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लीबिया: तानाशाह गद्दाफी के बेटे सैफ अल-इस्लाम को लगा झटका, राष्ट्रपति पद के लिए अयोग्य करार

लीबिया: तानाशाह गद्दाफी के बेटे सैफ अल-इस्लाम को लगा झटका, राष्ट्रपति पद के लिए अयोग्य करार

सैफ अल-इस्लाम को 2015 में राजधानी त्रिपोली (Tripoli) की एक अदालत ने मौत की सजा सुनाई थी.

सैफ अल-इस्लाम को 2015 में राजधानी त्रिपोली (Tripoli) की एक अदालत ने मौत की सजा सुनाई थी.

लीबिया (Libya) की उच्च राष्ट्रीय चुनाव समिति द्वारा बुधवार को जारी अयोग्य उम्मीदवारों की सूची में सैफ अल-इस्लाम गद्दाफी (Seif al-Islam Gadhafi) का नाम भी शामिल है. इस वजह से वह राष्ट्रपति चुनाव लड़ने के योग्य नहीं है. उसके पास समिति के फैसले के खिलाफ अदालत में अपील करने की शक्ति है.सैफ अल-इस्लाम को 2015 में राजधानी त्रिपोली (Tripoli) की एक अदालत ने मौत की सजा सुनाई थी. उस पर आरोप है कि उसने अपने पिता गद्दाफी के खिलाफ पद छोड़ने की मांग को लेकर हो रहे प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा का इस्तेमाल किया.

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    त्रिपोली. लीबिया (Libya) के शीर्ष चुनावी निकाय ने देश के तानाशाह रहे मोअम्मर गद्दाफी (Moammar Gadhafi) के बेटे सैफ अल-इस्लाम गद्दाफी (Seif al-Islam Gadhafi) को अगले महीने होने वाले राष्ट्रपति चुनावों में भाग लेने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया है. एक समय पर सैफ अल-इस्लाम को मोअम्मर गद्दाफी के उत्तराधिकारी के रूप में देखा जाता था. देश की उच्च राष्ट्रीय चुनाव समिति द्वारा बुधवार को जारी अयोग्य उम्मीदवारों की सूची में सैफ अल-इस्लाम गद्दाफी का नाम भी शामिल है. इस वजह से वह राष्ट्रपति चुनाव लड़ने के योग्य नहीं है. उसके पास समिति के फैसले के खिलाफ अदालत में अपील करने की शक्ति है.

    सैफ अल-इस्लाम को 2015 में राजधानी त्रिपोली (Tripoli) की एक अदालत ने मौत की सजा सुनाई थी. उस पर आरोप है कि उसने अपने पिता गद्दाफी के खिलाफ पद छोड़ने की मांग को लेकर हो रहे प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा का इस्तेमाल किया. हालांकि, लीबिया के प्रतिद्वंद्वी अधिकारियों ने इस फैसले पर सवाल उठाए हैं. सैफ अल-इस्लाम को 2011 के अरब स्प्रिंग के दौरान मानवता के खिलाफ अपराधों के आरोप में अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय ने भी वांटेड करार दिया हुआ है. संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व में सालों बाद लीबिया में 24 दिसंबर को राष्ट्रपति चुनाव का पहला दौर आयोजित होने वाला है.

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    लीबिया में जारी है राजनीतिक उथल-पुथल
    वहीं, चुनावों के दौरान होने वाली चिंताओं की वजह से लीबिया के लिए संयुक्त राष्ट्र के शीर्ष दूत ने हाल ही में अपने पद से इस्तीफा दे दिया. हालांकि, उन्होंने बुधवार को कहा कि वह वोट के माध्यम से जरूरत पड़ने पर पद पर बने रहने के लिए तैयार हैं. 2011 में मोअम्मर गद्दाफी को सत्ता से बेदखल करने के बाद से ही लीबिया में राजनीतिक उथल-पुथल है. पिछले दशक में लीबिया दो विरोधी सरकारों के बीच बंटा रहा है. इसमें से एक राजधानी त्रिपोली से सत्ता चला रही है, तो दूसरी देश के पूर्वी हिस्से से. दोनों सरकारों की वजह से देश में गृह युद्ध का सिलसिला जारी है और इस दौरान प्रमुख लोगों को मौत के घाट भी उतारा गया है.

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    लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से की है पीएचडी
    लीबिया के पूर्व तानाशाह के बेटे सैफ ने 14 नवंबर को सभा शहर में अपनी उम्मीदवारी के कागजात जमा किए. ये पहला मौका था, जब 49 वर्षीय सैफ अल-इस्लाम को सालों बाद सार्वजनिक रूप से देखा गया. लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स (London School of Economics) से पीएचडी की डिग्री हासिल करने वाले सैफ अल-इस्लाम की संभावित उम्मीदवारी की घोषणा ने देश भर में विवाद छेड़ दिया. उसे 2011 के अंत में जिंटान शहर में लड़ाकों ने पकड़ लिया था और फिर उसे 2017 में रिहा किया गया. राष्ट्रपति चुनाव में हिस्सा लेने के लिए कई हाई-प्रोफाइल उम्मीदवार भी सामने आए हैं. (एजेंसी इनपुट)

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