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  • सऊदी अरब में धार्मिक सुधारों की मांग तेज, क्राउन प्रिंस के इन फैसलों से बढ़ा विवाद

सऊदी अरब में धार्मिक सुधारों की मांग तेज, क्राउन प्रिंस के इन फैसलों से बढ़ा विवाद

सऊदी में हाल के दिनों में महिलाओं को कई आजादी दी गई हैं.

सऊदी में हाल के दिनों में महिलाओं को कई आजादी दी गई हैं.

सऊदी अरब लंबे समय से इस्लाम के एक तनाव से जुड़ा हुआ है, जिसे वहाबवाद (Wahhabism) के रूप में जाना जाता है. लेकिन, अब क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (Crown Prince Mohammed bin Salman), तेल-निर्भर अर्थव्यवस्था में विविधता लाने की जरूरत से प्रेरित हुए हैं.

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    रियाद. सऊदी अरब (Saudi Arabia) में धार्मिक पुनर्स्थापना की मांग तेज हो गई है. प्रार्थना के लिए हाई-डेसिबल अनाउंसमेंट करने वाले मुअज्जिन लंबे समय से सऊदी की पहचान का हिस्सा रहे हैं, लेकिन मस्जिद के लाउडस्पीकरों को सीमित करने की कार्रवाई सरकार के विवादास्पद सुधारों में से एक है. लेकिन, अब सरकार अपनी पुरानी छवि को फिर से स्थापित करने में जुट गई है.

    सऊदी अरब लंबे समय से इस्लाम के एक तनाव से जुड़ा हुआ है, जिसे वहाबवाद (Wahhabism) के रूप में जाना जाता है. लेकिन, अब क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (Crown Prince Mohammed bin Salman), तेल-निर्भर अर्थव्यवस्था में विविधता लाने की जरूरत से प्रेरित हुए हैं. उन्होंने धार्मिक समानांतर उदारीकरण अभियान की शुरुआत की है, क्योंकि सरकार को लगता है कि मौलवियों की शक्तियां कम हो गई हैं.

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    सऊदी सरकार ने अपनी धार्मिक पहचान के विपरीत जाकर पिछले महीने मस्जिद के लाउडस्पीकरों को उनकी अधिकतम क्षमता के एक तिहाई तक सीमित कर देने का आदेश दिया था. ध्वनि प्रदूषण को कम करने का हवाला देते हुए ये आदेश दिया गया, जो बेहद विवादास्पद रहा.

    'जकार्ता पोस्ट' की खबर के मुताबिक, हजारों मस्जिदों वाले देश में इस कदम के खिलाफ सोशल मीडिया पर कई कैंपेन चलाए गए. 'हम मस्जिद के वक्ताओं की वापसी की मांग करते हैं' हैशटैग के साथ एक ऑनलाइन कैंपेन भी चल रहा है. इस कैंपेन में मस्जिदों के लाउडस्पीकर की तर्ज पर रेस्तरां में तेज संगीत पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई. तेज संगीत पर कभी इस देश में बैन था, लेकिन अब उदारीकरण के प्रयासों के बीच ये आम बात है.

    एसेक्स विश्वविद्यालय में राजनीति के व्याख्याता अजीज अल्घाशियान ने एएफपी को बताया, 'देश अपनी नींव फिर से स्थापित कर रहा है. सऊदी एक आर्थिक रूप से संचालित देश बन रहा है, जो निवेशकों और पर्यटकों को अधिक आकर्षक कर सके.'

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    सऊदी अरब में हाल में सबसे उल्लेखनीय बदलाव धार्मिक पुलिस को हटाना था. ये पुलिस मॉल में लोगों का पीछा करती थी. मॉल में अगर कोई पुरुष किसी महिला से या कोई महिला किसी पुरुष से ज्यादा घनिष्ठता दिखाने की कोशिश करता था, तो ये पुलिसकर्मी उसमें दखल देते थे. (पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)

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