12 साल बाद बेंजामिन नेतन्याहू का शासन खत्म, नेफ्टाली बेनेट होंगे इजराइल के नए प्रधानमंत्री

मार्च में हुए चुनाव में  बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netnayahu) की पार्टी बहुमत के आंकड़े को नहीं छू पाई थी.

मार्च में हुए चुनाव में बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netnayahu) की पार्टी बहुमत के आंकड़े को नहीं छू पाई थी.

मार्च में हुए चुनाव में बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netnayahu) की पार्टी बहुमत के आंकड़े को नहीं छू पाई थी. उसके बाद से विपक्षी पार्टियों के बीच सत्ता को लेकर घमासान चल रहा था. सबसे बड़ी पार्टी होने के नेता होने के नाते नेतन्याहू को प्रधनमंत्री पद की शपथ दिलाई गई थी. हालांकि, वे बहुमत साबित नहीं कर पाए थे.

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यरूशलम. इजराइल (Israel) में जारी सियासी घमासान के बीच मौजूदा प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netnayahu) की सरकार का जाना तय हो गया है. विपक्षी राजनीतिक दलों में गठबंधन को लेकर सहमति बन गई है. समझौते के मुताबिक, अब दोनों पार्टी के नेता बारी-बारी से प्रधानमंत्री बनेंगे. सबसे पहले दक्षिणपंथी यामिना पार्टी के नेता नेफ्टाली बेनेट (Naftali Bennett) प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे. वे 2023 तक पीएम बने रहेंगे. फिर येश एटिड पार्टी के येर लेपिड प्रधानमंत्री बनेंगे.

मार्च में हुए चुनाव में बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netnayahu) की पार्टी बहुमत के आंकड़े को नहीं छू पाई थी. उसके बाद से विपक्षी पार्टियों के बीच सत्ता को लेकर घमासान चल रहा था. सबसे बड़ी पार्टी होने के नेता होने के नाते नेतन्याहू को प्रधनमंत्री पद की शपथ दिलाई गई थी. हालांकि, वे बहुमत साबित नहीं कर पाए थे.

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इसके बाद दूसरे नंबर की पार्टी और उनके सहयोगी दल को सरकार बनाने का न्यौता दिया गया था. इसके लिए उन्हें बुधवार यानी 2 जून की आधी रात तक बहुमत साबित करना था. अब विपक्षी पार्टियों के बीच समझौते के बाद 12 साल बाद नेतन्याहू का शासन खत्म हो रहा है.
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विपक्ष के नेता येर लेपिड ने सरकार बनाने की घोषणा की. उन्होंने बताया कि विपक्ष के आठ दलों के बीच गठबंधन हो गया है. अब वो सरकार बनाएंगे. उन्होंने राष्ट्रपति रुवेन रिवलिन को गठबंधन की सहमति की जानकारी दे दी है. राष्ट्रपति की मंजूरी मिलते ही नई सरकार को लेकर सदन में वोटिंग होगी, फिर पीएम और मंत्रियों को शपथ दिलाई जा सकेगी.

लेपिड ने कहा कि यह सरकार इजराइल के सभी नागरिकों के लिए काम करेगी. जिन लोगों ने हमें वोट दिया है उनके लिए भी और जिन्होंने नहीं दिया उनके लिए भी. इजराइल में एकजुटता बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है.

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