र की एक छात्रा हनीह राजाबी ने ट्वीट किया कि उसके पिता ने उसे बेल्ट से पीटा था और उसे एक हफ्ते के लिए स्कूल नहीं जाने दिया था क्योंकि वह स्कूल बस लेने के बजाय आइसक्रीम खरीदने के लिए कक्षा से घर पैदल चली गई थी.

अन्य लोगों ने बलात्कार (Rape), शारीरिक और भावनात्मक दुर्व्यवहार और सुरक्षा की तलाश में घर से भागने की कहानियों को साझा किया.

जबकि ईरान में तुलनात्मक तौर पर अच्छी है महिलाओं की स्थिति
किमिया अब्दुल्लाहज़ादेह ने ट्वीट किया, "हज़ारों रोमिना हैं जिनके पास इस देश में कोई सुरक्षा नहीं है." कई मायनों में, ईरान (Iran) में महिलाएं कई अन्य मध्य पूर्वी देशों की तुलना में बेहतर हैं.

ईरानी महिलाएं वकील, डॉक्टर, पायलट, फिल्म निर्देशक और ट्रक ड्राइवर के रूप में काम करती हैं. उनके पास विश्वविद्यालय (University) की 60% सीटें हैं और कर्मचारियों की संख्या 50% है. वे चुनाव लड़ सकती हैं, और वे संसद और मंत्रिमंडल में पद धारण कर सकती हैं.

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