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अमेरिकी विदेशमंत्री बोले- देश के लिए खतरा है चीन, कोरोना से भी आगे चलेगी लड़ाई

News18Hindi
Updated: May 18, 2020, 10:19 PM IST
अमेरिकी विदेशमंत्री बोले- देश के लिए खतरा है चीन, कोरोना से भी आगे चलेगी लड़ाई
अमेरिकी विदेशमंत्री माइक पॉम्पियो ने कहा है कि अमेरिका के लिए खतरा है चीन.

अमेरिकी विदेशमंत्री माइक पॉम्पियो (Mike Pompeo) ने कहा है कि चीन (China) के साथ लड़ाई कोरोना वायरस (Coronavirus) तक सीमित नहीं है, ये लड़ाई लंबी चलेगी.

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वाशिंगटन: अमेरिका (America) के विदेशमंत्री माइक पॉम्पियो (Mike Pompeo) ने चीन (China) को अमेरिका के लिए खतरा बताया है. उन्होंने कहा है कि चीन के साथ लड़ाई सिर्फ कोरोना वायरस (Coronavirus) तक सीमित नहीं होगी, ये लंबी चलने वाली है. माइक पॉम्पियो ने कहा है कि चीन आजादी से प्यार करने वाले हर लोकतांत्रिक देश के लिए खतरा है. कम्यूनिस्ट सुपर पावर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना विस्तार कर रहा है.

डेली मेल की एक रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका के विदेशमंत्री माइक पॉम्पियो ने कहा है कि चीन ने साउथ चाइना सी में अपने वारशिप भेजकर वादे से मुकर गया है. वो हांगकांग में एक देश दो पॉलिसी की संभावना को भी खत्म कर रहा है.

पूरी दुनिया देख रही है चीन की हरकत
माइक पॉम्पियो ने कहा है कि अमेरिका और चीन के बीच विवाद का मुद्दा कोरोना वायरस से कहीं आगे चला गया है. उन्होंने कहा है कि मैं समझता हूं कि सिर्फ अमेरिका के लोग ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लोग इस खतरे को समझेंगे. पूरी दुनिया में अपनी आजादी से प्यार करने वाले लोकतांत्रिक देश इसे समझेंगे. वो चीन की कम्यूनिस्ट पार्टी की कार्रवाई को देख रहे हैं.



दोनों सुपरपावर के बीच बयानों की जंग में माइक पॉम्पियो का ये ताजा स्टेटमेंट है. कोरोना वायरस के संक्रमण फैलने को लेकर दोनों देश एकदूसरे से बयानों के जरिए भिड़ते रहे हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन की बैठक में भी अमेरिका ने कोरोना वायरस के स्रोत और उससे निपटने तरीके को लेकर स्वतंत्र जांच की मांग रख दी है.



अमेरिका ने लगाए हैं चीन पर गंभीर आरोप
इस मसले पर अमेरिका ने विश्व स्वास्थ्य संगठन की भी कड़ी आलोचना की है. अमेरिका ने आरोप लगाया था कि विश्व स्वास्थ्य संगठन चीन केंद्रित पॉलिसी बना रहा है. इसके बाद अमेरिका ने विश्व स्वास्थ्य संगठन की फंडिंग भी रोक दी.

पिछले महीने माइक पॉम्पियो ने चीन पर आरोप लगाया था कि वहां की कम्यूनिस्ट पार्टी ने कोरोना वायरस को लेकर पारदर्शी नीति नहीं अपनाई. उन्होंने कोरोना वायरस के सैंपल्स अमेरिका के साथ शेयर नहीं किए, जिससे महामारी को रोकने में मुश्किलें आईं.

शुक्रवार को चीन ने इस बात को माना कि उसने कोरोना वायरस के शुरुआती सैंपल्स नष्ट कर दिए थे. लेकिन उसने कहा कि ऐसा बायोसेफ्टी के लिहाज से किया गया था. इसी महीने माइक पॉम्पियो ने कहा था कि इस बात के काफी सबूत हैं कि कोरोना वायरस का संक्रमण वुहान की लेबोरेटरी से फैला.

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी कोरोना वायरस की जानकारी छिपाने को लेकर चीन पर हमले करते रहे हैं. उन्होंने भी कहा था कि पूरी दुनिया में कोरोना का संक्रमण वुहान की लेबोरेटरी से फैला. उन्होने कहा कि महामारी के मुआवाजे के तौर पर वो चीन पर 1 ट्रिलियन डॉलर का दावा ठोकेंगे.

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First published: May 18, 2020, 10:19 PM IST
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